- Home
- States
- Madhya Pradesh
- जिंदा रहने के लिए जानवरों का अनाज खा रहे लोग, खरपतवार की रोटी बनाकर भर रहे बच्चों का पेट
जिंदा रहने के लिए जानवरों का अनाज खा रहे लोग, खरपतवार की रोटी बनाकर भर रहे बच्चों का पेट
टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश). कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में कुछ ऐसी खबरें और तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो दिलों को झकझोर कर रख देने वाली हैं। जहां गरीब-मजदूर परिवारों को दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं हो पा रही है। ऐसी एक दुखद तस्वीर मध्य प्रदेश से सामने आई है। जहां एक बजुर्ग महिला पशुओं के लिए खिलाए जाने वाले समाई-कोदो (एक प्रकार का अनाज) के आटे से बनी रोटी खाने को मजबूर हैं।

दरअसल, यह भयावह मंजर छिदंवाड़ा जिले का है। जहां करीब 50 ऐसे परिवार हैं जिनके घरों का राशन खत्म हो गया है। सारी जमा पूंजी भी समाप्त हो गई। ऐसे में कोई दुकानदार उनको उधार राशन देने को तैयार नहीं है। आखिर में इन परिवारों ने खुद को जिंदा रखने के लिए जानवरों के लिए दिया जाने वाला भोजन यानि एक तरह की खरपतवार की रोटी बनाकर खाने को मजबूर हैं। फोटो में दिखाई दे रही यह बुजुर्ग महिला श्यामबाई आदिवासी है जो इस तरह खाना तैयार कर रही है। इस मामले पर तहसीलदार एमपी उदैनिया का कहना है कि जल्द ही इनके लिए राशन का इंतजाम किया जाएगा।
यह तस्वीर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की है। जहां महिलाएं एक तरह के खरपतवार कहे जाने वाले कोदी वा समई के आटे की रोटी बनाकर बच्चों का पेट भर रहे हैं। यह लोग डेली कमाकर खाने वाले हैं। लेकिन लॉकडाउन होने से मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इन परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल होते दिख रहा है।
यह तस्वीर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की है। जहां लोहादेवी गांव के रहने वाले श्रीचंद जाटव ने चाइल्ड हेल्प लाइन के 1098 नंबर पर कॉल कर अपने बच्चों के लिए भोजन मंगवाया। युवक ने कहा-साहब मेरे आठ बच्चे भूखे हैं, घर का अनाज और पैसा खत्म हो गया है। हम तीन दिन से चावल पकाकर खा रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों का पेट नहीं भर रहा है। वह रोटी की रट लगाए हुए हैं। कुछ आटा या अनाज भिजवा दीजिए।
तस्वीर में दिख रहे यह लोग एमपी के डबरा जिले के छीमक गांव के हैं। जो बाहर मजदूरी करने के लिए गए थे, लॉकडाउन के चलते कुछ भी राशन खरीद नहीं पाए। अब एक-एक दाने के लिए मोहताज हो रहे हैं।
ऐसी ही एक तस्वीर तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसमें एक बुजुर्ग महिला अपनी भूख मिटाने के लिए राख खाने को मजबूर हो गई। यह तस्वीर मध्य प्रदेश के छिदंवाड़ा जिले में देखने को मिली।
कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो इस संकट की घड़ी में अपने बच्चों का पेट पानी पिलाकर कर रहे हैं। यह तस्वीर हरियाणा में फंसे बिहार के नालंदा के एक मजदूर परिवार की है। जो एक टाइम का खाना खाकर गुजर बसर कर रहा है। जब बच्चों को भूख लगती है तो मां उनको पानी पिला देती है। हालांकि, हरियाणा प्रशासन इन प्रवासी मजदूरों को लिए खिचड़ी बांट रही है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।