शिव के 'पंच' प्यारे: एक शर्माजी की खास तो दो सिंधिया के करीबी..लेकिन इस एक नाम ने सबको चौंकाया...

First Published 21, Apr 2020, 1:59 PM

भोपाल. लंबे इंतज़ार के बाद मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का आज ‘कोरोना लॉकडाउन-2’ के बीच गठन हो गया।  दोपहर 12 बजे राजभवन में आयोजित एक बेहद सादे समारोह में राज्यपाल लालजी टंडन ने पांचों मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्री पद की शपथ लेने वालों में नरोत्तम मिश्रा, तुलसी सिलावट, कमल पटेल, गोविंद राजपूत और मीना सिंह के नाम शामिल हैं। 

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बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच अलग-अलग समाज के मंत्रियों को प्रतिनिधित्व देकर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है। ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, मालवा, विंध्य और मध्य क्षेत्र से एक-एक को कैबिनेट में शामिल किया गया है। शिवराज सिंह चौहान की इस कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम कमल पटेल है, जिसने सबको चौंकाया है। क्योंकि वह लंबे वक्त से पार्टी के हशिये पर थे, वो अपने बेटे के चलते चर्चा में रह चुके हैं।  बेटे पर कई आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं। इसी वजह से उनकी राजनीति और कद पर संकट के बादल भी मंडराये। इतना ही नहीं वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के विरोधी भी माने जाते हैं।</p>


बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच अलग-अलग समाज के मंत्रियों को प्रतिनिधित्व देकर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है। ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, मालवा, विंध्य और मध्य क्षेत्र से एक-एक को कैबिनेट में शामिल किया गया है। शिवराज सिंह चौहान की इस कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम कमल पटेल है, जिसने सबको चौंकाया है। क्योंकि वह लंबे वक्त से पार्टी के हशिये पर थे, वो अपने बेटे के चलते चर्चा में रह चुके हैं।  बेटे पर कई आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं। इसी वजह से उनकी राजनीति और कद पर संकट के बादल भी मंडराये। इतना ही नहीं वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के विरोधी भी माने जाते हैं।

<p>1. 60 साल के नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सीनियर और कद्दावर नेता हैं। वे शिवराज कैबिनेट के पुराने सदस्य और दतिया जिले के डबरा से विधायक के अलावा ब्राह्मण चेहरा हैं। इसके अलावा वो सीएम के काफी करीबी भी माने जाते हैं। 'ऑपरेशन लोटस' में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका रही थी। क्रेंद्रीय नेताओं की भी वह पहली पंसद हैं। चुनाव आयोग के अनुसार वह 6.88 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।<br />
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1. 60 साल के नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सीनियर और कद्दावर नेता हैं। वे शिवराज कैबिनेट के पुराने सदस्य और दतिया जिले के डबरा से विधायक के अलावा ब्राह्मण चेहरा हैं। इसके अलावा वो सीएम के काफी करीबी भी माने जाते हैं। 'ऑपरेशन लोटस' में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका रही थी। क्रेंद्रीय नेताओं की भी वह पहली पंसद हैं। चुनाव आयोग के अनुसार वह 6.88 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।
 

<p>2. कमल पटेल भी शिवराज कैबिनेट के पुराने सदस्य और हरदा से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक हैं। कमल पटेल संघ और कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, वह 6.43 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।</p>

2. कमल पटेल भी शिवराज कैबिनेट के पुराने सदस्य और हरदा से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक हैं। कमल पटेल संघ और कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, वह 6.43 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।

<p>3. मीना सिंह महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं, वह अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती हैं। वर्तमान में वग उमरिया जिले से विधायक हैं। 48 साल की मीना सिंह मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की करीबी माना जाती हैं। वह 1.68 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं।</p>

3. मीना सिंह महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं, वह अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती हैं। वर्तमान में वग उमरिया जिले से विधायक हैं। 48 साल की मीना सिंह मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की करीबी माना जाती हैं। वह 1.68 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं।

<p>4. तुलसी सिलावट- कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। वह कुछ दिन पहले कांग्रेस का विधायक पद त्यागकर भाजपा में शामिल हुए हैं। 65 साल के सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति माने जाते हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। मालवा क्षेत्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। वह 8.26 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।</p>

4. तुलसी सिलावट- कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। वह कुछ दिन पहले कांग्रेस का विधायक पद त्यागकर भाजपा में शामिल हुए हैं। 65 साल के सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति माने जाते हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। मालवा क्षेत्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। वह 8.26 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।

<p>5. गोविंद राजपूत- कमलनाथ सरकार में मंत्री और विधायक पद त्यागकर भाजपा में शामिल हुए हैं। वह बुंदेलखंड से प्रतिनिधित्व और ठाकुर नेता हैं। वो सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। 54 साल के राजपूत भी सिलावट की तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति माने जाते हैं।  चुनाव आयोग के अनुसार, वह 3.87 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।</p>

5. गोविंद राजपूत- कमलनाथ सरकार में मंत्री और विधायक पद त्यागकर भाजपा में शामिल हुए हैं। वह बुंदेलखंड से प्रतिनिधित्व और ठाकुर नेता हैं। वो सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। 54 साल के राजपूत भी सिलावट की तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति माने जाते हैं।  चुनाव आयोग के अनुसार, वह 3.87 करोड़ संपत्ति के मालिक हैं।

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बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संकट के बीच 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह अब तक 29 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इतने दिन पर वह अकेले ही सरकार से सारे विभाग संभाल रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनपर आरोप लगाया था कि देश में शिवराज सिंह ऐसे सीएम हैं जो कोरोना के संकट में बिना मंत्रियों की सरकर चला रहे हैं।</p>


बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संकट के बीच 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह अब तक 29 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इतने दिन पर वह अकेले ही सरकार से सारे विभाग संभाल रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनपर आरोप लगाया था कि देश में शिवराज सिंह ऐसे सीएम हैं जो कोरोना के संकट में बिना मंत्रियों की सरकर चला रहे हैं।

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