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हम तुम एक कमरे में...और फेरे हो जाएं, दूसरे दूल्हे को देखिए, बाइक से अकेले ही दुल्हन को ब्याह लाया

First Published Apr 27, 2020, 10:55 AM IST
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भोपाल, मध्य प्रदेश. कोरोना संक्रमण ने सिर्फ जिंदगी पर ही असर नहीं डाला है, बल्कि धार्मिक-सामाजिक संस्कारों और रीति-रिवाजों के मायने भी बदल दिए हैं। रविवार को अक्षय तृतीया पर भी कोरोना संक्रमण का असर देखा गया। अक्षय तृतीया पर संभवत: ऐसा पहली बार हुआ कि मंडप सूने पड़े रहे, दूल्हा-दुल्हन ने 2-4 लोगों की मौजूदगी में 7 फेरे लिए। ऐसा मजबूरी थी, क्योंकि लॉकडाउन ने सबकुछ बंद कर दिया है। आमतौर पर अक्षय तृतीया पर हजारों शादियां होती रही हैं, लेकिन इस बार यह संख्या बहुत कम रही। जो थोड़ी-बहुत शादियां हुईं, उनमें दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने 2-4 लोग ही मौजूद रहे। बाकी लोग वीडियो कॉल पर शादी के गवाह बने। पहली तस्वीर रतलाम की है। यहां लॉकडाउन में अपनी ससुराल में फंसे दूल्हे को एक कमरे में 7 फेरे लेने पड़े। दूसरी तस्वीर महाकाल की नगरी उज्जैन की है। यहां एक दूल्हा अपनी दुल्हन को ब्याहने बाइक से इंदौर पहुंचा। वहां से बाइक पर बैठाकर ही दुल्हन को घर ले आया। 

पहली तस्वीर रतलाम की है। यह कपल है चार्टर्ड नरेंद्र पिरताणी और आरती। नरेंद्र अपनी दुल्हन के लिए गहने खरीदने लुनकरण (राजस्थान) से 18 मार्च को रतलाम आए थे। इसी दौरान लॉकडाउन हो गया। लिहाजा, उन्हें अपने परिवार की गैरमौजूदगी में ससुराल में ही एक कमरे में 7 फेरे लेने पड़े। इस शादी में दूल्हे के माता-पिता वीडियो कॉलिंग के जरिये शामिल हुए। दूसरी तस्वीर में उज्जैन के महालक्ष्मीनगर निवासी दीपक जाट हैं। वे अक्षया तृतीया पर बाइक से इंदौर पहुंचे। वहां शादी करके बाइक पर बैठाकर ही दुल्हन को घर ले आए। शादी में पंडितजी मौजूद नहीं थे। उन्होंने वीडिया कॉलिंग के जरिये मंत्रोच्चार किया। लौटते वक्त निनौरा नाके पर दूल्हा-दुल्हन को पुलिस ने रोका। हालांकि, पूरी बात सुनने के बाद पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन के साथ फोटो खिंचवाया और बधाई दी।

आगे पढ़िये अक्षय तृतीया से पहले हुईं कुछ अनूठी शादियों की कहानियां..

 

पहली तस्वीर रतलाम की है। यह कपल है चार्टर्ड नरेंद्र पिरताणी और आरती। नरेंद्र अपनी दुल्हन के लिए गहने खरीदने लुनकरण (राजस्थान) से 18 मार्च को रतलाम आए थे। इसी दौरान लॉकडाउन हो गया। लिहाजा, उन्हें अपने परिवार की गैरमौजूदगी में ससुराल में ही एक कमरे में 7 फेरे लेने पड़े। इस शादी में दूल्हे के माता-पिता वीडियो कॉलिंग के जरिये शामिल हुए। दूसरी तस्वीर में उज्जैन के महालक्ष्मीनगर निवासी दीपक जाट हैं। वे अक्षया तृतीया पर बाइक से इंदौर पहुंचे। वहां शादी करके बाइक पर बैठाकर ही दुल्हन को घर ले आए। शादी में पंडितजी मौजूद नहीं थे। उन्होंने वीडिया कॉलिंग के जरिये मंत्रोच्चार किया। लौटते वक्त निनौरा नाके पर दूल्हा-दुल्हन को पुलिस ने रोका। हालांकि, पूरी बात सुनने के बाद पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन के साथ फोटो खिंचवाया और बधाई दी।

आगे पढ़िये अक्षय तृतीया से पहले हुईं कुछ अनूठी शादियों की कहानियां..

 

यह शादी अहमदाबाद में हुई थी। दुल्हन सिमरन तिवारी मूलत: इंदौर के निपानिया स्थित तुलसीयाना रेसीडेंसी में रहती हैं। वे अहमदाबाद में जॉब करती हैं। 20 अप्रैल को उनका विवाह अहमदाबाद के रहने वाले एक बिजनेसमैन दिव्य गांधी से हुआ। सिमरन की मां गौरी तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी की सगाई 9 फरवरी को हो गई थी। ऐसे में शादी टालना उचित नहीं लगा। यह अलग बात है कि वे अपनी ही बेटी की शादी में नहीं जा सकीं। बता दें कि सिमरन के पिता सुधीर तिवारी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं।

यह शादी अहमदाबाद में हुई थी। दुल्हन सिमरन तिवारी मूलत: इंदौर के निपानिया स्थित तुलसीयाना रेसीडेंसी में रहती हैं। वे अहमदाबाद में जॉब करती हैं। 20 अप्रैल को उनका विवाह अहमदाबाद के रहने वाले एक बिजनेसमैन दिव्य गांधी से हुआ। सिमरन की मां गौरी तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी की सगाई 9 फरवरी को हो गई थी। ऐसे में शादी टालना उचित नहीं लगा। यह अलग बात है कि वे अपनी ही बेटी की शादी में नहीं जा सकीं। बता दें कि सिमरन के पिता सुधीर तिवारी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं।

सूरत में 16 अप्रैल को हुई यह शादी भी लॉकडाउन के कारण अलग तरह से हुई। अगर लॉकडाउन न होता, तो यह शादी भव्य तरीके से होती, लेकिन अब दूल्हा-दुल्हन ने घर की छत पर 7 फेरे लिए..वो भी सिर्फ 30 मिनट में। इस शादी में दूल्हा-दुल्हन की ओर से दो-तीन लोग ही शामिल हुए। बाकी लोग वीडियो कॉल पर इस शादी के गवाह बने। बता दें कि गुजरात के रहने वाले दिशांत पूनमिया की दुल्हन पूजा बरनोता की 6 महीने पहल शादी तय हुई थी। यह शादी राजस्थान में 16 अप्रैल को होनी थी।

सूरत में 16 अप्रैल को हुई यह शादी भी लॉकडाउन के कारण अलग तरह से हुई। अगर लॉकडाउन न होता, तो यह शादी भव्य तरीके से होती, लेकिन अब दूल्हा-दुल्हन ने घर की छत पर 7 फेरे लिए..वो भी सिर्फ 30 मिनट में। इस शादी में दूल्हा-दुल्हन की ओर से दो-तीन लोग ही शामिल हुए। बाकी लोग वीडियो कॉल पर इस शादी के गवाह बने। बता दें कि गुजरात के रहने वाले दिशांत पूनमिया की दुल्हन पूजा बरनोता की 6 महीने पहल शादी तय हुई थी। यह शादी राजस्थान में 16 अप्रैल को होनी थी।

यह शादी मुंबई में हुई थी। मुंबई के दूल्हे संदीप डंग ने यूपी के बरेली की दुल्हन कीर्ति नारंग से एक वेबसाइट जूम एप पर ऑनलाइन शादी की। जहां इस वर्चुअल (वीडियो के जरिए) शादी में 150 से ज्यादा बाराती और रिश्तेदार शामिल हुए। जिस वक्त दोनों फेरे ले रहे थे, उस दौरान यह लोग लाइव वीडियो के जरिए देख रहे थे।

यह शादी मुंबई में हुई थी। मुंबई के दूल्हे संदीप डंग ने यूपी के बरेली की दुल्हन कीर्ति नारंग से एक वेबसाइट जूम एप पर ऑनलाइन शादी की। जहां इस वर्चुअल (वीडियो के जरिए) शादी में 150 से ज्यादा बाराती और रिश्तेदार शामिल हुए। जिस वक्त दोनों फेरे ले रहे थे, उस दौरान यह लोग लाइव वीडियो के जरिए देख रहे थे।

यह शादी उप्र के हमीरपुर जिले के नादौन के गांव मबालघाट में हुई। दूल्हा अंकुश कुमार हमीरपुर के महल गांव में रहता है। लॉकडाउन के चलते मेहमानों को बुलाना संभव नहीं था। लिहाजा, दूल्हे ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुछ लोगों की मौजूदगी में यह शादी की।

यह शादी उप्र के हमीरपुर जिले के नादौन के गांव मबालघाट में हुई। दूल्हा अंकुश कुमार हमीरपुर के महल गांव में रहता है। लॉकडाउन के चलते मेहमानों को बुलाना संभव नहीं था। लिहाजा, दूल्हे ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुछ लोगों की मौजूदगी में यह शादी की।

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