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गजब कारनामा: मुंबई में 80 साल के बुजुर्ग का आया 80 करोड़ का बिजली बिल, देखते ही तबीयत खराब

First Published Feb 24, 2021, 5:35 PM IST
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मुंबई. अक्सर बिजली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। मुंबई से ऐसा ही एक लापरवाही की हद पार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसकी चर्चा आज हर कोई कर रहा है। यहां बिजली विभाग ने एक 80 साल के बुजुर्ग को 80 करोड़ रुपए का बिल भेज दिया। सबसे खास बात यह है कि यह बिल सिर्फ दो महीने का है। जैसे ही बुजुर्ग ने अपना बिल देखा तो उनके होश ठिकाने पर नहीं रहे। वह सदमे में आ गए और ब्लड  प्रेशर बढ़ने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। आलम यह था कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। फिलहाल उनकी हालत ठीक है और वह घर पर आ चुके हैं।
 

दरअसल, लापरवाही का यह मामला वसई इलाके के निर्मल गांव से सामने आया है। जहां के निवासी 80 वर्षीय गणपत नाईक को बिजली कंपनी ने 80 करोड़ रुपए का बिल भेजा है।  गणपत नाईक पास में ही कई सालों से राइस मिल चलाते हैं। जिससे उनका  हर महीने का बिल करीब  5 से 6 हजार रुपए आता है। लेकिन जब उन्होंने इस बार अपना बिजली बिले देखा तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई।

दरअसल, लापरवाही का यह मामला वसई इलाके के निर्मल गांव से सामने आया है। जहां के निवासी 80 वर्षीय गणपत नाईक को बिजली कंपनी ने 80 करोड़ रुपए का बिल भेजा है।  गणपत नाईक पास में ही कई सालों से राइस मिल चलाते हैं। जिससे उनका  हर महीने का बिल करीब  5 से 6 हजार रुपए आता है। लेकिन जब उन्होंने इस बार अपना बिजली बिले देखा तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई।


गणपत नाईक वसई में करीब 20 साल से एक चावल मिल चलाता है। उनके साथ में उनका परिवार भी रहता है। बजुर्ग का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से उनका धंधा वैसे ही चौपट हो गया है। अब इतने बिल के बाद परिवार को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें।


गणपत नाईक वसई में करीब 20 साल से एक चावल मिल चलाता है। उनके साथ में उनका परिवार भी रहता है। बजुर्ग का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से उनका धंधा वैसे ही चौपट हो गया है। अब इतने बिल के बाद परिवार को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें।


बुजुर्ग गणपत नाइक ने अपना दर्द मीडिया से शेयर करते हुआ कहा कि आखिर बिजली कंपनी इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकती है। क्या बिल भेजने से पहले विभाग के लोग मीटर चेक नहीं करते हैं। इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। सदमें मे किसी जान भी जा सकती है। हर महीने के हिसाब से अब तक ज्यादा से ज्यादा बिजली का बिल 54 हजार आया है। सिर्फ दिसंबर और जनवरी का बिल 80 करोड़ कैसे बन सकता है।
 


बुजुर्ग गणपत नाइक ने अपना दर्द मीडिया से शेयर करते हुआ कहा कि आखिर बिजली कंपनी इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकती है। क्या बिल भेजने से पहले विभाग के लोग मीटर चेक नहीं करते हैं। इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। सदमें मे किसी जान भी जा सकती है। हर महीने के हिसाब से अब तक ज्यादा से ज्यादा बिजली का बिल 54 हजार आया है। सिर्फ दिसंबर और जनवरी का बिल 80 करोड़ कैसे बन सकता है।
 


बता दें कि  मुंबई में इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ( MSEDCL) ने  गणपत नाईक को  80 करोड़ 13 लाख 89 हजार 6 रुपए का बिल भेज दिया। जब कंपनी को अपनी लापरीवाही के बार में पता चला तो बुधवार को बिजली बोर्ड के अधिकारी सुरेंद्र मोनेरो ने कहा कि यह एक अनजानी गलती थी। जल्द ही गणपत नाईक का बिल ठीक कर दिया जाएगा। क्योंकि कंपनी गलती से 6 की बजाय 9 अंकों का बिल बना दिया था।


बता दें कि  मुंबई में इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ( MSEDCL) ने  गणपत नाईक को  80 करोड़ 13 लाख 89 हजार 6 रुपए का बिल भेज दिया। जब कंपनी को अपनी लापरीवाही के बार में पता चला तो बुधवार को बिजली बोर्ड के अधिकारी सुरेंद्र मोनेरो ने कहा कि यह एक अनजानी गलती थी। जल्द ही गणपत नाईक का बिल ठीक कर दिया जाएगा। क्योंकि कंपनी गलती से 6 की बजाय 9 अंकों का बिल बना दिया था।


पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र में लगातार बिजली के बिल बढ़े हुए आ रहे हैं। बिल को मुद्दा बनाकर मनसे  (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना)  कुछ महीनों से आंदोलन भी कर रही है। इतना ही ही नहीं कुछ दिन पहले शिवसैनिकों ने बिजली विभाग के ऑफिस में जाकर तोड़फोड़ भी की थी।
 


पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र में लगातार बिजली के बिल बढ़े हुए आ रहे हैं। बिल को मुद्दा बनाकर मनसे  (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना)  कुछ महीनों से आंदोलन भी कर रही है। इतना ही ही नहीं कुछ दिन पहले शिवसैनिकों ने बिजली विभाग के ऑफिस में जाकर तोड़फोड़ भी की थी।
 

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