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20 साल के बेटे ने की पिता-दादा की हत्या, फिर खुद छठी मंजिल से कूदा..युवक की क्रूरता देख हर कोई डर गया

First Published Mar 7, 2021, 1:33 PM IST
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मुंबई. मायानगरी मुंबई से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिसके बाद से इलाके में रहने वाला हर कोई शॉक्ड है, सभी बात कर रहे हैं कि आखिर कोई ऐसा कैसे कर सकता है। यहां एक 20 वर्षीय युवक ने अपने पिता और दादा को दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद खुद ने इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला सामने आने के बाद से पुलिस में हड़कंप मच गया।


दरअसल, यह सनसनीखेज वारदात शनिवार को मुंबई के मुलुंड इलाके में हुई। जिसे शार्दुल मांगले नाम के युवक ने अंजाम दिया है। जहां उसने अपने 55 वर्षीय पिता मिलिंद और 85 वर्षीय दादा सुरेश की चाकू से गला रेतकर हत्या की। इसके बाद छठीं मंजिल पर स्थित अपने घर से कूदकर आत्महत्या कर ली। 


दरअसल, यह सनसनीखेज वारदात शनिवार को मुंबई के मुलुंड इलाके में हुई। जिसे शार्दुल मांगले नाम के युवक ने अंजाम दिया है। जहां उसने अपने 55 वर्षीय पिता मिलिंद और 85 वर्षीय दादा सुरेश की चाकू से गला रेतकर हत्या की। इसके बाद छठीं मंजिल पर स्थित अपने घर से कूदकर आत्महत्या कर ली। 


पुलिज जांच में सामने आया है कि आरोपी शार्दुल मांगले दादा-पिता के साथ मुलुंड की वसंत ऑस्कर सोसायटी में स्थित ब्लिस नाम की इमारत में रहता था। जबकि उसकी मां पिता से अलग अपनी बेटी के साथ रहती है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से परेशान था। 


पुलिज जांच में सामने आया है कि आरोपी शार्दुल मांगले दादा-पिता के साथ मुलुंड की वसंत ऑस्कर सोसायटी में स्थित ब्लिस नाम की इमारत में रहता था। जबकि उसकी मां पिता से अलग अपनी बेटी के साथ रहती है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से परेशान था। 


नौकर आनंद ने बताया कि शार्दुल हरकतें डरावनी थीं। इससे पहले वह अपने नाना-नानी के साथ रहता था। लेकिन, वह उन्हें परेशान करता था, इसलिए पिता उसे अपने घर ले कर आ गए थे। पड़ोसियों के अनुसार माता-पिता के अलग होने के बाद से शार्दुल की दिमागी स्थिति खराब थी।


नौकर आनंद ने बताया कि शार्दुल हरकतें डरावनी थीं। इससे पहले वह अपने नाना-नानी के साथ रहता था। लेकिन, वह उन्हें परेशान करता था, इसलिए पिता उसे अपने घर ले कर आ गए थे। पड़ोसियों के अनुसार माता-पिता के अलग होने के बाद से शार्दुल की दिमागी स्थिति खराब थी।


बताया जाता है कि परिवार के साथ आनंद कांबले नाम का एक नौकर भी रहता था। उसने इस पूरी वारदात को देखा और पुलिस को बताया। नौकर ने बताया कि सुबह 9  बजे के करीब वह किचन में काम कर रहा था तभी उसने मिलिंद की चीख सुनी। उसने बाहर आकर देखा कि शार्दुल अपने पिता और दादा के गले पर चाकू से वार कर रहा था। उसने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन डर के चलते उसने खुद को बाथरुम में बंद कर लिया। 


बताया जाता है कि परिवार के साथ आनंद कांबले नाम का एक नौकर भी रहता था। उसने इस पूरी वारदात को देखा और पुलिस को बताया। नौकर ने बताया कि सुबह 9  बजे के करीब वह किचन में काम कर रहा था तभी उसने मिलिंद की चीख सुनी। उसने बाहर आकर देखा कि शार्दुल अपने पिता और दादा के गले पर चाकू से वार कर रहा था। उसने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन डर के चलते उसने खुद को बाथरुम में बंद कर लिया। 


इमारत से गिरते ही शार्दुल ने दम तोड़ दिया, यह देख आसपाक के लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद वाचमैन कुछ अन्य लोगों के साथ शार्दुल के घर में पहुंचा, जहां बेडरूम में पिता और दादा का खून से सना शव पड़ा हुआ था। फिल पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।


इमारत से गिरते ही शार्दुल ने दम तोड़ दिया, यह देख आसपाक के लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद वाचमैन कुछ अन्य लोगों के साथ शार्दुल के घर में पहुंचा, जहां बेडरूम में पिता और दादा का खून से सना शव पड़ा हुआ था। फिल पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।

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