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लॉकडाउन में भूख-प्यास से तड़प रहा था अंधा-बहरा यह डॉग, मिला साथ देने वाला रोबोट

First Published Feb 17, 2021, 4:50 PM IST
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लखनऊ, यूपी. एक डॉग और उसके लिए मसीहा बनकर सामने आए एक युवक की यह कहानी लॉकडाउन के समय शुरू होती है। लॉकडाउन में जब लोग घरों में कैद होकर रह गए थे, तब स्ट्रीट डॉग्स की जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई थी। उन्हें खाने-पीने की दिक्कत होने लगीं। कई लोग इन जानवरों की मदद के लिए आगे आए। लेकिन यह केस बाकियों से अलग है। यह डॉग अंधा और बहरा है। लॉकडाउन से पहले यह एक जगह बैठा रहता था। वहां आते-जाते लोग उसे कुछ न कुछ खिला देते थे। लेकिन लॉकडाउन में इसके लिए जीना मुश्किल हो गया। तभी मिलिंद राजा नामक एक युवक की नजर उस पर पड़ी। युवक ने डॉगी की हालत देखी, तो उससे रहा नहीं गया। उसने एक एक ऐसा रोबोट बनाया, जो डॉग की मदद करता है।

मिलिंद राजा लॉ क स्टूडेंट हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन वे कहीं जा रहे थे, तभी उनकी नजर इस डॉग पर पड़ी। वो बेहद दयनीय हालत में था। मिलिंद उस डॉग को उठाकर अपने घर ले आए। उसे खाना दिया।
 

मिलिंद राजा लॉ क स्टूडेंट हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन वे कहीं जा रहे थे, तभी उनकी नजर इस डॉग पर पड़ी। वो बेहद दयनीय हालत में था। मिलिंद उस डॉग को उठाकर अपने घर ले आए। उसे खाना दिया।
 

डॉग को देखकर मिलिंद को कुछ अजीब सा लगा। मिलिंद उसे लेकर डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने जब डॉग का चेकअप किया, तब मालूम चला कि उसे दिखाई नहीं देता। वो बहरा भी है।

डॉग को देखकर मिलिंद को कुछ अजीब सा लगा। मिलिंद उसे लेकर डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने जब डॉग का चेकअप किया, तब मालूम चला कि उसे दिखाई नहीं देता। वो बहरा भी है।

मिलिंद ने डॉग की मदद के लिए एक ऐसा रोबोट बनाने की सोची, जो उसे खाना खिला सके। उसकी देखभाल कर सके। काफी कोशिशों के बाद मिलिंद अपने मकसद में कामयाब हुए।

मिलिंद ने डॉग की मदद के लिए एक ऐसा रोबोट बनाने की सोची, जो उसे खाना खिला सके। उसकी देखभाल कर सके। काफी कोशिशों के बाद मिलिंद अपने मकसद में कामयाब हुए।

मिलिंद पहले भी ऐसे प्रयोग करते रहे हैं। इस डॉग के लिए रोबोट बनाकर मिलिंद को बेहद खुशी हुई।
 

मिलिंद पहले भी ऐसे प्रयोग करते रहे हैं। इस डॉग के लिए रोबोट बनाकर मिलिंद को बेहद खुशी हुई।
 

लखनऊ के गोमती नगर में रहने वाले मिलिंद कहते हैं कि रोबोट की मदद से डॉग को काफी सहूलियत हुई। बेशक उसे दिखाई नहीं देता, लेकिन वो स्पर्श से अपने और परायों की पहचान कर लेता है।

लखनऊ के गोमती नगर में रहने वाले मिलिंद कहते हैं कि रोबोट की मदद से डॉग को काफी सहूलियत हुई। बेशक उसे दिखाई नहीं देता, लेकिन वो स्पर्श से अपने और परायों की पहचान कर लेता है।

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