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जिस डॉक्टर ने उठाए थे सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल, उनके पुराने व्हाट्सएप चैट से हुआ बड़ा खुलासा

First Published Oct 5, 2020, 11:44 AM IST
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नई दिल्ली/मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत केस में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एम्स के फॉरेंसिक डिपार्टमेंट के हेड डॉक्टर सुधीर गुप्ती ने कहा है कि सुशांत ने आत्महत्या की थी। हत्या का एंगल पूरी तरह से खारिज कर दिया। एम्स के डॉक्टर्स के पैनल ने सुसांत के 20% विसरा के सैंपल पर रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि, एम्स या सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब इस मामले में डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने यू टर्न लिया है। रिपब्लिक मीडिया की एक रिपोर्ट के इसे लेकर बड़ा खुलासा किया गया है।
 

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, जब 22 अगस्त को एम्स के पैनल का गठन किया गया था तब डॉ. सुधीर गुप्ता ने कूपर अस्पताल की रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए थे। डॉ. सुधीर गुप्ता ने स्पष्ट किया था कि क्राइम सीन से छेड़छाड़ की गई थी। यह भी आरोप लगाया गया कि सबूतों से छेड़छाड़ की गई।
 

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, जब 22 अगस्त को एम्स के पैनल का गठन किया गया था तब डॉ. सुधीर गुप्ता ने कूपर अस्पताल की रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए थे। डॉ. सुधीर गुप्ता ने स्पष्ट किया था कि क्राइम सीन से छेड़छाड़ की गई थी। यह भी आरोप लगाया गया कि सबूतों से छेड़छाड़ की गई।
 

डॉ. सुधीर गुप्ता ने सवाल उठाए थे कि  इतनी जल्दी में शव परीक्षण क्यों किया गया था, क्या कोई वीडियोग्राफी की गई थी? सबूत से छेड़छाड़ की गई? मैंने चार साल तक सुनंदा पुष्कर के कमरे को खोलने की अनुमति कभी नहीं दी थी। बैंगलोर में डीके रवि का भी एक केस था। यह बात उन्होंने रिपब्लिक मीडिया के प्रकाश सिंह से कही थी। 

डॉ. सुधीर गुप्ता ने सवाल उठाए थे कि  इतनी जल्दी में शव परीक्षण क्यों किया गया था, क्या कोई वीडियोग्राफी की गई थी? सबूत से छेड़छाड़ की गई? मैंने चार साल तक सुनंदा पुष्कर के कमरे को खोलने की अनुमति कभी नहीं दी थी। बैंगलोर में डीके रवि का भी एक केस था। यह बात उन्होंने रिपब्लिक मीडिया के प्रकाश सिंह से कही थी। 

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने दावा किया है कि उनके पास डॉ. सुधीर गुप्ता के साथ की  व्हाट्सएप चैट भी हैं, जिसमें उन्होंने फोरेंसिक पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, कूपर के पांच डॉक्टरों के पैनल ने शव परीक्षण किया...केवल एक जूनियर स्तर के फॉरेंसिक डॉक्टर हैं... बाकी 4 सिर्फ मेडिकल ऑफिसर हैं। पैनल को मानदंडों के अनुसार फोरेंसिक विशेषज्ञ का होना चाहिए। मेडिकल बोर्ड का गठन किसने किया? क्या औचित्य था? 
 

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने दावा किया है कि उनके पास डॉ. सुधीर गुप्ता के साथ की  व्हाट्सएप चैट भी हैं, जिसमें उन्होंने फोरेंसिक पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, कूपर के पांच डॉक्टरों के पैनल ने शव परीक्षण किया...केवल एक जूनियर स्तर के फॉरेंसिक डॉक्टर हैं... बाकी 4 सिर्फ मेडिकल ऑफिसर हैं। पैनल को मानदंडों के अनुसार फोरेंसिक विशेषज्ञ का होना चाहिए। मेडिकल बोर्ड का गठन किसने किया? क्या औचित्य था? 
 

सीबीआई ने अगस्त के अंत में मुंबई के कूपर अस्पताल में डॉक्टरों से पूछताछ की और सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट को फिर से लिखा। सीबीआई के अनुसार, शव परीक्षण रिपोर्ट में कथित तौर पर बहुत झोल था। सीबीआई ने इस बात पर संदेह जताया था कि रिपोर्ट में मृत्यु के समय जैसे महत्वपूर्ण डिटेल्स क्यों छोड़ दिया गया था। 

सीबीआई ने अगस्त के अंत में मुंबई के कूपर अस्पताल में डॉक्टरों से पूछताछ की और सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट को फिर से लिखा। सीबीआई के अनुसार, शव परीक्षण रिपोर्ट में कथित तौर पर बहुत झोल था। सीबीआई ने इस बात पर संदेह जताया था कि रिपोर्ट में मृत्यु के समय जैसे महत्वपूर्ण डिटेल्स क्यों छोड़ दिया गया था। 

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर  हताशा व्यक्त की थी। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की टीम के हवाले से  दावा किया था कि गला घोंटने के कारण सुशांत की मौत हुई है।
 

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर  हताशा व्यक्त की थी। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की टीम के हवाले से  दावा किया था कि गला घोंटने के कारण सुशांत की मौत हुई है।
 

भाजपा मुंबई सचिव एडवोकेट विवेकानंद गुप्ता ने कहा था कि उन्हें एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि आखिरी बार रिया और सुशांत की मुताकात 13 जून की रात को हुई थी। विवेकानंद गुप्ता ने यह भी कहा है कि वह केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि 13 जून की रात एक बड़े राजनेता का जन्मदिन था और एक अन्य राजनेता ने भी ट्वीट किया है कि लॉकडाउन में पार्टी कैसे हो सकती है? इसका मतलब है कि मंत्री जानते हैं कि एक पार्टी थी और सभी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी ने मुझे बताया कि सुबह 2 से 3 बजे के आसपास सुशांत रिया को उनके घर छोड़ने गए थे। इसलिए यह कहना कि रिया और सुशांत की मुताबिक 8 जून को ही हुई थी यह गलत है।

भाजपा मुंबई सचिव एडवोकेट विवेकानंद गुप्ता ने कहा था कि उन्हें एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि आखिरी बार रिया और सुशांत की मुताकात 13 जून की रात को हुई थी। विवेकानंद गुप्ता ने यह भी कहा है कि वह केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि 13 जून की रात एक बड़े राजनेता का जन्मदिन था और एक अन्य राजनेता ने भी ट्वीट किया है कि लॉकडाउन में पार्टी कैसे हो सकती है? इसका मतलब है कि मंत्री जानते हैं कि एक पार्टी थी और सभी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी ने मुझे बताया कि सुबह 2 से 3 बजे के आसपास सुशांत रिया को उनके घर छोड़ने गए थे। इसलिए यह कहना कि रिया और सुशांत की मुताबिक 8 जून को ही हुई थी यह गलत है।

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