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नीचे मंदिर और ऊपर राम दरबार, अंदर से देखें, 100 करोड़ रु. में बनने वाले दो मंजिला मंदिर की Photos

First Published Jun 10, 2020, 4:02 PM IST
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अयोध्या. अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से पूरा देश राम मंदिर निर्माण का इंतजार कर रहा है। अब ये इंतजार और लंबा हो सकता है। पहले माना जा रहा था कि निर्माण 10 जून से होगा। लेकिन राम जन्म भूमि ट्रस्ट ने इसे खारिज कर दिया। ट्रस्ट की बैठक में तय किया जाएगा कि राम मंदिर का निर्माण कब से शुरू हो। हालांकि, इससे पहले राम जन्म भूमि में मौजूद कुबेर टीला में रूद्राभिषेक कराया गया। महंत कमल नयन दास के साथ आधा दर्जन लोग इसमें शामिल हुए। हालांकि, निर्माण शुरू होने में अभी वक्त लग सकता है। आईए देखते हैं कि तस्वीरों में अयोध्या में राम मंदिर कैसा दिखता है? 
 

वीएचपी के इस मॉडल को मिल सकती है हरी झंडी
फरवरी में ही यह तय हो गया था कि वीएचपी के मॉडल के आधार पर ही राम मंदिर बनाया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस डिजाइन के आधार पर अगर मंदिर बनाया गया तो इस पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

वीएचपी के इस मॉडल को मिल सकती है हरी झंडी
फरवरी में ही यह तय हो गया था कि वीएचपी के मॉडल के आधार पर ही राम मंदिर बनाया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस डिजाइन के आधार पर अगर मंदिर बनाया गया तो इस पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

अशोक सिंघल ने दिया था डिजाइन बनाने का जिम्मा
मंदिर निर्माण के लिए 30 साल पहले आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा को काम दिया गया था। चंद्रकांत सोमपुरा ने बताया कि उन्हें विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल ने उन्हें ये काम दिया था। उस वक्त सिंघल सोमपुरा को मंदिर तक ले गए थे। हालांकि, खुद सिंघल विवादित परिसर में नहीं गए थे।

अशोक सिंघल ने दिया था डिजाइन बनाने का जिम्मा
मंदिर निर्माण के लिए 30 साल पहले आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा को काम दिया गया था। चंद्रकांत सोमपुरा ने बताया कि उन्हें विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल ने उन्हें ये काम दिया था। उस वक्त सिंघल सोमपुरा को मंदिर तक ले गए थे। हालांकि, खुद सिंघल विवादित परिसर में नहीं गए थे।

6 महीने में बना राममंदिर का डिजाइन
चंद्रकांत ने बताया कि राम मंदिर पर 6 तरह के डिजाइन पर काम किया गया था। इसके 6 महीने बाद नागर शैली में मॉडल बनाया गया। मंदिर के लिए 50% काम पूरा हो चुका है। इसके गुम्बद को डिजाइन किया जाना बाकी है।

6 महीने में बना राममंदिर का डिजाइन
चंद्रकांत ने बताया कि राम मंदिर पर 6 तरह के डिजाइन पर काम किया गया था। इसके 6 महीने बाद नागर शैली में मॉडल बनाया गया। मंदिर के लिए 50% काम पूरा हो चुका है। इसके गुम्बद को डिजाइन किया जाना बाकी है।

मंदिर में होंगी ये विशेषताएं
मंदिर 150 फीट चौड़ा, 270 फीट लंबा होगा। गुम्बद 270 फीट ऊंचा होगा। इसमें सिंह द्वार कोली, गर्भ गृह के प्रवेश द्वार होंगे। भरतपुर से लाया गए पत्थर का होगा इस्तेमाल, संगमरमर भी लगेगा। मंदिर का मॉडल 2 मंजिला है, नीचे मंदिर और ऊपर राम दरबार होगा। मंदिर में 221 स्तंभ होंगे, हर देवी देवताओं की आकृतियां होंगी। मंदिर में संतों के निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास और भोजनालय होंगे।
 

मंदिर में होंगी ये विशेषताएं
मंदिर 150 फीट चौड़ा, 270 फीट लंबा होगा। गुम्बद 270 फीट ऊंचा होगा। इसमें सिंह द्वार कोली, गर्भ गृह के प्रवेश द्वार होंगे। भरतपुर से लाया गए पत्थर का होगा इस्तेमाल, संगमरमर भी लगेगा। मंदिर का मॉडल 2 मंजिला है, नीचे मंदिर और ऊपर राम दरबार होगा। मंदिर में 221 स्तंभ होंगे, हर देवी देवताओं की आकृतियां होंगी। मंदिर में संतों के निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास और भोजनालय होंगे।
 

मंदिर निर्माण ने लोहे का इस्तेमाल नहीं
राम मंदिर कार्यशाला के मुताबिक, राम मंदिर 2 मंजिला होगा। 128 फीट उंचा, 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा होगा। मंदिर में कहीं भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हर मंजिल पर 106 खंभे होंगे।

मंदिर निर्माण ने लोहे का इस्तेमाल नहीं
राम मंदिर कार्यशाला के मुताबिक, राम मंदिर 2 मंजिला होगा। 128 फीट उंचा, 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा होगा। मंदिर में कहीं भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हर मंजिल पर 106 खंभे होंगे।

मंदिर में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-कक्ष और गर्भगृह 5 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। रामलला की मूर्ति नीचे विराजमान होगी। मंदिर निर्माण के लिए 1.75 लाख घन फुट पत्थर लगेगा।

मंदिर में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-कक्ष और गर्भगृह 5 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। रामलला की मूर्ति नीचे विराजमान होगी। मंदिर निर्माण के लिए 1.75 लाख घन फुट पत्थर लगेगा।

दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बनाने की है मांग 
मंदिर के ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि वह चाहते हैं कि वीएचपी के ही मॉडल से मंदिर को बनाया जाए। इसके लिए पत्थर भी तैयार हैं। वासुदेवानंद ने बताया कि मंदिर शानदार होना चाहिए, यह सबसे बड़ा होना चाहिए।

दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बनाने की है मांग 
मंदिर के ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि वह चाहते हैं कि वीएचपी के ही मॉडल से मंदिर को बनाया जाए। इसके लिए पत्थर भी तैयार हैं। वासुदेवानंद ने बताया कि मंदिर शानदार होना चाहिए, यह सबसे बड़ा होना चाहिए।

2-3 साल में बन जाएगा मंदिर
चंद्रकांत सोमपुरा ने दावा किया है कि अगर मंदिर के निर्माण में 2000 कारीगर लगाए जाते हैं तो यह 2-3 साल में पूरा हो जाएगा।

2-3 साल में बन जाएगा मंदिर
चंद्रकांत सोमपुरा ने दावा किया है कि अगर मंदिर के निर्माण में 2000 कारीगर लगाए जाते हैं तो यह 2-3 साल में पूरा हो जाएगा।

पीएम मोदी को भेजा जाएगा निमंत्रण 
ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा, जल्द ही मंदिर का ले आउट फाइनल हो जाएगा। इसके बाद नरेंद्र मोदी से संपर्क किया जाएगा। पीएम मोदी से ही मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कराया जाएगा। मंदिर का निर्माण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद। 

पीएम मोदी को भेजा जाएगा निमंत्रण 
ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा, जल्द ही मंदिर का ले आउट फाइनल हो जाएगा। इसके बाद नरेंद्र मोदी से संपर्क किया जाएगा। पीएम मोदी से ही मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कराया जाएगा। मंदिर का निर्माण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद। 

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