WHO विशेषज्ञ बोले-'2021 से पहले वैक्सीन नहीं', भारत में इतने रुपए में मिलेगी ऑक्सफोर्ड वैक्सीन

First Published 23, Jul 2020, 9:31 AM

नई दिल्ली. कोरोना वायरस की चपेट में पूरी दुनिया है। इस बीमारी के कारण लाखों लोग मारे जा चुके हैं। इसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी और महामारी बताया जा रहा है। ऐसे में तमाम देशों के वैज्ञानिक किलर कोरोना की वैक्सीन की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। कई देश इसके बेहद करीब पहुंच गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस बीमारी से निपटने के लिए वैक्सीन दुनिया को मिल सकती है। 

<p>वहीं, कोरोना वायरस को हराने में लगी दुनिया को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक विशेषज्ञ ने झटका दिया है। WHO के आपातकालीन प्रोग्राम के हेड माइक रेयान ने कहा है कि अभी कोरोना के वैक्सीन के ट्रायल लास्ट स्टेज में जरूर हैं, लेकिन इसका प्रयोग 2021 से शुरुआत से पहले होनी की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अच्छी प्रगति कर रहे हैं। कई वैक्सीन का ट्रायल तीसरे फेज में है और जहां तक सुरक्षा और इम्युन सिस्टम डेवलप करने की बात है तो अभी तक कोई भी असफल नहीं हुआ है।</p>

वहीं, कोरोना वायरस को हराने में लगी दुनिया को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक विशेषज्ञ ने झटका दिया है। WHO के आपातकालीन प्रोग्राम के हेड माइक रेयान ने कहा है कि अभी कोरोना के वैक्सीन के ट्रायल लास्ट स्टेज में जरूर हैं, लेकिन इसका प्रयोग 2021 से शुरुआत से पहले होनी की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अच्छी प्रगति कर रहे हैं। कई वैक्सीन का ट्रायल तीसरे फेज में है और जहां तक सुरक्षा और इम्युन सिस्टम डेवलप करने की बात है तो अभी तक कोई भी असफल नहीं हुआ है।

<p style="text-align: justify;">दुनिया को कोरोना महामारी से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इस बीच, भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी-अस्‍त्राजेनेका की वैक्‍सीन की 1 अरब डोज बनाने की बात कही है। सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदर पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत में वैक्सीन का ट्रायल अगले महीने शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन की कीमत का ध्यान रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि  यह 1000 रुपए से कम में भारत में उपलब्ध होगी।</p>

दुनिया को कोरोना महामारी से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इस बीच, भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी-अस्‍त्राजेनेका की वैक्‍सीन की 1 अरब डोज बनाने की बात कही है। सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदर पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत में वैक्सीन का ट्रायल अगले महीने शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन की कीमत का ध्यान रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि  यह 1000 रुपए से कम में भारत में उपलब्ध होगी।

<p style="text-align: justify;">देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है। एम्‍स दिल्‍ली देश की उन 12 जगहों में से एक है जहां Covaxin का ट्रायल हो रहा है। यहां का सैंपल साइज पूरे देश में सबसे बड़ा है इसलिए यहां के नतीजे पूरी रिसर्च की दिशा तय करेंगे। एम्‍स पटना और रोहतक पीजीआई में वैक्‍सीन का ट्रायल पहले ही चल रहा है। गोवा में भी आज से ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो रही है।</p>

देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है। एम्‍स दिल्‍ली देश की उन 12 जगहों में से एक है जहां Covaxin का ट्रायल हो रहा है। यहां का सैंपल साइज पूरे देश में सबसे बड़ा है इसलिए यहां के नतीजे पूरी रिसर्च की दिशा तय करेंगे। एम्‍स पटना और रोहतक पीजीआई में वैक्‍सीन का ट्रायल पहले ही चल रहा है। गोवा में भी आज से ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

<p style="text-align: justify;">दुनिया की सबसे बड़ी वैक्‍सीन निर्माता कंपनी, सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अगले महीने से कोरोना वैक्‍सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू करने जा रहा है। कंपनी को साल के आखिर तक वैक्‍सीन तैयार करने की उम्‍मीद है। SII ने ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी से वैक्‍सीन बनाने का करार तो किया ही है, कई और वैक्‍सीन कैंडिडेट्स पर भी काम कर रही है। AstraZeneca के साथ मिलकर उसने ऑक्‍सफर्ड वाली वैक्‍सीन की 1 बिलियन डोज सप्‍लाई करने का टारगेट रखा है।</p>

दुनिया की सबसे बड़ी वैक्‍सीन निर्माता कंपनी, सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अगले महीने से कोरोना वैक्‍सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू करने जा रहा है। कंपनी को साल के आखिर तक वैक्‍सीन तैयार करने की उम्‍मीद है। SII ने ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी से वैक्‍सीन बनाने का करार तो किया ही है, कई और वैक्‍सीन कैंडिडेट्स पर भी काम कर रही है। AstraZeneca के साथ मिलकर उसने ऑक्‍सफर्ड वाली वैक्‍सीन की 1 बिलियन डोज सप्‍लाई करने का टारगेट रखा है।

<p>चीन भी कोरोना वैक्सीन की रेस में है। कई बार ड्रैगन ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन सबसे बेहतर होगी। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक वैक्सीन रिसर्च अडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है। दुनिया की टॉप 20 कोविड-19 वैक्‍सीन में से 8 चीन की हैं। वहां की तीन वैक्‍सीन ट्रायल के आखिरी स्‍टेज में हैं।</p>

चीन भी कोरोना वैक्सीन की रेस में है। कई बार ड्रैगन ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन सबसे बेहतर होगी। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक वैक्सीन रिसर्च अडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है। दुनिया की टॉप 20 कोविड-19 वैक्‍सीन में से 8 चीन की हैं। वहां की तीन वैक्‍सीन ट्रायल के आखिरी स्‍टेज में हैं।

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