हर्बल दवाओं से WHO ढूंढ रहा कोरोना का इलाज! हर्बल मेडिसिन ट्रायल का कर रहे समर्थन
नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर के सैकड़ों देश वैक्सीन पर तेजी से काम कर रहे हैं। इसी बीच WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने पहली बार इस जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए हर्बल दवाओं (Herbal Medicine) में संभावनाएं खंगालने की कोशिश कर रहे हैं। WHO ने शनिवार को कोविड-19 और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए अफ्रीका की हर्बल दवाओं के टेस्टिंग प्रोटोकॉल का समर्थन किया।

WHO ने इस बीमारी से लड़ने के लिए प्राचीन दवाओं के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया है। पूर्वी अफ्रीका के देश मदागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना द्वारा मलेरिया के इलाज में काम आने वाले एक औषधीय पौधे आर्टमीसिया से बने ड्रिंक को प्रमोट करने के लगभग एक महीने बाद ऐसी हुआ है।
एंड्री राजोएलिना जिस कोविड ऑर्गेनिक्स ड्रिंक (Covid organic drink) को प्रमोट कर रहे हैं, उसे CVO भी कहा जाता है। राजोएलिना ने इसे कोविड-19 के इलाज में उपयोगी बताया है। अब ये ड्रिंक मदागास्कर के अलावा अफ्रीका के अन्य देशों तक भी पहुंचाया जा रहा है।
WHO के एक्सपर्ट्स और दो अन्य संस्थानों को सहकर्मियों ने अफ्रीका की हर्बल मेडिसिन के क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण के लिए इस प्रोटोकॉल का समर्थन किया। तीसरे चरण का ट्रायल इस नए मेडिकल प्रोडक्ट के प्रभाव और सुरक्षा की जांच के लिए बेहद निर्णायक रहेगा।
WHO के रीजनल डायरेक्टर प्रॉस्पर टुमुसीम के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 'यदि प्राचीन मेडिकल प्रोडक्ट सुरक्षा, प्रभाव और गुणवत्ता के पैमाने पर खरा उतरता है, तो WHO इसके फास्ट ट्रैक और बड़े पैमाने पर निर्माण की सिफारिश करेगा।'
अफ्रीका सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन और अफ्रीकन यूनियन कमीशन फॉर सोशल अफेयर इसमें WHO के सहयोगी हैं।
डायरेक्टर प्रोस्पर टुमुसीम हवाले से आगे बताया जा रहा है कि 'पश्चमी अफ्रीका में इबोला की तरह कोविड-19 (Covid-19) के प्रकोप से एक मजबूत हेल्थ सिस्टम की जरूरत को महसूस किया गया है।
इसे देखते हुए प्राचीन दवाओं समेत तमाम रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोग्राम को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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