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सुबह की एक खुशनुमा तस्वीर: धरने पर बैठे निलंबित सांसदों को उपसभापति ने पिलाई चाय, अब खुद रखेंगे उपवास

First Published Sep 22, 2020, 9:28 AM IST
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नई दिल्ली. राज्यसभा से निलंबित 8 सांसद पूरी रात प्रदर्शन करते रहे। वे संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के पास पंखा और मच्छर भगाने की दवा साथ में लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। सुबह हुई तो उनसे मिलने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश पहुंचे। उनके हाथ में एक झोला था, जिसके अंदर चाय का थर्मस, प्लेट और ग्लास थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चाय अपने घर से बनवाकर लाए थे। मंगलवार की सुबह सबसे ज्यादा इन्हीं तस्वीरों की चर्चा हुई। यह इसलिए भी खास थीं क्योंकि उपसभापति से ही अभद्रता के कारण सांसदों को निलंबित किया गया था और अब वही निलंबित सांसदों को चाय पिलाने के लिए पहुंचे।

संसद परिसर में निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सांसदों को चाय पिलाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश जी के उदार हृदय और विनम्रता की ट्वीट कर प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, सदियों से बिहार की महान धरती हमें लोकतंत्र के मूल्यों को सिखा रही है। बिहार से सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी का प्रेरणादायक और राजनेता जैसा आचरण हर लोकतंत्र प्रेमी को गौरवान्वित करेगा। 
 

संसद परिसर में निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सांसदों को चाय पिलाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश जी के उदार हृदय और विनम्रता की ट्वीट कर प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, सदियों से बिहार की महान धरती हमें लोकतंत्र के मूल्यों को सिखा रही है। बिहार से सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी का प्रेरणादायक और राजनेता जैसा आचरण हर लोकतंत्र प्रेमी को गौरवान्वित करेगा। 
 

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह एक दिन का उपवास रखेंगे। विपक्ष के सांसदों के व्यवहार के खिलाफ उपसभापति उपवास रखेंगे।
 

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह एक दिन का उपवास रखेंगे। विपक्ष के सांसदों के व्यवहार के खिलाफ उपसभापति उपवास रखेंगे।
 

संजय सिंह ने कहा, उपसभापति जी सुबह धरना स्थल पर मिलने आये हमने उनसे भी कहा नियम कानून संविधान को ताक पर रखकर किसान विरोधी काला कानून बिना वोटिंग के पास किया गया जबकि भाजपा अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।
 

संजय सिंह ने कहा, उपसभापति जी सुबह धरना स्थल पर मिलने आये हमने उनसे भी कहा नियम कानून संविधान को ताक पर रखकर किसान विरोधी काला कानून बिना वोटिंग के पास किया गया जबकि भाजपा अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।
 

राज्यसभा से निलंबित कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने कहा, हरिवंश जी ने कहा कि वो आज यहां उप सभापति के रूप में नहीं बल्कि हमारे साथ काम करने वाले एक साथी के रूप में आए हैं। हमारी बस यही मांग है कि आज सदन में LoP को बोलने दिया जाए। LoP आज हमारे सस्पेंशन को वापिस लेने की डिमांड सदन में रखेंगे।

राज्यसभा से निलंबित कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने कहा, हरिवंश जी ने कहा कि वो आज यहां उप सभापति के रूप में नहीं बल्कि हमारे साथ काम करने वाले एक साथी के रूप में आए हैं। हमारी बस यही मांग है कि आज सदन में LoP को बोलने दिया जाए। LoP आज हमारे सस्पेंशन को वापिस लेने की डिमांड सदन में रखेंगे।

निलंबित सांसदों को नाम  डेरेक ओब्रायन- तृणमूल, डोला सेन- तृणमूल, रिपुन बोरा- कांग्रेस, राजीव सातव- कांग्रेस, सैयद नजीर- कांग्रेस, संजय सिंह- आप, ई करीम- सीपीआई, केके रागेश- सीपीआई हैं।
 

निलंबित सांसदों को नाम  डेरेक ओब्रायन- तृणमूल, डोला सेन- तृणमूल, रिपुन बोरा- कांग्रेस, राजीव सातव- कांग्रेस, सैयद नजीर- कांग्रेस, संजय सिंह- आप, ई करीम- सीपीआई, केके रागेश- सीपीआई हैं।
 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सांसद ने बताया कि विपक्ष के नेताओं के घर से खाने-पीने के सामान आ रहे थे। शिवसेना के संजय राउत, एनसीपी की सुप्रिया सुले, डीएमके की कनिमोझी और तिरुचि सिवा धरना दे रहे सांसदों के लिए इडली लेकर पहुंचे थे।
 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सांसद ने बताया कि विपक्ष के नेताओं के घर से खाने-पीने के सामान आ रहे थे। शिवसेना के संजय राउत, एनसीपी की सुप्रिया सुले, डीएमके की कनिमोझी और तिरुचि सिवा धरना दे रहे सांसदों के लिए इडली लेकर पहुंचे थे।
 

कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह बिल किसान को बर्बाद करने वाला है। किसान विरोधी है। जबरदस्ती यह बिल राज्यसभा में पास करवाया गया है। डिवीजन मांगा गया था लेकिन डिवीजन नहीं कराया। अगर एक आदमी भी डिवीजन मांगता है तो डिवीजन करवाया जाता है। हालांकि इसको ऐसे ही पास कर दिया, जबकि राज्यसभा में बहुमत इस बिल के खिलाफ था।
 

कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह बिल किसान को बर्बाद करने वाला है। किसान विरोधी है। जबरदस्ती यह बिल राज्यसभा में पास करवाया गया है। डिवीजन मांगा गया था लेकिन डिवीजन नहीं कराया। अगर एक आदमी भी डिवीजन मांगता है तो डिवीजन करवाया जाता है। हालांकि इसको ऐसे ही पास कर दिया, जबकि राज्यसभा में बहुमत इस बिल के खिलाफ था।
 

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