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UAE में शुरू होने जा रहा है एक्सरसाइज डेजर्ट फ्लैग, कई देशों के साथ भारतीय वायुसेना भी ले रही हिस्सा

First Published Mar 3, 2021, 11:54 AM IST
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नेशनल डेस्क। यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में मल्टीनेशनल वॉरफेयर एक्सरसाइज शुरू होने जा रही है। इसमें भारतीय वायुसेना भी शामिल होगी। इस सालाना संयुक्त युद्धाभ्यास (Multi-National Warfare Drill) को डेजर्ट फ्लैग नाम दिया गया है। यह 3 मार्च, बुधवार से शुरू होने जा रहा है। इस एयरफोर्स एक्सरसाइज में भारत पहली बार हिस्सा ले रहा है। बता दें कि इस जॉइंट एक्सरसाइज में अमेरिका, फ्रांस, सऊदी अरब, साउथ कोरिया और बहरीन की वायुसेना भी शामिल हो रही है। मल्टीनेशनल एयरफोर्स एक्सरसाइज डेजर्ट फ्लैग का यह छठा आयोजन है। यह संयुक्त अभ्यास यूएई के अल-दर्फा (Al-Dharfa) एयरबेस पर होने जा रहा है। इसमें भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट अपना दम-खम दिखाएंगे। बता दें कि यह संयुक्त अभ्यास 27 मार्च तक चलेगा। 
 

इस संयुक्त एयरफोर्स एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना (IAF) ने 6 सुखोई विमान (Sukhois), 2 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Trasport Aircraft) और एक आईएल-78 (IL-78) टैंकर एयरक्राफ्ट (Tanker Aircraft) भेजा है। इसमें 2 सी-17 ग्लोबमास्टर (C-7 Globemaster) के साथ 150 वायुसैनिक भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि सी-7 ग्लोबमास्टर दुनिया के सबसे शक्तिशाली और बड़े मालवाहक जहाजों में शुमार है। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्महोस सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस है।

इस संयुक्त एयरफोर्स एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना (IAF) ने 6 सुखोई विमान (Sukhois), 2 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Trasport Aircraft) और एक आईएल-78 (IL-78) टैंकर एयरक्राफ्ट (Tanker Aircraft) भेजा है। इसमें 2 सी-17 ग्लोबमास्टर (C-7 Globemaster) के साथ 150 वायुसैनिक भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि सी-7 ग्लोबमास्टर दुनिया के सबसे शक्तिशाली और बड़े मालवाहक जहाजों में शुमार है। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्महोस सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस है।

इंडियन एयरफोर्स के पीआरओ विंग कमांडर आशीष मोगे (Ashish Moghe) ने कहा कि इस एक्सरसाइज का मकसद वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस मल्टीनेशनल एयरफोर्स एक्सरसाइज में भाग लेने पर वायुसैनिकों को नए माहौल में आक्रामक क्षमता बढ़ाने के बारे में कुछ नया सीखने का मौका मिलेगा। बड़े पैमाने पर होने वाले इस संयुक्त अभ्यास में पूरी दुनिया के अलग-अलग किस्म के फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल होंगे और यह सैनिकों के लिए अपनी जानकारी, अनुभव और आक्रामक क्षमता बढ़ाने के लिहाज से एक बेहतरीन मौका होगा।

इंडियन एयरफोर्स के पीआरओ विंग कमांडर आशीष मोगे (Ashish Moghe) ने कहा कि इस एक्सरसाइज का मकसद वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस मल्टीनेशनल एयरफोर्स एक्सरसाइज में भाग लेने पर वायुसैनिकों को नए माहौल में आक्रामक क्षमता बढ़ाने के बारे में कुछ नया सीखने का मौका मिलेगा। बड़े पैमाने पर होने वाले इस संयुक्त अभ्यास में पूरी दुनिया के अलग-अलग किस्म के फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल होंगे और यह सैनिकों के लिए अपनी जानकारी, अनुभव और आक्रामक क्षमता बढ़ाने के लिहाज से एक बेहतरीन मौका होगा।

पिछले 1 दशक से इंडियन एयरफोर्स नियमित तौर पर मल्टी-नेशनल ऑपरेशनल एक्सरसाइज को होस्ट करती रही है और उनमें हिस्सा भी लेती रही है। यह दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेनाओं के साथ अपने अनुभव को बढा़ने का एक बेहतर मौका होता है। बता दें कि भारतीय वायुसेना ऐसे वक्त में डेजर्ट फ्लैग युद्ध अभ्यास में शामिल हो रही है, जब चीन के साथ एलओसी पर तनाव बढ़ा है।

पिछले 1 दशक से इंडियन एयरफोर्स नियमित तौर पर मल्टी-नेशनल ऑपरेशनल एक्सरसाइज को होस्ट करती रही है और उनमें हिस्सा भी लेती रही है। यह दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेनाओं के साथ अपने अनुभव को बढा़ने का एक बेहतर मौका होता है। बता दें कि भारतीय वायुसेना ऐसे वक्त में डेजर्ट फ्लैग युद्ध अभ्यास में शामिल हो रही है, जब चीन के साथ एलओसी पर तनाव बढ़ा है।

जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने इंडियन एयरफोर्स और फ्रेंच एयरफोर्स ने 5 दिन का बड़ा एक्सरसाइज 'डेजर्ट नाइट' (Desert Knight) राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया था। इसमें दोनों देशों की ओर से युद्धक विमान राफाल (Rafales) का प्रदर्शन किया गया था।

जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने इंडियन एयरफोर्स और फ्रेंच एयरफोर्स ने 5 दिन का बड़ा एक्सरसाइज 'डेजर्ट नाइट' (Desert Knight) राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया था। इसमें दोनों देशों की ओर से युद्धक विमान राफाल (Rafales) का प्रदर्शन किया गया था।

बता दें कि 2019 में भी भारत और फ्रांस ने संयुक्त युद्धाभ्यास किया था। इस संयुक्त युद्धाभ्यास में गरुड़ (Garuda) का प्रदर्शन किया गया था। यह संयुक्त अभ्यास फ्रांस के एयरबेस मॉन्ट-दे-मार्सन (Mont-de-Marsan) पर चला था।

बता दें कि 2019 में भी भारत और फ्रांस ने संयुक्त युद्धाभ्यास किया था। इस संयुक्त युद्धाभ्यास में गरुड़ (Garuda) का प्रदर्शन किया गया था। यह संयुक्त अभ्यास फ्रांस के एयरबेस मॉन्ट-दे-मार्सन (Mont-de-Marsan) पर चला था।

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