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एलएसी पर अब 'आकाश' से होगी भारत की रक्षा, कुछ सेकंड में ही चीन को देगी मुंहतोड़ जवाब

First Published Jun 28, 2020, 12:43 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारत चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद अपने चरम पर है। चीन अपनी सीमा में लगातार सेना की तैनाती बढ़ा रहा है। चीन की इस हरकत को देखते हुए भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आकाश समेत मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात कर दी है। यह चंद सेकंड में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। भारत ने यह कदम चीन द्वारा एलएसी पर जंगी विमान और हेलिकॉप्टर की तैनाती के बाद उठाया है।
 

आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। यह चंद सेकंड में ही दुश्मन के लड़ाकू विमानों और ड्रोन को तबाह कर सकती है। इससे बेहद ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में भी दुश्मन को धूल चटाया जा सकता है। 

आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। यह चंद सेकंड में ही दुश्मन के लड़ाकू विमानों और ड्रोन को तबाह कर सकती है। इससे बेहद ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में भी दुश्मन को धूल चटाया जा सकता है। 

आकाश मिसाइल ब्रह्मोस की तरह से सुपरसॉनिक मिसाइल है। इसका वजन 700 किलोग्राम है। यह 25 किमी तक के रेंज में उड़ने वाली किसी भी चीज को गिराने में सक्षम है। इसे भारत का पैट्रियॉट भी कहते हैं। 

आकाश मिसाइल ब्रह्मोस की तरह से सुपरसॉनिक मिसाइल है। इसका वजन 700 किलोग्राम है। यह 25 किमी तक के रेंज में उड़ने वाली किसी भी चीज को गिराने में सक्षम है। इसे भारत का पैट्रियॉट भी कहते हैं। 

भारत सरकार भारतीय सेना को दुश्मन देश की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने की छूट दे चुकी है। अब भारतीय सेना और वायुसेना ने चीन के विमानों की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी तैनात कर दिया है। 

भारत सरकार भारतीय सेना को दुश्मन देश की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने की छूट दे चुकी है। अब भारतीय सेना और वायुसेना ने चीन के विमानों की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी तैनात कर दिया है। 

जल्द रूस से मिलेगा एस 400 मिसाइल सिस्टम
इससे पहले भारत ने रूस से एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए समझौता किया है। हालांकि, यह सिस्टम चीन के पास पहले से है। एस 400 दुनिया के सबसे एडवांस डिफेंस सिस्टम के तौर पर माना जाता है। भारत ने रूस के साथ इसके लिए 5 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपए का सौदा किया है। भारत चीन और पाकिस्तान से चल रहे विवाद को देखते हुए इसे जल्द चाहता है। रूस ने भी इसे जल्द उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। 

जल्द रूस से मिलेगा एस 400 मिसाइल सिस्टम
इससे पहले भारत ने रूस से एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए समझौता किया है। हालांकि, यह सिस्टम चीन के पास पहले से है। एस 400 दुनिया के सबसे एडवांस डिफेंस सिस्टम के तौर पर माना जाता है। भारत ने रूस के साथ इसके लिए 5 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपए का सौदा किया है। भारत चीन और पाकिस्तान से चल रहे विवाद को देखते हुए इसे जल्द चाहता है। रूस ने भी इसे जल्द उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। 

यह डिफेंस सिस्टम 400 किमी दायरे तक सक्रिय रहता है। इस दायरे में आने वाले किसी भी खतरे को तुरंत खत्म कर सकता है। इससे दुश्मन के लड़ाकू विमान हों या ड्रोन, या फिर मिसाइल यह सिस्टम देखते ही देखते उसे ढेर कर देगा। एस-400 के रडार 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं। इसमें लगी मिसाइलें 30 किमी ऊंचाई और 400 किमी की दूरी में लक्ष्य को भेद सकती हैं। यह एक साथ 36 टारगेट को मार सकती है। इसमें 12 लॉन्चर होते हैं। 
 

यह डिफेंस सिस्टम 400 किमी दायरे तक सक्रिय रहता है। इस दायरे में आने वाले किसी भी खतरे को तुरंत खत्म कर सकता है। इससे दुश्मन के लड़ाकू विमान हों या ड्रोन, या फिर मिसाइल यह सिस्टम देखते ही देखते उसे ढेर कर देगा। एस-400 के रडार 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं। इसमें लगी मिसाइलें 30 किमी ऊंचाई और 400 किमी की दूरी में लक्ष्य को भेद सकती हैं। यह एक साथ 36 टारगेट को मार सकती है। इसमें 12 लॉन्चर होते हैं। 
 

पूर्वी लद्दाख में वायुसेना ने तैनात किए विमान
आकाश मिसाइल के अलावा भारत ने पूर्वी लद्दाख में कई लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया है। ये चीन की हरकत का जवाब देने में सक्षम हैं। मई के पहले हफ्ते में सेना ने सुखोई-30 तैनात किए थे। अब चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। ये चीन की हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। 

पूर्वी लद्दाख में वायुसेना ने तैनात किए विमान
आकाश मिसाइल के अलावा भारत ने पूर्वी लद्दाख में कई लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया है। ये चीन की हरकत का जवाब देने में सक्षम हैं। मई के पहले हफ्ते में सेना ने सुखोई-30 तैनात किए थे। अब चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। ये चीन की हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। 

चीन ने तैनात किए लड़ाकू विमान
दूसरी ओर चीन ने भी सीमा पर सक्रियता बढ़ाई है। चीन ने सीमा के नजदीक अपने एयरबेसों पर लड़ाकू विमान बढ़ाए हैं। चीन ने सिर्फ लद्दाख ही नहीं अरुणाचल से सटी सीमा पर भी विमान तैनात किए हैं। 

चीन ने तैनात किए लड़ाकू विमान
दूसरी ओर चीन ने भी सीमा पर सक्रियता बढ़ाई है। चीन ने सीमा के नजदीक अपने एयरबेसों पर लड़ाकू विमान बढ़ाए हैं। चीन ने सिर्फ लद्दाख ही नहीं अरुणाचल से सटी सीमा पर भी विमान तैनात किए हैं। 

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