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क्रूरता के लिए जानी जाती है पाकिस्तान की BAT, जवानों के साथ खूंखार आतंकी भी होते हैं इसमें शामिल

First Published Aug 4, 2019, 12:37 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय सेना ने शनिवार को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानि बैट (BAT) की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस मुठभेड़ में भारतीय सेना ने 5 से 7 बैट कमांडो को मार गिराया। पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम अपनी क्रूरताओं के लिए जानी जाती है। इससे पहले भी उसपर भारतीय सैनिकों के शवों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगता रहा है। शहीद हेमराज का सिर काटने का आरोप भी पाकिस्तान के बैट कमांडो पर लगा था। 

इस टीम में सेना के कमांडो के अलावा आतंकी भी शामिल होते हैं। ये ऑपरेशन के वक्त अपनी क्रूरता के सारी हदें पार कर जाते हैं। युद्ध के समय नियमों का उल्लंघन करने से भी इस टीम के कमांडर बाज नहीं आते। इसी माइंड सेट के साथ इन्हें ट्रेनिंग देकर भी तैयार किया जाता है। टीम छापामार युद्ध के लिए भी जानी जाती है और स्पेशल ग्रुप के साथ काम करती है। बैट के कमांडर एक से तीन किलोमीटर भारत-पाकिस्तान की सीमा में घुसकर हमले को अंजाम देते हैं। जब भी भारतीय सेना से इस टीम की मुठभेड़ होती है, तो पाक सेना कमांडरों को कवर फायरिंग देती है। इनकी ट्रेनिंग पाक आर्मी कैंप में ही होती है। हर कंडिशन के लिए इन्हें तैयार किया जाता है। ये अपने साथ हाई एनर्जी फूड लेकर चलते हैं।

इस टीम में सेना के कमांडो के अलावा आतंकी भी शामिल होते हैं। ये ऑपरेशन के वक्त अपनी क्रूरता के सारी हदें पार कर जाते हैं। युद्ध के समय नियमों का उल्लंघन करने से भी इस टीम के कमांडर बाज नहीं आते। इसी माइंड सेट के साथ इन्हें ट्रेनिंग देकर भी तैयार किया जाता है। टीम छापामार युद्ध के लिए भी जानी जाती है और स्पेशल ग्रुप के साथ काम करती है। बैट के कमांडर एक से तीन किलोमीटर भारत-पाकिस्तान की सीमा में घुसकर हमले को अंजाम देते हैं। जब भी भारतीय सेना से इस टीम की मुठभेड़ होती है, तो पाक सेना कमांडरों को कवर फायरिंग देती है। इनकी ट्रेनिंग पाक आर्मी कैंप में ही होती है। हर कंडिशन के लिए इन्हें तैयार किया जाता है। ये अपने साथ हाई एनर्जी फूड लेकर चलते हैं।

बैट सीमा में एक से तीन किलोमीटर भीतर जाकर घुसपैठ को अंजाम देती है। पाकिस्तान की सेना इस टीम का इस्तेमाल कश्मीर के इलाकों में करती है। इस टीम में जानबूझकर आतंकियों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि उन्हें दोबारा छुड़ाया जा सके और पाकिस्तान की सेना दुनिया के सामने अपनी साफ छवी पेश कर सके। पाकिस्तान की सेना इस टीम के कमांडर को कवर फायर भी देती है, जिससे ये भारत की सीमा में घुसपैठ करने में सफल हो सके।

बैट सीमा में एक से तीन किलोमीटर भीतर जाकर घुसपैठ को अंजाम देती है। पाकिस्तान की सेना इस टीम का इस्तेमाल कश्मीर के इलाकों में करती है। इस टीम में जानबूझकर आतंकियों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि उन्हें दोबारा छुड़ाया जा सके और पाकिस्तान की सेना दुनिया के सामने अपनी साफ छवी पेश कर सके। पाकिस्तान की सेना इस टीम के कमांडर को कवर फायर भी देती है, जिससे ये भारत की सीमा में घुसपैठ करने में सफल हो सके।

बैट के कमांडरों को पाकिस्तान की सेना के साथ ही ट्रेनिंग दी जाती है। पाकिस्तान की वायुसेना भी 4 हफ्तों तक इन कमांडरों को ट्रेनिंग देती है। भारत के ब्लैक कमांडो की तरह इनके पास हथियार होते हैं। इनके पास हथियारों में एके 47 के अलावा बर्फ में उपयोग किए जाने वाला  कपड़े और जूते भी होते हैं। सेटैलाइट फोन का इस्तेमाल ये टीम करती है।

बैट के कमांडरों को पाकिस्तान की सेना के साथ ही ट्रेनिंग दी जाती है। पाकिस्तान की वायुसेना भी 4 हफ्तों तक इन कमांडरों को ट्रेनिंग देती है। भारत के ब्लैक कमांडो की तरह इनके पास हथियार होते हैं। इनके पास हथियारों में एके 47 के अलावा बर्फ में उपयोग किए जाने वाला कपड़े और जूते भी होते हैं। सेटैलाइट फोन का इस्तेमाल ये टीम करती है।

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