- Home
- National News
- मौत से बचने के लिए निर्भया के दोषी विनय की नई चाल, याचिका दाखिल कर केजरीवाल सरकार के मंत्री पर लगाए आरोप
मौत से बचने के लिए निर्भया के दोषी विनय की नई चाल, याचिका दाखिल कर केजरीवाल सरकार के मंत्री पर लगाए आरोप
नई दिल्ली. निर्भया के दोषी फांसी से बचने के लिए लगातार कोई न कोई दांव खेल रहे हैं। दोषी एक बार फिर 20 मार्च को होने वाली फांसी को टालने के लिए कोर्ट के शरण में पहुंचे हैं। चारों दोषियों में शामिल विनय ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें विनय ने दलील दी है कि उसकी दया याचिका खारिज किए जाने में संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
111

दोषी विनय ने दी यह दलीलः कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा खारिज की गई उसकी दया याचिका की प्रक्रिया में खामियां और कानूनी कमियां हैं। दोषी विनय ने अपनी याचिका में दलील दी है, जब दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने उसकी दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश की तो उस समय दिल्ली में चुनाव आचार सहिंता लागू थी। ऐसे में मंत्री सत्येंद्र जैन उसकी दया याचिका पर सुझाव कैसे दे सकते थे? (फाइल फोटोः निर्भया कांड का दोषी विनय)
Add Asianetnews Hindi as a Preferred Source

211
सत्येंद्र जैन के पास नहीं था अधिकारः निर्भया के दोषी विनय ने अपनी याचिका में कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री सत्येंद्र जैन के पास यह अधिकार ही नहीं था कि वो दया याचिका को बतौर मंत्री केंद्र सरकार और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज सकें। विनय की इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई संभव है।
311
20 मार्च को दी जानी है फांसीः निर्भया के चारों दोषियों (विनय, मुकेश, अक्षय और पवन) को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटकाने का डेथ वारंट जारी किया है। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेद्र राणा ने डेथ वारंट जारी करते हुए कहा था कि दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।
411
3 बार टल चुकी है फांसीः निर्भया के चारों दोषी 3 बार फांसी से बच चुके हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सबसे पहले 7 जनवरी को डेथ वारंट जारी किया था। जिसमें दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 6 बजे फांसी दी जानी थी। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से यह फांसी टल गई। जिसके बाद कोर्ट ने दूसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए 1 फरवरी की तारीख तय की थी। लेकिन दोषियों के कानूनी दांव पेंच के कारण 31 जनवरी को कोर्ट ने अनिश्चितकाल के लिए फांसी टाल दी। (फाइल फोटोः निर्भया कांड के चारों दोषी, जिन्हें फांसी दी जानी है।)
511
दो बार फांसी टलने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने तीसरा डेथ वारंट जारी करते हुए दोषियों को 3 मार्च को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया था। लेकिन यह तारीख भी कानूनी दांव पेंच के कारण आगे बढ़ानी पड़ी। इसके बाद कोर्ट ने चौथी बार डेथ वारंट जारी करते हुए 20 मार्च को फांसी की तारीख तय की है।
611
16 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाईः सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को दोषी मुकेश की याचिका पर 16 मार्च को सुनवाई करने का निर्णय लिया। मुकेश ने शुक्रवार को अपने वर्तमान वकील एमएल शर्मा के जरिये अपनी पुरानी वकील वृंदा ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका दाखिल की थी। याचिका में वृंदा पर दिल्ली पुलिस के साथ मिली भगत कर मुकेश के खिलाफ साजिश करने और जानबूझकर उसकी क्यूरेटिव पिटीशन जल्दी दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही वृंदा के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मुकेश को उसके कानूनी विकल्प दोबारा इस्तेमाल करने का मौका दिए जाने की गुहार लगाई गई है।
711
नहीं बचा है कोई कानूनी विकल्पः निर्भया के दोषियों के फांसी से बचने के लिए सारे कानून विकल्प खत्म हो गए है। हालांकि दोषी बचने के लिए कोई न कोई तरकीब खोज ही ले रहे हैं। लेकिन चारों दोषियों को मिलने वाले कानूनी विकल्प (क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका) खत्म हो गए हैं। अभी तक दोषी इन्हीं विकल्पों के कारण बचते आए है।
811
कौन हैं निर्भया के चारों दोषी? निर्भया (Nirbhaya) के पहले दोषी का नाम अक्षय ठाकुर है। यह बिहार का रहने वाला है। इसने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और दिल्ली चला आया। शादी के बाद ही 2011 में दिल्ली आया था। यहां वह राम सिंह से मिला। घर पर इस पत्नी और एक बच्चा है। दूसरे दोषी को नाम मुकेश सिंह है। यह बस क्लीनर का काम करता था। जिस रात गैंगरेप की यह घटना हुई थी उस वक्त मुकेश सिंह बस में ही सवार था।
911
गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था। तीसरा दोषी पवन गुप्ता है। पवन दिल्ली में फल बेंचने का काम करता था। वारदात वाली रात वह बस में मौजूद था। पवन जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है। चौथा दोषी विनय शर्मा है। विनय जिम ट्रेनर का काम करता था। वारदात वाली रात विनय बस चला रहा था। इसने पिछले साल जेल के अंदर आत्महत्या की कोशिश की थी लेकिन बच गया। (फाइल फोटोः निर्भया से दरिंदों इसी बस में किया था रेप)
1011
क्या हुआ था 16 दिसंबर 2012 को?दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। (फाइल फोटोः निर्भया की मां आशा देवी)
1111
दरिंदों ने निर्भया से दरिंदगी तो की ही इसके साथ ही उसके दोस्त को भी बेरहमी से पीटा। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.
Latest Videos