- Home
- National News
- रातभर विनय लगाता रहा सेल के चक्कर... नया डेथ वारंट आने के बाद कुछ ऐसा है निर्भया के दरिंदों का हाल
रातभर विनय लगाता रहा सेल के चक्कर... नया डेथ वारंट आने के बाद कुछ ऐसा है निर्भया के दरिंदों का हाल
नई दिल्ली. निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार डेथ वारंट जारी कर दिया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान कोई कानून अड़चन नहीं आई तो चारों गुनहगारों को तीन मार्च सुबह छह बजे फांसी दे दी जाएगी। हालांकि, गुनहगारों ने सजा टालने के लिए फिर तिकड़मबाजी शुरू कर दी है।
18

तिहाड़ जेल मैन्यूअल के अनुसार एक मामले एक से अधिक दोषियों को एक साथ फांसी की सजा सुनाई जाती है। तो सभी दोषियों को एक साथ ही फांसी पर चढ़ाने का प्रावधान है। इसमें अलग-अलग दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती। ऐसे में आशंका बनी हुई है कि दोषी इसी मैनुअल का फायदा उठाते हुए कोर्ट में अपनी याचिका दाखिल करेंगे। जिससे एक बार फिर मौत टल सकती है।
28
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल सूत्रों का कहना है कि एक बार फिर डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों की बेचैनी बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, दोषियों ने यह मान लिया है कि उन्हें फांसी जरूर होगी। ऐसे में वह अपने सेल में ही चुपचाप बैठे रहते हैं, लेकिन विनय अपने सेल में चहलकदमी करता रहता है। जेल प्रशासन की ओर से दोषियों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे में उनकी हर हरकत को गौर से देखा जा रहा है।
38
दो बार टल चुकी है फांसीः निर्भया के दोषियों को दो बार फांसी टल चुकी है। जिसमें कोर्ट द्वारा सबसे पहले दोषियों को 21 जनवरी को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया गया था। लेकिन दोषियों ने कानूनी दांव पेंच का इस्तेमाल कर फांसी टलवा ली। जिसके बाद कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी करते हुए 1 फरवरी की सुबह 6 बजे का समय मुकर्रर किया था। लेकिन दोषियों ने कानूनी हथकंडे का प्रयोग करते हुए फांसी से ठीक एक दिन पहले मौत का टलवा दिया था।
48
सिर्फ पवन के पास बचे है कानूनी अधिकारः निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए कानून अधिकारों का प्रयोग किया। लेकिन सिर्फ एक दोषी पवन के सभी कानूनी विकल्प बचे हैं। पवन के पास क्यूरेटिव और दया याचिका दाखिल करने का अधिकार है। जिसके बाद से कयास लगाया जा रहा कि पवन याचिका दाखिल कर एक बार फिर फांसी में अड़ंगा डाल सकता है।
58
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी हुई थी सुनवाईः दोषियों की फांसी में हो रही देरी पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट का रूख किया था। जिसमें सरकार का कहना था कि जिन दोषियों के कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं उन्हें फांसी पर लटकाया जा। सरकार की इस मांग को कोर्ट ने खारिज करते हुए दोषियों तो एक सप्ताह की मोहलत दी थी। जिसमें वे सभी कानूनी अधिकारों का उपयोग कर सके। जिसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपनी मांग फिर से दोहराई। जिसके बाद कोर्ट ने निचली आदलत को डेथ वारंट जारी करने का निर्देश दिया था।
68
नया डेथ वारंट जारी होने के बाद मंगलवार को जेल अधिकारियों ने एक बार फिर फांसी घर का निरीक्षण किया। जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फांसी घर का मुआयना करेंगे और अगर किसी भी तरह की मरम्मत की आवश्यकता होगी, तो उसे किया जाएगा। उधर, जेल संख्या-तीन के जेल अधीक्षक कार्यालय में दोषियों के परिजनों को डेथ वारंट जारी होने की औपचारिक जानकारी देने की तैयारी की जा रही है।
78
16 दिसंबर, 2012 की रात में 23 साल की निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने दरिंदगी की थी। साथ ही निर्भया के साथ बस में मौजूद दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। दोनों को चलती बस से फेंक कर दोषी फरार हो गए थे।इसके बाद निर्भया का दिल्ली के अस्पताल में इलाज चला था। जहां से उसे सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। 29 दिसंबर को निर्भया ने सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
88
दिसंबर 2012 में हुई घटना के बाद से निर्भया के दोषियों को 7 साल से सजा दिलाने के लिए निर्भया के माता-पिता कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। सात साल बाद निर्भया के परिजनों को उम्मीद जगी है कि बेटी के साथ हैवानियत करने वालों को मौत मिल पाएगी।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.
Latest Videos