- Home
- National News
- पाकिस्तान की हिंदू बेटी ने रचा भारत में इतिहास, 8 साल के संघर्ष के बाद हाल ही में मिली थी नागरिकता
पाकिस्तान की हिंदू बेटी ने रचा भारत में इतिहास, 8 साल के संघर्ष के बाद हाल ही में मिली थी नागरिकता
टोंक. टोंक जिले की नटवाड़ा में पाकिस्तान से भारत आईं नीता कंवर ने सरपंच चुनाव जीत लिया। नीता को 2,494 वोटों में से 1,073 वोट मिले। उन्होंने सोना देवी को 362 वोटों से हराया। नीता को पांच महीने पहले ही भारत की नागरिकता मिली है।
15

नीता कंवर पाकिस्तान से जोधपुर अपने चाचा केन खत सिंह सोढ़ा के घर जोधपुर आई थीं। भारत में वे पढ़ने के लिए आईं थीं। यहीं उन्होंने स्नातक किया। फिर उनकी शादी राजस्थान के एक प्रतिष्ठित परिवार में हो गई।
25
वैसे तो उनकी शादी 8 साल पहले ही हो गई थी, लेकिन सही मायने में वे भारत की बहू पांच महीने पहले ही बनी हैं। नीता को लंबे संघर्ष और तमाम कागजी लड़ाई के बाद अब भारत की नागरिकता मिली है। हालांकि, नागरिकता कानून से पहले ही उन्हें नागरिकता मिल गई।
35
8 साल पहले नीता की शादी तीन बार सरपंच रहे लक्ष्मण करण के बेटे पुण्य प्रताप करण के साथ हुई है। नागरिकता मिलने के बाद अब पहली बार राजनीतिक मैदान में थीं।
45
राजस्थान में यह पहला मौका है, जब पाकिस्तान मूल की किसी महिला ने सरपंच चुनाव जीता हो। इस सीट पर सात महिलाएं मैदान में थीं।
55
नीता पांच महीने पहले तक पाकिस्तानी बहू के तौर पर जानी जाती थी। लेकिन इस बार वे भारतीय नागरिक होने के नाते चुनाव मैदान में हैं। दरअसल, नटवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिए सीट आरक्षित महिला थी। इसलिए नीता चुनाव मैदान में उतरी थीं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.
Latest Videos