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अफवाहों में न आएं! रेलवे बोला- नहीं चलेगी कोई स्पेशल ट्रेन, 3 मई तक बुक सभी 39 लाख टिकटें होंगी कैंसिल

First Published Apr 15, 2020, 8:00 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है। जिसके बाद सभी यात्री ट्रेनें और उड़ान सेवाएं 3 मई तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि मुंबई में भीड़ इकट्ठा होने के बाद कई तरह की अफवाह फैलने को लेकर रेलवे ने मंगलवार रात एक बार फिर स्पष्ट किया कि पूरे देश में 3 मई 2020 तक यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और लोगों की भीड़ को हटाने के लिए विशेष ट्रेन चलाने की कोई योजना नहीं है। रेल मंत्रालय के ट्विटर हैंडल से शेयर किए गए संदेश में यह भी कहा गया है कि इस संबंध में गलत जानकारी न फैलने दें।

बुक हो चुके 39 लाख टिकट होंगे रद्द 
 

इससे पहले सूत्रों ने बताया कि लॉकडाउन बढ़ने से यात्री ट्रेनों के स्थगित रहने के कारण रेलवे को 15 अप्रैल और तीन मई के बीच की यात्रा के लिए बुक किए गए करीब 39 लाख टिकट रद्द करना होगा। दरअसल, रेलवे ने 21 दिवसीय लॉकडाउन के खत्म होने पर 14 अप्रैल के बाद टिकट बुकिंग की अनुमति दे रखी थी। ऐसे में ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद में 39 लाख टिकट बुक हो गए।

बुक हो चुके 39 लाख टिकट होंगे रद्द 

 
इससे पहले सूत्रों ने बताया कि लॉकडाउन बढ़ने से यात्री ट्रेनों के स्थगित रहने के कारण रेलवे को 15 अप्रैल और तीन मई के बीच की यात्रा के लिए बुक किए गए करीब 39 लाख टिकट रद्द करना होगा। दरअसल, रेलवे ने 21 दिवसीय लॉकडाउन के खत्म होने पर 14 अप्रैल के बाद टिकट बुकिंग की अनुमति दे रखी थी। ऐसे में ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद में 39 लाख टिकट बुक हो गए।

यात्री उड़ानें भी 3 मई तक स्थगित
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 15,000 यात्री ट्रेनों से रोजाना दो करोड़ लोग यात्रा करते हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने भी कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वाणिज्यिक यात्री उड़ानें तीन मई की मध्यरात्रि तक स्थगित रहेंगी। कुछ विमान कंपनियों ने बुधवार से उड़ानों का परिचालन बहाल होने की उम्मीद में बुकिंग की थी। हर दिन औसतन 500,000 लोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करते हैं।

यात्री उड़ानें भी 3 मई तक स्थगित

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 15,000 यात्री ट्रेनों से रोजाना दो करोड़ लोग यात्रा करते हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने भी कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वाणिज्यिक यात्री उड़ानें तीन मई की मध्यरात्रि तक स्थगित रहेंगी। कुछ विमान कंपनियों ने बुधवार से उड़ानों का परिचालन बहाल होने की उम्मीद में बुकिंग की थी। हर दिन औसतन 500,000 लोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करते हैं।

रेलवे ने बताया, मालगाड़ियां चलती रहेंगी
रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘कोविड-19 की वजह से किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर जारी उपायों के क्रम में भारतीय रेल की सभी यात्री रेल सेवाओं को 3 मई 2020 तक रद्द रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल गाड़ियों का परिचालन जारी रहेगा।' बयान में कहा गया, ‘अगले आदेश तक किसी प्रकार के टिकटों की कोई बुकिंग नहीं की जाएगी। हालांकि, पहले बुक की जा चुकी टिकटों को रद्द करने की ऑनलाइन सुविधा जारी रहेगी।’

रेलवे ने बताया, मालगाड़ियां चलती रहेंगी

रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘कोविड-19 की वजह से किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर जारी उपायों के क्रम में भारतीय रेल की सभी यात्री रेल सेवाओं को 3 मई 2020 तक रद्द रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल गाड़ियों का परिचालन जारी रहेगा।' बयान में कहा गया, ‘अगले आदेश तक किसी प्रकार के टिकटों की कोई बुकिंग नहीं की जाएगी। हालांकि, पहले बुक की जा चुकी टिकटों को रद्द करने की ऑनलाइन सुविधा जारी रहेगी।’

वापस मिलेगा पैसा 
रद्द की गई रेलगाड़ियों के लिए पहले से आरक्षित टिकटों का पूरा रिफंड मिलेगा। यूटीएस और पीआरएस सहित सभी टिकट बुकिंग काउंटरों की सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी। रेलवे ने कहा है कि तीन मई तक रद्द की गई ट्रेनों की ऑनलाइन टिकट लेने वाले लोगों के पैसे खुद ब खुद वापस आ जाएंगे और काउंटर से टिकट लेने वाले लोग 31 जुलाई तक अपने पैसे वापस ले सकते हैं।

वापस मिलेगा पैसा 

रद्द की गई रेलगाड़ियों के लिए पहले से आरक्षित टिकटों का पूरा रिफंड मिलेगा। यूटीएस और पीआरएस सहित सभी टिकट बुकिंग काउंटरों की सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी। रेलवे ने कहा है कि तीन मई तक रद्द की गई ट्रेनों की ऑनलाइन टिकट लेने वाले लोगों के पैसे खुद ब खुद वापस आ जाएंगे और काउंटर से टिकट लेने वाले लोग 31 जुलाई तक अपने पैसे वापस ले सकते हैं।

3 मई को रात 11.59 बजे तक रद्द रहेगी उड़ान सेवा 
नागर विमानन मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन तीन मई को रात ग्यारह बजकर 59 मिनट तक स्थगित रहेगा।’ नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाने के कई कारण थे। उन्होंने कहा, ‘इसके बाद हम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी हटाने पर विचार कर सकते हैं। जिन लोगों को यात्रा करने की जरूरत है, मैं उनकी परेशानी समझ सकता हूं, उनसे अनुरोध है कि हमारा साथ दें।’

3 मई को रात 11.59 बजे तक रद्द रहेगी उड़ान सेवा 

नागर विमानन मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन तीन मई को रात ग्यारह बजकर 59 मिनट तक स्थगित रहेगा।’ नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाने के कई कारण थे। उन्होंने कहा, ‘इसके बाद हम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी हटाने पर विचार कर सकते हैं। जिन लोगों को यात्रा करने की जरूरत है, मैं उनकी परेशानी समझ सकता हूं, उनसे अनुरोध है कि हमारा साथ दें।’

पहले माना जा रहा था कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेन और उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। लेकिन ज्यादातर राज्य इसे बढ़ाने के पक्ष में थे। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के सुझावों को मानते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया।

पहले माना जा रहा था कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेन और उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। लेकिन ज्यादातर राज्य इसे बढ़ाने के पक्ष में थे। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के सुझावों को मानते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से भी खबरें चल रही थीं कि कुछ कंडीशन के साथ कुछ रूट्स पर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से भी खबरें चल रही थीं कि कुछ कंडीशन के साथ कुछ रूट्स पर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।

साथ ही कहा जा रहा था कि ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए देश के रेल नेटवर्क को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। रेड जोन में वह जगहे होंगी, जहां पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। रेड जोन में कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। येलो जोन में वह क्षेत्र रखे जाएंगे जहां पर कोरोना का खतरा तो है, लेकिन बहुत सीमित है। यहां पर सीमित संख्या में ट्रेने चलाई जा सकती है।

साथ ही कहा जा रहा था कि ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए देश के रेल नेटवर्क को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। रेड जोन में वह जगहे होंगी, जहां पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। रेड जोन में कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। येलो जोन में वह क्षेत्र रखे जाएंगे जहां पर कोरोना का खतरा तो है, लेकिन बहुत सीमित है। यहां पर सीमित संख्या में ट्रेने चलाई जा सकती है।

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