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IPL मैच खेल रहे इस किक्रेटर के दादा की कोरोना से मौत, पिता ने कहा-बेटा मैदान छोड़कर नहीं आना

First Published May 1, 2021, 7:07 PM IST
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पानीपत (हरियाणा). कोरना की दूसरी लहर ने पूरी तरह से तबाही मचाकर रखी है। यह वायरस रोजाना हजारों लोगों को लील रहा है। इसी बीच खबर सामने आई है कि क्रिकेट खिलाड़ी मनन वोहरा के दादा और हॉकी के पूर्व नेशनल लेवल के खिलाड़ी यशपाल वोहरा का निधन हो गया है। खिलाड़ी ने ऐसे वक्त अपने दादा को खोया है जब वह IPLखेल रहा है। यानि अंतिम वक्त भी वह उनका चेहरा नहीं देख पाया।


दरअसल,  यशपाल वोहरा की चार से पांच दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ी थी। जिसके 15 अप्रैल को वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। परिजनों ने बिना देरी किए उन्हें पंचकुला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया था। जिसके बाद 22 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, परिजन उन्हें अपने घर लेकर चले गए। लेकिन बुधवार को उन्हें  सांस लेने में दिक्कत आ रही थी, उन्हें अस्पताल गया, पर उनको नहीं बचाया जा सका।


दरअसल,  यशपाल वोहरा की चार से पांच दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ी थी। जिसके 15 अप्रैल को वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। परिजनों ने बिना देरी किए उन्हें पंचकुला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया था। जिसके बाद 22 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, परिजन उन्हें अपने घर लेकर चले गए। लेकिन बुधवार को उन्हें  सांस लेने में दिक्कत आ रही थी, उन्हें अस्पताल गया, पर उनको नहीं बचाया जा सका।


बता दें कि क्रिकेटर मनन  मनन वोहरा मौजूदा समय में आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा हैं।  दादा के निधन की खबर सुनकर मनन काफी दुखी हैं। क्योंकि उनका दादा से बेहद गहरा जुड़ाव था। परिजनों ने उन्हें चंडीगढ़ लौटने से इंकार किया है। कहा कि वह अपना पूरा IPL में खेलकर ही घर लौटें।
 


बता दें कि क्रिकेटर मनन  मनन वोहरा मौजूदा समय में आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा हैं।  दादा के निधन की खबर सुनकर मनन काफी दुखी हैं। क्योंकि उनका दादा से बेहद गहरा जुड़ाव था। परिजनों ने उन्हें चंडीगढ़ लौटने से इंकार किया है। कहा कि वह अपना पूरा IPL में खेलकर ही घर लौटें।
 


मनन वोहरा के पिता संजीव वोहरा ने बताया कि मनन से दादा हमेशा कहते थे कि कभी अपना खेल का मैदान छोड़कर वापस आना चाहिए। चाहे फिर कितनी ही बड़ी मुसीबत क्यों ना आ जाए। वह आईपीएल को बीच में छोड़ कर आने की बात कह रहा था। लेकिन उसे फिर मैंने उसके दादा की बात याद दिलाई तो वह  काफी मुश्किल से माना।


मनन वोहरा के पिता संजीव वोहरा ने बताया कि मनन से दादा हमेशा कहते थे कि कभी अपना खेल का मैदान छोड़कर वापस आना चाहिए। चाहे फिर कितनी ही बड़ी मुसीबत क्यों ना आ जाए। वह आईपीएल को बीच में छोड़ कर आने की बात कह रहा था। लेकिन उसे फिर मैंने उसके दादा की बात याद दिलाई तो वह  काफी मुश्किल से माना।


बता दें कि  यशपाल वोहरा हॉकी के पूर्व नेशनल लेवल के खिलाड़ी थे और 1956 ओलंपिक गेम्स में भारतीय हॉकी टीम के संभावित खिलाड़ियों की सूची में रहे। इसके अलावा वह हॉकी अंपायर रहे। वह करीब 25 साल तक हॉकी से महासचिव के तौर पर जुड़े रहे। उनके जाने से उनके चाहने वाले और हॉकी के क्षेत्र के के लिए बहुत बड़ी क्षति है।


बता दें कि  यशपाल वोहरा हॉकी के पूर्व नेशनल लेवल के खिलाड़ी थे और 1956 ओलंपिक गेम्स में भारतीय हॉकी टीम के संभावित खिलाड़ियों की सूची में रहे। इसके अलावा वह हॉकी अंपायर रहे। वह करीब 25 साल तक हॉकी से महासचिव के तौर पर जुड़े रहे। उनके जाने से उनके चाहने वाले और हॉकी के क्षेत्र के के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

बता दें कि इससे पहले मनन वोहरा किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी रह चुके हैं। उस वक्त टीम की सह मालकिन प्रीति जिंटा के साथ मनन।

बता दें कि इससे पहले मनन वोहरा किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी रह चुके हैं। उस वक्त टीम की सह मालकिन प्रीति जिंटा के साथ मनन।

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