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कोरोना के डर से प्रेग्नेंट की मदद करने नहीं आए पड़ोसी, पुलिसवालों को करानी पड़ी डिलिवरी

First Published Apr 5, 2020, 1:16 PM IST
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मोगा.कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में आतंक मचाया हुआ है। भारत में भी अब तक 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यही कारण है कि सरकार ने संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन किया हुआ है। संक्रमण के कारण अब लोगों में डर इस कदर बैठ गया है कि वो अब किसी दूसरे बीमार शख्स के पास जाने से भी डर रहे है। कुछ ऐसी ही घटना सामने आई है पंजाब के मेगा से जहां एक गर्भवती महिला को अचानक लेबर पेन होने पर परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए जब पड़ोसियों से मदद मांगी तो कोई भी शख्स कोरोना के डर से मदद के लिए तैयार नहीं हुआ। 

पड़ोंसियों के अलावा महिला के परिजनों ने 3 स्थानीय अस्पतालों के भी चक्कर काटे लेकिन वहां भी इलाज के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसी दौरान जब परिजन गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल ले जा रहे था तो पेट्रोलिंग में लगे 2 पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकी । परिजनों  ने पुलिस को सारी बात बताई। जिसके बाद पुलिसवालों ने यह तय किया की वे महिला को लेकर अस्पताल जाएंगे।

पड़ोंसियों के अलावा महिला के परिजनों ने 3 स्थानीय अस्पतालों के भी चक्कर काटे लेकिन वहां भी इलाज के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसी दौरान जब परिजन गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल ले जा रहे था तो पेट्रोलिंग में लगे 2 पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकी । परिजनों ने पुलिस को सारी बात बताई। जिसके बाद पुलिसवालों ने यह तय किया की वे महिला को लेकर अस्पताल जाएंगे।

लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त ही महिला का दर्द और बढ़ गया । दर्द और समय की कमी को देखते हुए दोनों पुलिसर्मियों ने यह  फैसला किया कि वे रास्ते मे ही बच्चे की डिलीवरी करवाएंगे।

लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त ही महिला का दर्द और बढ़ गया । दर्द और समय की कमी को देखते हुए दोनों पुलिसर्मियों ने यह फैसला किया कि वे रास्ते मे ही बच्चे की डिलीवरी करवाएंगे।

पुलिसवालों ने रास्ते में ही एक जगह गाड़ी रोकी और उसके बाद सड़क पर स्ट्रीट लाइट के नीचे बेंच और चादर की दीवार बनाई। दीवार बनाने के बाद उन्होंने डिलीवरी कराने के लिए एक स्थानीय प्रशिक्षित महिला को बुलाया।

पुलिसवालों ने रास्ते में ही एक जगह गाड़ी रोकी और उसके बाद सड़क पर स्ट्रीट लाइट के नीचे बेंच और चादर की दीवार बनाई। दीवार बनाने के बाद उन्होंने डिलीवरी कराने के लिए एक स्थानीय प्रशिक्षित महिला को बुलाया।

महिला के आने के बाद ज्योति ने सड़क पर ही पुलिसवालों की मौजूदगी में एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया।

महिला के आने के बाद ज्योति ने सड़क पर ही पुलिसवालों की मौजूदगी में एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया।

डिलीवरी हो जाने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों  ने राहत की सांस ली। जिसके बाद महिला के परीजनों ने दोनों का शुक्रिया अदा किया। परीवारवालों का कहना था कि जब किसी अस्पताल और पड़ोसियों ने मदद नहीं कि तो ये दोनों पुलिसकर्मी हमारे लिए मसीहा बनकर सामने आए।

डिलीवरी हो जाने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। जिसके बाद महिला के परीजनों ने दोनों का शुक्रिया अदा किया। परीवारवालों का कहना था कि जब किसी अस्पताल और पड़ोसियों ने मदद नहीं कि तो ये दोनों पुलिसकर्मी हमारे लिए मसीहा बनकर सामने आए।

अब इस नेक काम पर मोगा के एसपी ने खुशी जताई है और कहा कि वो दोनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए  पुलिस विभाग को पत्र लिखेंगे।

अब इस नेक काम पर मोगा के एसपी ने खुशी जताई है और कहा कि वो दोनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखेंगे।

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