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'देख तेरे संसार की क्या हालत हो गई भगवान: रोटी बचाने के लिए रेल ट्रैक पर बैठकर भूख मिटा रहा अन्नदाता

First Published Sep 24, 2020, 6:31 PM IST
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अमृतसर (पंजाब). केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए कृषि बिलों के विरोध में आज से तीन दिनों के लिए किसानों ने पंजाब को तीन दिन के लिए बंद रखने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कह दिया कि वह इन विधेयकों को किसी भी सूरत में नहीं मानेंगे। वह सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड सड़कों पर उतर आए हैं। इस संघर्ष में पुरुष किसान ही नहीं बल्कि उनके साथ महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर धरने पर बैठी हुई हैं। किसी के थाली में रोटी रखी हुई है तो कोई अखबार के टुकड़ों में पीले मीठे चावल लेकर रेलवे ट्रेक पर बैठ खा रहा है। लेकिन उनका हौसला कम नहीं है, वह एक सुर में कह रहे हैं कि चाहे जान चली जाए लेकिन इन बिलों को वापस कराकर रहेंगे।
 


गुरुवार सुबह 8 बजे से ही पंजाब में जगह-जगह किसान एकत्रित होने लगे और राज्य से गुजरने वाले सभी रेलों को रोकने लगे। किसान यूनियन के आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने 24 से 26 सितंबर तक पंजाब में रेल परिचालन ठप कर दिया गया है।
 


गुरुवार सुबह 8 बजे से ही पंजाब में जगह-जगह किसान एकत्रित होने लगे और राज्य से गुजरने वाले सभी रेलों को रोकने लगे। किसान यूनियन के आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने 24 से 26 सितंबर तक पंजाब में रेल परिचालन ठप कर दिया गया है।
 


किसान अमृतसर, फिरोजपुर जिलों में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ। जिसके चलते दिल्ली की ओर आने-जाने वाली गाड़ियों पर असर पड़ा है। बता दें कि  24 से 26 सितंबर तक कोई भी यात्री व पार्सल ट्रेन पंजाब नहीं जाएगी। ट्रेनों को अम्बाला कैंट, सहारनपुर और दिल्ली स्टेशन पर टर्मिनेट किया जागएगा।
 


किसान अमृतसर, फिरोजपुर जिलों में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ। जिसके चलते दिल्ली की ओर आने-जाने वाली गाड़ियों पर असर पड़ा है। बता दें कि  24 से 26 सितंबर तक कोई भी यात्री व पार्सल ट्रेन पंजाब नहीं जाएगी। ट्रेनों को अम्बाला कैंट, सहारनपुर और दिल्ली स्टेशन पर टर्मिनेट किया जागएगा।
 

तस्वीर में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि किस तरह से पंजाब के किसान रेल की पटरियों पर बैठ गए हैं। उन्होंने इन पटरियों को ही अपना आशियाना बना लिया है।

तस्वीर में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि किस तरह से पंजाब के किसान रेल की पटरियों पर बैठ गए हैं। उन्होंने इन पटरियों को ही अपना आशियाना बना लिया है।

 पुरुष किसान ही नहीं बल्कि उनके साथ महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर धरने पर बैठी हुई हैं। वह अपने हाथों में बैनर-पोस्टर और थाली-बेलन रखे हुए केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखा रही हैं।

 पुरुष किसान ही नहीं बल्कि उनके साथ महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर धरने पर बैठी हुई हैं। वह अपने हाथों में बैनर-पोस्टर और थाली-बेलन रखे हुए केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखा रही हैं।

मोदी सरकार के खिलाफ किसानों में इतना गुस्सा है कि वह अपनी ही फसल सड़कों पर फैंक रहे हैं। कोई सब्जी फैंक रहा है तो कोई हाजारों लीटर दूध बहा रहा है।

मोदी सरकार के खिलाफ किसानों में इतना गुस्सा है कि वह अपनी ही फसल सड़कों पर फैंक रहे हैं। कोई सब्जी फैंक रहा है तो कोई हाजारों लीटर दूध बहा रहा है।

कुछ किसानों ने तो खसम खा ली है कि जब तक यह बिल वापस नहीं ले लेती मोदी सरकार वह रेल की पटरियों से नहीं उठेंगेे। इन्हीं पटरियों पर सोकर अपनी जान दे देंगे।

कुछ किसानों ने तो खसम खा ली है कि जब तक यह बिल वापस नहीं ले लेती मोदी सरकार वह रेल की पटरियों से नहीं उठेंगेे। इन्हीं पटरियों पर सोकर अपनी जान दे देंगे।

तस्वीर में देखिए बरनाला में रेलवे प्लेटफार्म और ट्रैक पर टेंट लगाकर धरने पर बैठे सरकार से खफा किसान।

तस्वीर में देखिए बरनाला में रेलवे प्लेटफार्म और ट्रैक पर टेंट लगाकर धरने पर बैठे सरकार से खफा किसान।


यह तस्वीर अमृतसर के रेलवे स्टेशन की है, जहां आंदोलनकारी किसानों ने धूप से बचने के लिए लाठियों और रस्सियों की मदद से रेलवे ट्रैक के ऊपर टेंट तान लिया है।
 


यह तस्वीर अमृतसर के रेलवे स्टेशन की है, जहां आंदोलनकारी किसानों ने धूप से बचने के लिए लाठियों और रस्सियों की मदद से रेलवे ट्रैक के ऊपर टेंट तान लिया है।
 

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