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दिल को छू लेने वाली शादी: हिंदू दुल्हन के मुस्लिम बाबुल को देख हर आंख नम, लोगों ने कहा-यही असली भारत

First Published Jun 3, 2020, 1:37 PM IST
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लुधियाना (पंजाब). कोरोना के चलते जहां रिश्तों में दूरी ला दी है, लोग चाहकर भी अपनों से नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं इस मुसीबत वक्त में एक मुस्लिम परिवार ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। पंजाब के एक मुस्लिम शख्स ने भाईचारे का संदेश देते हुए हिंदू लड़की की शादी कर कन्यादान कर बाबुल का फर्ज निभाया।
 

दरअसल, यह मिसाल लुधियाना जिले के भट्टियां गांव में मंगलवार के दिन देखने को मिली। जहां साजिद नाम के एक शख्स ने अपने दोस्त वरिंदर शर्मा की बेटी पूजा की शादी पूरी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ करवाई। मुस्लिम परिवार ऐसी शादी कि दुल्हन को उसके माता-पिता की कमी को खलने नहीं दिया।
 

दरअसल, यह मिसाल लुधियाना जिले के भट्टियां गांव में मंगलवार के दिन देखने को मिली। जहां साजिद नाम के एक शख्स ने अपने दोस्त वरिंदर शर्मा की बेटी पूजा की शादी पूरी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ करवाई। मुस्लिम परिवार ऐसी शादी कि दुल्हन को उसके माता-पिता की कमी को खलने नहीं दिया।
 


बता दें कि दुल्हन के माता-पिता उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मार्च के महीने में किसी रिश्तेदार के घर गए थे। कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन हो गया और वह वहीं फंसकर रह गए। उनको चिंता होने लगी की बेटी की शादी हमने 2 जून तय की है, हम यहां हैं तो उसकी शादी कौन करेगा। ऐसे में जब पिता को कोई रास्ता न दिखा तो उन्होंने शादी की जिम्मेदारी गांव के ही अपने मुस्लिम दोस्त साजिद को सौंप दी।   
 


बता दें कि दुल्हन के माता-पिता उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मार्च के महीने में किसी रिश्तेदार के घर गए थे। कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन हो गया और वह वहीं फंसकर रह गए। उनको चिंता होने लगी की बेटी की शादी हमने 2 जून तय की है, हम यहां हैं तो उसकी शादी कौन करेगा। ऐसे में जब पिता को कोई रास्ता न दिखा तो उन्होंने शादी की जिम्मेदारी गांव के ही अपने मुस्लिम दोस्त साजिद को सौंप दी।   
 

जब साजिद ने अपने हिंदू दोस्त से कहा-आप चिंता नहीं करिए, ना ही शादी की तारीख आगे बढ़ाएं। पूजा की शादी की तैयारियां मैं खुद करूंगा, आखिर वह हमारी ही भी बेटी है। फिर साजिद उसकी पत्नी सोनिया ने हिदू धर्म के अनुसार शादी का सभी सामान जुटाकर शादी की तैयारी शुरू कर दी।
 

जब साजिद ने अपने हिंदू दोस्त से कहा-आप चिंता नहीं करिए, ना ही शादी की तारीख आगे बढ़ाएं। पूजा की शादी की तैयारियां मैं खुद करूंगा, आखिर वह हमारी ही भी बेटी है। फिर साजिद उसकी पत्नी सोनिया ने हिदू धर्म के अनुसार शादी का सभी सामान जुटाकर शादी की तैयारी शुरू कर दी।
 

मंगलवार के दिन साहनेवाल के रहने वाला दू्ल्हा सुदेश कुमार सोनू बारात लेकर आया। इस बारात में सिर्फ 16 लोग आए हुए थे। साजिद के परिवार ने उनका स्वागत किया और पंडित को बुलाकर अग्नि के 7 फेरे दिलवाए। मुस्लिम परिवार ने ही सभी रस्में निभाई और पूजा का कन्यादान करने के बाद दोपहर में उसकी डोली को विदा किया।
 

मंगलवार के दिन साहनेवाल के रहने वाला दू्ल्हा सुदेश कुमार सोनू बारात लेकर आया। इस बारात में सिर्फ 16 लोग आए हुए थे। साजिद के परिवार ने उनका स्वागत किया और पंडित को बुलाकर अग्नि के 7 फेरे दिलवाए। मुस्लिम परिवार ने ही सभी रस्में निभाई और पूजा का कन्यादान करने के बाद दोपहर में उसकी डोली को विदा किया।
 


दुल्हन ने पूजा ने कहा-साजिद चाचा ने ना तो मुझे माता-पिता की कमी को खलने दिया और ना ही मेरे मामा की कमी महसूस हुई। पूजा ने कहा-मुझे गर्व हो रहा है कि भारत में अभी भी मानवता जिंदा है। वहीं साजिद ने कहा- पूजा उनका खून का रिश्ता नहीं परंतु इंसानियत धर्म सबसे ऊपर है और उन्होंने अपने वही किया है।
 


दुल्हन ने पूजा ने कहा-साजिद चाचा ने ना तो मुझे माता-पिता की कमी को खलने दिया और ना ही मेरे मामा की कमी महसूस हुई। पूजा ने कहा-मुझे गर्व हो रहा है कि भारत में अभी भी मानवता जिंदा है। वहीं साजिद ने कहा- पूजा उनका खून का रिश्ता नहीं परंतु इंसानियत धर्म सबसे ऊपर है और उन्होंने अपने वही किया है।
 

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