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कोरोना से ज्यादा खतरनाक निकली ये बेटी: एक झटके में पूरे परिवार की बिछा दी लाशें...खुद भी मर गई

First Published Apr 17, 2021, 11:32 AM IST
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लुधियाना (पंजाब). पूरे देश में एक तरफ कोरोना वायरस के कहर से कई परिवार उजड़ रहे हैं। वहीं इसी बीच पंजाब के लुधियाना से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे देख हर कोई हैरान हैं। यहां एक बेटी कोरोना से ज्यादा खतरनाक निकली। जिसने एक कदम उठाने से पूरे परिवार की लाशें बिछ गईं। यानि अब उनके खानदान में कोई नहीं बचा। जो आगे चलकर वंश को आगे बढ़ाएगा। जहां मां-बेटी और भाई ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि यह सब उनकी बेटी के कराण हुआ।
 


दरअसल, यह खौफनाक घटना लुधियाना जिले के गांव सोढीवाल की है, जहां मृतकों की पहचान गुरप्रीत सिंह सोनी (37), मां जसबीर कौर (58) और बहन  मनदीप कौर (27) के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों के शवों को बरामद कर मुर्दा घर में रखवा दिए हैं। पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि मृतका मनदीप ने अपने मानसिक परेशानी के चलते किया है। रात को खाना बनाते समय पूरे खाने में जहर मिला दिया और सभी को खिलाने के बाद खुद ने भी खा लिया। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इसमें परिवार के सभी लोगो की सहमति थी।


दरअसल, यह खौफनाक घटना लुधियाना जिले के गांव सोढीवाल की है, जहां मृतकों की पहचान गुरप्रीत सिंह सोनी (37), मां जसबीर कौर (58) और बहन  मनदीप कौर (27) के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों के शवों को बरामद कर मुर्दा घर में रखवा दिए हैं। पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि मृतका मनदीप ने अपने मानसिक परेशानी के चलते किया है। रात को खाना बनाते समय पूरे खाने में जहर मिला दिया और सभी को खिलाने के बाद खुद ने भी खा लिया। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इसमें परिवार के सभी लोगो की सहमति थी।


पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि सात साल पहले परिवार का बेटा गुरप्रीत सिंह सोनी छत से गिर गया था। काफी इलाज कराने के बाद वह ठीक नहीं हुआ। इतना ही नहीं वो कोमा में चला गया, जो घर के एक कोने में पड़ा रहता था। बेटे की हालत देख मां की भी तबीयत खराब रहने लगी। मां और भाई की देखरेक करने वाली बहन मनदीप कौर की भ मानसिक स्थिति बिगड़ गई। 
 


पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि सात साल पहले परिवार का बेटा गुरप्रीत सिंह सोनी छत से गिर गया था। काफी इलाज कराने के बाद वह ठीक नहीं हुआ। इतना ही नहीं वो कोमा में चला गया, जो घर के एक कोने में पड़ा रहता था। बेटे की हालत देख मां की भी तबीयत खराब रहने लगी। मां और भाई की देखरेक करने वाली बहन मनदीप कौर की भ मानसिक स्थिति बिगड़ गई। 
 


परिवार की बुरी हालत देखते हुए बेटी मनदीप ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया। पड़ोसी को जब दो दिन तक उनकी कोई हलचल नहीं दिखी तो उन्होंने घर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद पुलिस को सूचित कर बुलाया तो तीनों कमरे में पड़े हुए थे।


परिवार की बुरी हालत देखते हुए बेटी मनदीप ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया। पड़ोसी को जब दो दिन तक उनकी कोई हलचल नहीं दिखी तो उन्होंने घर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद पुलिस को सूचित कर बुलाया तो तीनों कमरे में पड़े हुए थे।


आनन-फानन में गांव के लोगों ने तीनों को जगराओं के निजी अस्पताल में एडमिट कराया। जहां इलाज के दौरान पहले मां ने दम तोड़ा, इसके बाद बेटे की सांसे थम गईं। आखिर में बेटी मनदीप कौर की भी मौत हो गई।
 


आनन-फानन में गांव के लोगों ने तीनों को जगराओं के निजी अस्पताल में एडमिट कराया। जहां इलाज के दौरान पहले मां ने दम तोड़ा, इसके बाद बेटे की सांसे थम गईं। आखिर में बेटी मनदीप कौर की भी मौत हो गई।
 

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