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गणतंत्र दिवस-राजस्थान की बेटी ने रचा ऐसा इतिहास, आसमान से हुई पुष्प वर्षा, नीचे तालियों से स्वागत

First Published Jan 26, 2021, 10:47 AM IST
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दिल्ली/ राजस्थान। दिल्ली के राजपथ में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम पर इस बार भारतीय वायु सेना का ब्रम्हास्त्र राफेल लड़ाकू विमान ने पहली बार गर्जना कर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, राजस्थान के नागौर की बेटी स्वाति राठौर ने इतिहास में पहली बार फ्लाई पास्ट की जिम्मेदारी संभाली है। बताया जा रहा है कि इतिहास में पहली बार कोई महिला पायलट फ्लाई पास्ट का नेतृत्व की। ऐसे में आज आपको स्वाति के बारे में बता रहे हैं।

बताते चले कि फ्लाई पास्ट के दौरान स्वाति के नेतृत्व में हवाई जहाज का एक फार्मेशन राजपथ के ऊपर से गुजरा। इस दौरान पुष्प वर्षा कर रहा था। वायुसेना की इस झांकी में हल्के लड़ाकू विमान, हेलीकपाप्टर और सुखोई-30 शामिल थे।

बताते चले कि फ्लाई पास्ट के दौरान स्वाति के नेतृत्व में हवाई जहाज का एक फार्मेशन राजपथ के ऊपर से गुजरा। इस दौरान पुष्प वर्षा कर रहा था। वायुसेना की इस झांकी में हल्के लड़ाकू विमान, हेलीकपाप्टर और सुखोई-30 शामिल थे।

बताते चले कि स्वाति राठौर नाौगर जिले के प्रेमपुरा गांव की रहने वाली हैं। वो भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके पिता डा. भवानी सिंह कृषि विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां राजेश कंवर गृहणी हैं। 

बताते चले कि स्वाति राठौर नाौगर जिले के प्रेमपुरा गांव की रहने वाली हैं। वो भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके पिता डा. भवानी सिंह कृषि विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां राजेश कंवर गृहणी हैं। 

वायुसेना दिवस फ्लाई पास्ट का नेतृत्व कर चुकी स्वाति ने साल 2018 में केरल में आए बाढ़ के दौरान अदम्य साहस और अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। उनका कहना है कि वह बचपन से ही निडर और साहसी थी। वह स्कूली पढ़ाई के दौरान खेल में अधिक रूचित रखती थी। बाद में उन्होंने एनसीसी ज्वाइन कर लिया था।  
 

वायुसेना दिवस फ्लाई पास्ट का नेतृत्व कर चुकी स्वाति ने साल 2018 में केरल में आए बाढ़ के दौरान अदम्य साहस और अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। उनका कहना है कि वह बचपन से ही निडर और साहसी थी। वह स्कूली पढ़ाई के दौरान खेल में अधिक रूचित रखती थी। बाद में उन्होंने एनसीसी ज्वाइन कर लिया था।  
 

परिवार के लोग बताते हैं कि स्वाति के पायलट बनने का सपना वर्ष 2014 में पूरा हुआ था। साल 2013 में वह एयर फोर्स कामन एडमिशन टेस्ट में बैंठीं थी और टेस्ट क्लियर करने के बाद मार्च 2014 में एयर फोर्स सलेक्शन बोर्ड देहरादून में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। बता दें कि तब फ्लाइंग ब्रांच के लिए एक मात्र स्वाति का ही चयन हुआ था।
 

परिवार के लोग बताते हैं कि स्वाति के पायलट बनने का सपना वर्ष 2014 में पूरा हुआ था। साल 2013 में वह एयर फोर्स कामन एडमिशन टेस्ट में बैंठीं थी और टेस्ट क्लियर करने के बाद मार्च 2014 में एयर फोर्स सलेक्शन बोर्ड देहरादून में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। बता दें कि तब फ्लाइंग ब्रांच के लिए एक मात्र स्वाति का ही चयन हुआ था।
 

राजस्थान के सीकर जिले के हरदासका बास की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावत 63 नें गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना की परेड में का नेतृत्व कर चुकी है। ऐसा करने वाली शेखावत वायुसेना की पहली महिला अफसर बनी थीं। इसके अलावा देश की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना सिंह भी राजस्थान की रहना वाली हैं।
फोटो में फाइटर पायलट मोहना सिंह

राजस्थान के सीकर जिले के हरदासका बास की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावत 63 नें गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना की परेड में का नेतृत्व कर चुकी है। ऐसा करने वाली शेखावत वायुसेना की पहली महिला अफसर बनी थीं। इसके अलावा देश की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना सिंह भी राजस्थान की रहना वाली हैं।
फोटो में फाइटर पायलट मोहना सिंह

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