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क्या आपने अब तक नहीं अपडेट किया Google Pay अकाउंट? कंपनी ने App में किये इतने बड़े बदलाव

First Published Mar 12, 2021, 12:24 PM IST
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टेक डेस्क : डिजिटल इंडिया की दौड़ में आजकल अधिकतर लोग ऑनलाइन पेमेंट्स करते हैं। ये एक सेफ और काफी सरल तरीका है पैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए। भारत में कई तरफ की पेमेंट्स ऐप का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें से Google Pay यूजर्स की पहली पसंद है। इसी को ध्यान में रखते हुए डिजिटल पेमेंट ऐप गूगल पे (Google Pay) नया अपडेट लेकर आया है। इस नए फीचर में कंपनी यूजर्स को अतिरिक्त प्राइवेसी के साथ ट्रांजैक्शन के डेटा पर ज्यादा कंट्रोल की सुविधा देने वाली है। तो चलिए आज आपको बताते हैं Google Pay के इस नए फीचर और फायदों के बारे में....

भारत में Google पे यूजर्स को अपनी प्राइवेसी में सुधार करने के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी, जिससे यूजर अपने लेनदेन डेटा को कंट्रोल करने के साथ ऐप में आने वाले एड्स और ऑफर को भी कंट्रोल कर सकते हैं।

भारत में Google पे यूजर्स को अपनी प्राइवेसी में सुधार करने के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी, जिससे यूजर अपने लेनदेन डेटा को कंट्रोल करने के साथ ऐप में आने वाले एड्स और ऑफर को भी कंट्रोल कर सकते हैं।

अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी पर बात करते हुए गूगल पे के वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट) अंबरीश केंघे ने कहा कि, 'प्राइवेसी हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने ने कहा कि अब हम गूगल पे पर आपकी एक्टिविटी का मैनेज करने के लिए राइट्स देने जा रहे हैं। यानी, यदि आप गूगल पे पर कुछ कर रहे हैं तो आपसे पूछा जाएगा कि आपके हिसाब से ऐप की सेवाओं को पर्सनलाइज करने के लिए इन्हें रिकॉर्ड किया जाना चाहिए या नहीं।'

अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी पर बात करते हुए गूगल पे के वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट) अंबरीश केंघे ने कहा कि, 'प्राइवेसी हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने ने कहा कि अब हम गूगल पे पर आपकी एक्टिविटी का मैनेज करने के लिए राइट्स देने जा रहे हैं। यानी, यदि आप गूगल पे पर कुछ कर रहे हैं तो आपसे पूछा जाएगा कि आपके हिसाब से ऐप की सेवाओं को पर्सनलाइज करने के लिए इन्हें रिकॉर्ड किया जाना चाहिए या नहीं।'

इस नए फीचर के जरिए यूजर पर्सनल ट्रांजैक्शन और हिस्ट्री को डिलीट भी कर सकते हैं। आप चाहे तो कुछ ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को सेव और बाकि को हटा भी सकते है। यूजर अपने लास्ट 10 यूपीआई ट्रांजैक्शन को डिलीट या टोकननाइज्ड कर सकते है।

इस नए फीचर के जरिए यूजर पर्सनल ट्रांजैक्शन और हिस्ट्री को डिलीट भी कर सकते हैं। आप चाहे तो कुछ ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को सेव और बाकि को हटा भी सकते है। यूजर अपने लास्ट 10 यूपीआई ट्रांजैक्शन को डिलीट या टोकननाइज्ड कर सकते है।

कंपनी का कहना है कि इस फीचर से प्राइवेट डेटा का मिसयूज होने से बचाया जा सकता है। हालांकि इसे मर्चेंट के लिए जारी नहीं किया जाएगा।
 

कंपनी का कहना है कि इस फीचर से प्राइवेट डेटा का मिसयूज होने से बचाया जा सकता है। हालांकि इसे मर्चेंट के लिए जारी नहीं किया जाएगा।
 

UPI के अलावा कंपनी यूजर को कॉन्टैक्टलैस कार्ड ट्रांजैक्शन करने की भी सुविधा देगी। इसके लिए भी टोकननाइज्ड डेबिट या क्रेडिट कार्ड का यूज किया जाएगा। जो उनके स्मार्टफोन से लिंक रहेंगे।

UPI के अलावा कंपनी यूजर को कॉन्टैक्टलैस कार्ड ट्रांजैक्शन करने की भी सुविधा देगी। इसके लिए भी टोकननाइज्ड डेबिट या क्रेडिट कार्ड का यूज किया जाएगा। जो उनके स्मार्टफोन से लिंक रहेंगे।

इसके साथ ही अब यूजर यह तय कर सकते हैं कि उन्हें ऑफर व रिवॉर्ड देने के लिए इस डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।

 

इसके साथ ही अब यूजर यह तय कर सकते हैं कि उन्हें ऑफर व रिवॉर्ड देने के लिए इस डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।

 

गूगल पे ऐप का अपडेट वर्जन का अगले सप्ताह जारी किया जाएगा। इसे शुरू करने से पहले गूगल पे यूजर से पूछेगा कि वे कंट्रोल को ऑन करना चाहते हैं या ऑफ। अगर आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे ऑन कर दीजिएगा।

गूगल पे ऐप का अपडेट वर्जन का अगले सप्ताह जारी किया जाएगा। इसे शुरू करने से पहले गूगल पे यूजर से पूछेगा कि वे कंट्रोल को ऑन करना चाहते हैं या ऑफ। अगर आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे ऑन कर दीजिएगा।

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