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दिल्ली में हिंसा के बाद बंद कर दिया गया इंटरनेट, जानें अब कैसे लोग WhatsApp पर भेज रहे हैं मैसेज

First Published Jan 27, 2021, 1:51 PM IST
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टेक डेस्क: 26 जनवरी को दिल्ली में जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। 26 जनवरी को लोग 72वें गणतंत्र दिवस की खुशियां मना रहे थे लेकिन तभी उपद्रवियों ने ट्रैक्टर रैली के नाम पर लाल किले में और दिल्ली की कई जगहों पर उपद्रव करना शुरू कर दिया। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया गया। पुलिस पर अटैक किया गया और कई को जख्मी कर दिया गया। हिंसा के बाद दिल्ली में कई जगहों पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। ताकि कोई भी किसी तरह का भड़काऊ पोस्ट कर हिंसा को और उग्र ना करे। लेकिन इस स्थिति में ये सवाल उठता है कि क्या इंटरनेट  सेवा बंद होने के बाद भी लोग ऑनलाइन मैसेज भेज सकते हैं या नहीं? 

26 जनवरी को किसान आंदोलन में हुए हिंसा के बाद दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे पहले भी भारत में कई बार हिंसा होने पर सरकार इंटरनेट सेवा बंद कर देती है। ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि ऐसा कैसे कर दिया जाता है?

26 जनवरी को किसान आंदोलन में हुए हिंसा के बाद दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे पहले भी भारत में कई बार हिंसा होने पर सरकार इंटरनेट सेवा बंद कर देती है। ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि ऐसा कैसे कर दिया जाता है?

आज के समय में ज्यादातर लोग इंटरनेट पर एक्टिव हैं। ऐसे में कई तरह के भड़काऊ पोस्ट भी किये जाते हैं। अगर किसी जगह हिंसा हो रही है तो वहां ऐसे पोस्ट और भी ज्यादा हिंसा फैला सकते हैं।  इसलिए वहां इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाती है।  

आज के समय में ज्यादातर लोग इंटरनेट पर एक्टिव हैं। ऐसे में कई तरह के भड़काऊ पोस्ट भी किये जाते हैं। अगर किसी जगह हिंसा हो रही है तो वहां ऐसे पोस्ट और भी ज्यादा हिंसा फैला सकते हैं।  इसलिए वहां इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाती है।  

कई लोगों को लगता है कि इंटरनेट सेवा बंद कर देने से वहां लोग नेट का उपयोग नहीं कर पाते। हालांकि, ऐसा नहीं है। इंटरनेट सेवा बंद कर देने के बाद भी लोग इलाके में नेट का उपयोग कर पाते हैं।  इससे बिना इंटरनेट के भी लोग मैसेज भेज पाते हैं। आइये बताते हैं आखिर कैसे? 

कई लोगों को लगता है कि इंटरनेट सेवा बंद कर देने से वहां लोग नेट का उपयोग नहीं कर पाते। हालांकि, ऐसा नहीं है। इंटरनेट सेवा बंद कर देने के बाद भी लोग इलाके में नेट का उपयोग कर पाते हैं।  इससे बिना इंटरनेट के भी लोग मैसेज भेज पाते हैं। आइये बताते हैं आखिर कैसे? 

ऐसा किया जाता है वाईफाई के जरिये। इसमें फ़ाइल ट्रांसफर का ऑप्शन दिया गया है। साथ ही ब्लूटूथ के जरिये भी मैसेज भेजा जा सकता है। इसके लिए आपके सिम कार्ड में इंटरनेट पैक एक्टिव होना जरुरी नहीं है। 

ऐसा किया जाता है वाईफाई के जरिये। इसमें फ़ाइल ट्रांसफर का ऑप्शन दिया गया है। साथ ही ब्लूटूथ के जरिये भी मैसेज भेजा जा सकता है। इसके लिए आपके सिम कार्ड में इंटरनेट पैक एक्टिव होना जरुरी नहीं है। 

इसे मेश नेटवर्क कहा जाता है। जब कई मोबाइल के वाईफाई या ब्लूटूथ के नेटवर्क को एक साथ ले आया जाता है तो इसे मेश नेटवर्क कहते हैं। हालांकि, इसकी अपनी लिमिटेशन है। ये सिर्फ निश्चित रेंज तक काम करती है। 

इसे मेश नेटवर्क कहा जाता है। जब कई मोबाइल के वाईफाई या ब्लूटूथ के नेटवर्क को एक साथ ले आया जाता है तो इसे मेश नेटवर्क कहते हैं। हालांकि, इसकी अपनी लिमिटेशन है। ये सिर्फ निश्चित रेंज तक काम करती है। 

दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां हिंसा की स्थिति में जब इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाती है तब लोग मेश नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। होंग कोंग में भी ऐसा ही हुआ था। तब कई लोगों ने एक साथ इंटरनेट नेटवर्क मेश कर मैसेज भेजने में सफलता हासिल की थी।  

दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां हिंसा की स्थिति में जब इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाती है तब लोग मेश नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। होंग कोंग में भी ऐसा ही हुआ था। तब कई लोगों ने एक साथ इंटरनेट नेटवर्क मेश कर मैसेज भेजने में सफलता हासिल की थी।  

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