करण बाजवा बने भारत में Google क्लाउड हेड, जानिए उनके लुधियाना से सिस्को, माइक्रोसॉफ्ट, IBM तक का सफर

First Published 18, Mar 2020, 7:02 PM


नई दिल्ली।  गूगल ने करन बाजवा को भारत में अपने क्लाउड व्यवसाय गूगल क्लाउड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। बाजवा इससे पहले आईबीएम में काम कर चुके हैं। गूगल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि बाजवा के पास गूगल क्लाउड की आय बढ़ाने और बाजार परिचालन की जिम्मेदारी होगी। इसमें गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म और जी सूट शामिल हैं।
 

गूगल क्लाउड के क्षेत्रीय बिक्री केंद्र, सहयोगी और ग्राहक इंजीनियरिंग संगठन भी उनके अधीन होंगे। बाजवा गूगल क्लाउड को स्थानीय डेवलपर प्रणाली से जोड़ने की दिशा में भी काम करेंगे। गूगल क्लाउड के एशिया-प्रशांत के प्रबंध निदेशक रिक हार्शमैन ने कहा कि बाजवा इस उद्योग क्षेत्र में बड़ा अनुभव रखते हैं। उनका सफल संगठन और कारोबार चलाने का रिकॉर्ड रहा है।

गूगल क्लाउड के क्षेत्रीय बिक्री केंद्र, सहयोगी और ग्राहक इंजीनियरिंग संगठन भी उनके अधीन होंगे। बाजवा गूगल क्लाउड को स्थानीय डेवलपर प्रणाली से जोड़ने की दिशा में भी काम करेंगे। गूगल क्लाउड के एशिया-प्रशांत के प्रबंध निदेशक रिक हार्शमैन ने कहा कि बाजवा इस उद्योग क्षेत्र में बड़ा अनुभव रखते हैं। उनका सफल संगठन और कारोबार चलाने का रिकॉर्ड रहा है।

बाजवा ने कहा, "क्लाउड कंप्यूटिंग इंडस्ट्री  का आधुनिकीकरण और विकास के लिए पैमाने लगभग हर उद्यम के सीईओ और सीआईओ के एजेंडे पर है।  Google क्लाउड हर संगठन को उनके डिजिटल रेवोलुशन में तेजी लाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।''

बाजवा ने कहा, "क्लाउड कंप्यूटिंग इंडस्ट्री का आधुनिकीकरण और विकास के लिए पैमाने लगभग हर उद्यम के सीईओ और सीआईओ के एजेंडे पर है। Google क्लाउड हर संगठन को उनके डिजिटल रेवोलुशन में तेजी लाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।''

बाजवा लुधियाना के गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भी लुधियाना से पूरी की है। गूगल में इतना बड़ा पद मिलने के बाद वह लुधियाना के गौरव बन गए हैं।

बाजवा लुधियाना के गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भी लुधियाना से पूरी की है। गूगल में इतना बड़ा पद मिलने के बाद वह लुधियाना के गौरव बन गए हैं।

2016 में बाजवा ने आईबीएम इंडिया में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर जॉइन किया और जनवरी 2020  तक उस पद पर रहे।

2016 में बाजवा ने आईबीएम इंडिया में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर जॉइन किया और जनवरी 2020 तक उस पद पर रहे।

आईबीएम में, बाजवा को बदलाव लाने वाला आदमी कहा जाता था। वो एक वर्कहॉलिक आदमी हैं जो कंपनी के मुख्यालय बेंगलुरु से अपने होमग्राउंड गुड़गांव के बीच अक्सर यात्रा किया करते थे।

आईबीएम में, बाजवा को बदलाव लाने वाला आदमी कहा जाता था। वो एक वर्कहॉलिक आदमी हैं जो कंपनी के मुख्यालय बेंगलुरु से अपने होमग्राउंड गुड़गांव के बीच अक्सर यात्रा किया करते थे।

बाजवा ने जब आईबीएम सपोर्ट असिस्टेंट (आईएसए) बिजनेस का नेतृत्व किया, तो मार्केटप्लेस में तेजी से बदलाव देखने को मिला,  उन्होंने आईबीएम के मिड-मार्केट बिजनेस को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

बाजवा ने जब आईबीएम सपोर्ट असिस्टेंट (आईएसए) बिजनेस का नेतृत्व किया, तो मार्केटप्लेस में तेजी से बदलाव देखने को मिला, उन्होंने आईबीएम के मिड-मार्केट बिजनेस को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

बाजवा ने आईबीएम के क्लाउड बिजनेस का भी नेतृत्व किया, उन्होंने उस समय इस टेक्नोलॉजी का नेतृत्व किया जब भारत क्लाउड बिजनेस के क्षेत्र में पंख पसार रहा था।

बाजवा ने आईबीएम के क्लाउड बिजनेस का भी नेतृत्व किया, उन्होंने उस समय इस टेक्नोलॉजी का नेतृत्व किया जब भारत क्लाउड बिजनेस के क्षेत्र में पंख पसार रहा था।