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वैज्ञानिकों का चमत्कारः अब पैदा होंगे पढ़े-लिखे पालक, खतरा भांपते ही धड़ाधड़ Email भेजेंगी जड़ें

First Published Feb 3, 2021, 11:13 AM IST
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टेक डेस्क: पालक की गिनती हरी पत्तीदार सब्जियों में की जाती है। पालक में आयरन, कैल्शियम और कई तरह के न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो आपको स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। लेकिन आपसे ये कहा जाए कि अब ये पत्तेदार सब्जियां  भेज पाएंगे तो? आपको लगेगा की हम मजाक कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। इंजीनियर्स ने ऐसा पालक साग बनाया है, जो आपको ईमेल भेज सकते हैं। ऐसा करने में सफलता पाई है Massachusetts Institute of Technology (MIT) के इंजीनियर्स ने। उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी के जरिये पालक की जड़ों में ऐसे सेंसर लगा दिए हैं, जो जमीन में खतरा महसूस होने पर आपको मेल भेज देगा। 

Massachusetts Institute of Technology के लीड रिसर्चर माइकल स्ट्रॉनों ने अपनी टीम के साथ मिलकर ऐसा पालक बनाया है जो जमीन के नीचे विस्फोटक मिलने पर आपको ईमेल भेज सकता है। ऐसा पॉसिबल है इस पालक की जड़ों के जरिये। जड़ें पानी में या मिट्टी में मौजूद Nitroaromatics को भांपकर मेल भेजेगा। 

Massachusetts Institute of Technology के लीड रिसर्चर माइकल स्ट्रॉनों ने अपनी टीम के साथ मिलकर ऐसा पालक बनाया है जो जमीन के नीचे विस्फोटक मिलने पर आपको ईमेल भेज सकता है। ऐसा पॉसिबल है इस पालक की जड़ों के जरिये। जड़ें पानी में या मिट्टी में मौजूद Nitroaromatics को भांपकर मेल भेजेगा। 

Nitroaromatics एक तरह का केमिकल कंपाउंड है जो विस्फोटक पदार्थ में मौजूद होता है। जब पालक की जड़ें इसके संपर्क में आएंगे तो इसमें लगे कार्बन नैनोट्यूब्स सिग्नल भेजेंगे। इस सिग्नल को IR कैमरा के जरिये पढ़ा जाएगा  जो ईमेल के रूप में साइंटिस्ट्स को मिलेगा। 

Nitroaromatics एक तरह का केमिकल कंपाउंड है जो विस्फोटक पदार्थ में मौजूद होता है। जब पालक की जड़ें इसके संपर्क में आएंगे तो इसमें लगे कार्बन नैनोट्यूब्स सिग्नल भेजेंगे। इस सिग्नल को IR कैमरा के जरिये पढ़ा जाएगा  जो ईमेल के रूप में साइंटिस्ट्स को मिलेगा। 

लीड रिसर्चर माइकल स्ट्रॉनों ने कहा कि पौधे काफी अच्छे केमिकल एनालिस्ट होते हैं। इनकी जड़ें जमीन के नीचे मौजूद केमिकल्स को अच्छे से पहचान लेते हैं। ऐसे में टीम ने आइडिया के जरिये एक्सप्लोसिव एलिमेंट्स को रीड करने की तकनीक पालक साग की जड़ों में डालने का फैसला किया। 

लीड रिसर्चर माइकल स्ट्रॉनों ने कहा कि पौधे काफी अच्छे केमिकल एनालिस्ट होते हैं। इनकी जड़ें जमीन के नीचे मौजूद केमिकल्स को अच्छे से पहचान लेते हैं। ऐसे में टीम ने आइडिया के जरिये एक्सप्लोसिव एलिमेंट्स को रीड करने की तकनीक पालक साग की जड़ों में डालने का फैसला किया। 

माइकल स्ट्रॉनों के मुताबिक़, इस तकनीक की वजह से जमीन के नीचे मौजूद विस्फोटक या किसी तरह के हानिकारक तत्व का पता वैज्ञानिकों को पता चल जाएगा। इससे जमीन के नीचे की छोटी सी हलचल भी पौधे पकड़ लेंगे और उसकी जानकारी वैज्ञानिकों को दे देंगे।  

माइकल स्ट्रॉनों के मुताबिक़, इस तकनीक की वजह से जमीन के नीचे मौजूद विस्फोटक या किसी तरह के हानिकारक तत्व का पता वैज्ञानिकों को पता चल जाएगा। इससे जमीन के नीचे की छोटी सी हलचल भी पौधे पकड़ लेंगे और उसकी जानकारी वैज्ञानिकों को दे देंगे।  

माइकल स्ट्रॉनों के मुताबिक, इससे इन्वॉयरन्मेंटलिस्ट को पॉल्यूशन या जमीन के नीचे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों का तुरंत पता चल जाएगा। कई बार मशीन के जरिये इसका पता लगाने पर सही जानकारी नहीं मिलती। ये समस्या अब पालक की जड़ें सॉल्व कर देगी। 

माइकल स्ट्रॉनों के मुताबिक, इससे इन्वॉयरन्मेंटलिस्ट को पॉल्यूशन या जमीन के नीचे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों का तुरंत पता चल जाएगा। कई बार मशीन के जरिये इसका पता लगाने पर सही जानकारी नहीं मिलती। ये समस्या अब पालक की जड़ें सॉल्व कर देगी। 

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