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ब्रिटिश जर्नलिस्ट का दावा- वुहान से फैला कोरोना, लैब में जानवरों के बदले गए जीन, चीन कर रहा खतरनाक प्रयोग

First Published Jun 7, 2021, 1:40 PM IST
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ट्रेंडिंग डेस्क. दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना कोरोना वायरस कहां से आया है। एक तरफ कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनिया के ज्यादातर देशों में  वैक्सीन लगाई जा रही है वहीं ये वायरस कहां से आया है इसे लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। ये वायरस जानवर से आया है या फिर लैब से इसे लेकर बहस चल रही है। इसी बीच ब्रिटिश जर्नलिस्ट ने चीन से वायरस निकलने के दावों की पुष्टि की है। ब्रिटिश जर्नलिस्ट जैस्पर बेकर ने चीनी मीडिया में प्रकाशित कई लेखों के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की है। आइए जानते हैं क्या है इस रिपोर्ट में?

बदले गए जीन
कोरोना वायरस को लेकर चीन शुरू से निशाने में था।  ब्रिटिश जर्नलिस्ट जैस्पर बेकर के अनुसार, वुहान की लैब में जैनेटिक इंजीनियरिंग के सहारे बंदर और खरगोश समेत करीब 1,000 से ज्यादा जानवरों के जीन बदले गए हैं और इसी लैब से ही पूरी दुनिया में वायरस फैला है।

बदले गए जीन
कोरोना वायरस को लेकर चीन शुरू से निशाने में था।  ब्रिटिश जर्नलिस्ट जैस्पर बेकर के अनुसार, वुहान की लैब में जैनेटिक इंजीनियरिंग के सहारे बंदर और खरगोश समेत करीब 1,000 से ज्यादा जानवरों के जीन बदले गए हैं और इसी लैब से ही पूरी दुनिया में वायरस फैला है।

इंजेक्शन लगाए गए
जैस्पर बेकर की रिपोर्ट को ब्रिटिश के सभी न्यूज पेपरों में पब्लिश किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन की लैब में जानवरों की जीन को बदलने के लिए वायरस के इंजेक्शन लगाए गए हैं। इंजेक्शन के यूज से ही कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई। चीन अपने लैब में इंसानों पर प्रयोग करने के लिए ऐसे एक्सपेरिमेंट कर रहा है जो दूसरे देशों में बैन हैं।
 

इंजेक्शन लगाए गए
जैस्पर बेकर की रिपोर्ट को ब्रिटिश के सभी न्यूज पेपरों में पब्लिश किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन की लैब में जानवरों की जीन को बदलने के लिए वायरस के इंजेक्शन लगाए गए हैं। इंजेक्शन के यूज से ही कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई। चीन अपने लैब में इंसानों पर प्रयोग करने के लिए ऐसे एक्सपेरिमेंट कर रहा है जो दूसरे देशों में बैन हैं।
 

जीवित जानवरों पर प्रयोग
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन यह बताने की कोशिश करता है कि उसकी वुहान लैब में जैव सुरक्षा पर शोध किया जाता है। लेकिन यहां जीवित जानवरों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। यहां जानवारों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।  

जीवित जानवरों पर प्रयोग
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन यह बताने की कोशिश करता है कि उसकी वुहान लैब में जैव सुरक्षा पर शोध किया जाता है। लेकिन यहां जीवित जानवरों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। यहां जानवारों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।  

चूहों पर भी लगा वायरस का इंजेक्शन
चीनी एक्सपर्ट का कहना है कि वुहान की वायरोलॉजिस्ट शी झेंगली ने गुफाओं का दौरा किया था। यहां चमगादड़ों पर रिसर्च की जा रही थी। हो सकता है कि यहीं से कोरोना वायरस बना हो। बताया जा रहा है कि झेंगली ने कई चूहों को वायरस के इंजेक्शन दिए गए थे। 

चूहों पर भी लगा वायरस का इंजेक्शन
चीनी एक्सपर्ट का कहना है कि वुहान की वायरोलॉजिस्ट शी झेंगली ने गुफाओं का दौरा किया था। यहां चमगादड़ों पर रिसर्च की जा रही थी। हो सकता है कि यहीं से कोरोना वायरस बना हो। बताया जा रहा है कि झेंगली ने कई चूहों को वायरस के इंजेक्शन दिए गए थे। 

आर्मी करती है सुरक्षा
जैस्पर बेकर की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की खतरनाक लैब की सुरक्षा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि सेना दो अच्छे सैनिक और ऐसे जीवों को खोजती है जिसमें हथियारों का प्रयोग किया जा सके।  

आर्मी करती है सुरक्षा
जैस्पर बेकर की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की खतरनाक लैब की सुरक्षा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि सेना दो अच्छे सैनिक और ऐसे जीवों को खोजती है जिसमें हथियारों का प्रयोग किया जा सके।  

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