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कोरोना: यहां हुई नौकरियों की किल्लत, खर्च चलाने के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स अपनी प्राइवेट Photos बेचने पर मजबूर

First Published Apr 14, 2021, 11:44 AM IST
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दुनियाभर में एक बार फिर से कोरोना अपने पैर तेजी से पसार रहा है। बीते दिन इस महामारी से 800 लोगों की मौत हुई है। इस महामारी के कारण लोगों की आर्थिक हालत नाजुक हो गई है। कई लोगों की आर्थिक हालत तो इतनी बिगड़ गई है कि उसके पास खाने के लिए खाना और काम करने के लिए काम नहीं है। ऐसे में लोगों को कई गंभीर और खतरनाक कदम उठाने पड़ रहे हैं। इसी बीच ब्रिटेन की लड़कियों की स्थिति को लेकर खुलास हुआ है, जिसे जानकर हर किसी के होश उड़ सकते हैं। 

दरअसल, ये मामला तब सामने आया जब इंग्लिश कलेक्टिव ऑफ प्रॉस्टिट्यूट नाम की एक प्रॉस्टिट्यूट यूनियन को लगातार यूनिवर्सिटी और कॉलेज से सेक्स वर्क के लिए कई कॉल्स आने का खुलासा हुआ। साल 2021 में ये कॉल्स इतना बढ़ गईं कि पहले के मुकाबले तीन गुना तक पहुंच गईं।

दरअसल, ये मामला तब सामने आया जब इंग्लिश कलेक्टिव ऑफ प्रॉस्टिट्यूट नाम की एक प्रॉस्टिट्यूट यूनियन को लगातार यूनिवर्सिटी और कॉलेज से सेक्स वर्क के लिए कई कॉल्स आने का खुलासा हुआ। साल 2021 में ये कॉल्स इतना बढ़ गईं कि पहले के मुकाबले तीन गुना तक पहुंच गईं।

बताया जा रहा है कि स्टूडेंट्स की ब्रिटेन में सबसे ज्यादा आर्थिक हालत खराब हुई है। कहा ये भी जा रहा है कि कॉलेज-यूनिवर्सिटी की ट्यूशन फीस में सबसे ज्यादा बढ़ाई गई हैं और ऐसे में कोरोना महामारी के चलते कई ऐसी स्टूडेंट्स हैं, जो प्रॉस्टिट्यूशन के जरिए अपना खर्च चलाने को मजबूर हो चुकी हैं। 

बताया जा रहा है कि स्टूडेंट्स की ब्रिटेन में सबसे ज्यादा आर्थिक हालत खराब हुई है। कहा ये भी जा रहा है कि कॉलेज-यूनिवर्सिटी की ट्यूशन फीस में सबसे ज्यादा बढ़ाई गई हैं और ऐसे में कोरोना महामारी के चलते कई ऐसी स्टूडेंट्स हैं, जो प्रॉस्टिट्यूशन के जरिए अपना खर्च चलाने को मजबूर हो चुकी हैं। 

स्टूडेंट्स को लेकर बतया जा रहा है कि आमतौर पर पहले स्टूडेंट्स अपना खर्च चलाने के लिए शॉप्स या पब-बार और मॉल्स में काम किया करती थीं। लेकिन, महामारी के चलते इन पार्ट टाइम प्रोफेशन्स पर काफी असर पड़ा है, जिसका निष्कर्ष ये हुआ है कि स्टूडेंट्स आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। 

स्टूडेंट्स को लेकर बतया जा रहा है कि आमतौर पर पहले स्टूडेंट्स अपना खर्च चलाने के लिए शॉप्स या पब-बार और मॉल्स में काम किया करती थीं। लेकिन, महामारी के चलते इन पार्ट टाइम प्रोफेशन्स पर काफी असर पड़ा है, जिसका निष्कर्ष ये हुआ है कि स्टूडेंट्स आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। 

पार्ट टाइम काम में कमी के चलते स्टूडेंट्स को सेक्स वर्क में शामिल होना पड़ रहा है। वो ये काम करने के लिए मजबूर हैं। 
 

पार्ट टाइम काम में कमी के चलते स्टूडेंट्स को सेक्स वर्क में शामिल होना पड़ रहा है। वो ये काम करने के लिए मजबूर हैं। 
 

बता दें कि प्रॉस्टिट्यूट यूनियन नाम की संस्था की शुरुआत साल 1975 में हुई थी। इसका मुख्य मकसद सेक्स वर्कर्स को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करना है और उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है।

बता दें कि प्रॉस्टिट्यूट यूनियन नाम की संस्था की शुरुआत साल 1975 में हुई थी। इसका मुख्य मकसद सेक्स वर्कर्स को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करना है और उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है।

संस्था के प्रवक्ता वॉटसन ने कहा है कि जब ब्रिटेन में लॉकडाउन लगा था तो बहुत सारी महिलाएं ओनलीफैंस जैसी वेबसाइट्स पर एक्टिव रहा करती थीं और अपनी हॉट तस्वीरें शेयर कर पैसे कमाया करती थीं। इस वेबसाइट्स पर कई महिलाएं सफलता भी हासिल कर चुकी हैं और आज अच्छा-खासा पैसा अपनी फोटो शेयर कर कमा रही हैं। 

संस्था के प्रवक्ता वॉटसन ने कहा है कि जब ब्रिटेन में लॉकडाउन लगा था तो बहुत सारी महिलाएं ओनलीफैंस जैसी वेबसाइट्स पर एक्टिव रहा करती थीं और अपनी हॉट तस्वीरें शेयर कर पैसे कमाया करती थीं। इस वेबसाइट्स पर कई महिलाएं सफलता भी हासिल कर चुकी हैं और आज अच्छा-खासा पैसा अपनी फोटो शेयर कर कमा रही हैं। 

वहीं, कई महिलाओं का एक्सपीरियंस इस वेबसाइट पर अच्छा नहीं रहा है। उन्हें खराब अनुभव से गुजरना पड़ा है। वॉटसन ने कहा कि कई स्टूडेंट्स और महिलाएं उनके पास शिकायत लेकर आती है कि उनकी प्राइवेट तस्वीरों का कंटेंट कहीं और रिपोस्ट कर दिया है। 
 

वहीं, कई महिलाओं का एक्सपीरियंस इस वेबसाइट पर अच्छा नहीं रहा है। उन्हें खराब अनुभव से गुजरना पड़ा है। वॉटसन ने कहा कि कई स्टूडेंट्स और महिलाएं उनके पास शिकायत लेकर आती है कि उनकी प्राइवेट तस्वीरों का कंटेंट कहीं और रिपोस्ट कर दिया है। 
 

इसके अलावा महिलाओं की ऐसी भी शिकायत रही है कि जिनके क्लाइंट्स उनसे पर्सनल डिटेल्स पहले ले लेते हैं, उसके बाद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। ऐसे में इन स्टूडेंट्स और महिलाओं के लिए भी वेबसाइट्स पर जाना काफी चैलेंजिंग होता जा रहा है। 

इसके अलावा महिलाओं की ऐसी भी शिकायत रही है कि जिनके क्लाइंट्स उनसे पर्सनल डिटेल्स पहले ले लेते हैं, उसके बाद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। ऐसे में इन स्टूडेंट्स और महिलाओं के लिए भी वेबसाइट्स पर जाना काफी चैलेंजिंग होता जा रहा है। 

बताया जा रहा है कि पिछले साल 3200 स्टूडेंट्स को लेकर सर्वे हुआ था कि जिसमें 4 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने कहा था कि वो अपने कोर्स का फंड भरने के लिए सेक्स वर्क का सहारा ले रही हैं। इसकी संख्या 10 अनुपात 1 है। यानी कि एक सर्वे में 10 लड़कियों से पूछा गया था तो सिर्फ एक लड़की ने कहा था कि कैश कम करने पर वो ऐसा काम कर सकती है। 
 

बताया जा रहा है कि पिछले साल 3200 स्टूडेंट्स को लेकर सर्वे हुआ था कि जिसमें 4 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने कहा था कि वो अपने कोर्स का फंड भरने के लिए सेक्स वर्क का सहारा ले रही हैं। इसकी संख्या 10 अनुपात 1 है। यानी कि एक सर्वे में 10 लड़कियों से पूछा गया था तो सिर्फ एक लड़की ने कहा था कि कैश कम करने पर वो ऐसा काम कर सकती है। 
 

बता दें कि पिछले साल ब्रिटेन में कॉलेज की फीस में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और कोरोना ने सबकी कमर तोड़ कर रख दी है। बताया जा रहा है कि प्रॉस्टिट्यूशन के प्रोफेशन के बारे में ज्यादातर लड़कियां अपने घरवालों को नहीं बताती हैं।

बता दें कि पिछले साल ब्रिटेन में कॉलेज की फीस में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और कोरोना ने सबकी कमर तोड़ कर रख दी है। बताया जा रहा है कि प्रॉस्टिट्यूशन के प्रोफेशन के बारे में ज्यादातर लड़कियां अपने घरवालों को नहीं बताती हैं।

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