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Explainer: ऐसी ठंड की नियाग्रा फॉल्स भी जम गया, 8 Pics में जानें सदी के सबसे खौफनाक बर्फीले तूफान के बारे में
ट्रेंडिंग डेस्क. अमेरिका इन दिनों अब तक के सबसे खतरनाक बर्फीले तूफान की चपेट में हैं। इस तूफान की वजह से यहां 20 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और दर्जनों मौतें हुई हैं। ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा जल प्रपात (Niagra Falls) तक जम गया है। दावा किया जा रहा है कि इस तूफान की वजह से क्रिसमस ईव इतिहास की सबसे ठंडी क्रिसमस ईव रही। वहीं, बिजली गुल होने से लगभग ़10 लाख से ज्यादा लोग अंधेरे में हैं। 8 स्लाइड्स में जानें कि कैसे अमेरिका इस भयानक बर्फीले तूफान की चपेट में आया?

क्या होता है बर्फीला तूफान?
दरअसल, बर्फीले तूफान में केवल हाड़ कंपा देने वाली ठंडी हवाएं हीं नहीं चलती बल्कि इसके साथ भारी मात्रा में ओले या बर्फ की बेहिसाब बारिश होती है। ऐसा तब होता है जब मौसम पहले से बहुत ज्यादा ठंडा हो और तूफान के अनुकूल परिस्थितियां बन जाएं।
कब खतरनाक होता है बर्फीला तूफान?
बर्फीले तूफान में हवा की रफ्तार का बढ़ना बड़ा खतरा पैदा कर देता है। अमेरिका में कुछ ऐसा ही देखने मिल रहा है, जब बर्फीले तूफान की रफ्तार खतरनाक रूप से बढ़ जाती है तो इस तूफान को ब्लिजार्ड (Blizzard) कहा जाता है। ब्लिजार्ड की वजह से सड़कों पर कई फीट बर्फ जमा हो जाती है, जो कई महीनों तक नहीं पिघलती क्योंकि तापमान काफी कम बना रहता है। लोग घरों में बंद रहने के लिए मजबूर हो जाते हैं। पीने का पानी, खाना सबकुछ मिलना मुश्किल हो जाता है।
पोलर वोर्टेक्स की वजह से आते हैं ऐसे तूफान
मौसम विभाग के मुताबिक ऐसे खतरनाक बर्फीले तूफान पोलर वोर्टेक्स या ध्रुवीय भंवर की वजह से जन्म लेते हैं। दरअसल, शीत ऋतु के आते ही सूरज नॉर्थ पोल से दूर होने लगता है और उसकी तपिश उत्तरी गोलार्ध पर कम होने लगती है, लेकिन इसके मुकाबले दक्षिणी गोलार्ध गर्म रहता है। ऐसे में उत्तर व दक्षिण गोलार्ध के बीच तापमान के बड़े अंतर की वजह से बड़े चक्रवात जन्म लेते हैं और इसी को पोलर वोर्टेक्स कहा जाता है। अमेरिका में आया बर्फीला तूफान इसी पोलर वोर्टेक्स की देन है।
अमेरिका में इस बर्फीले तूफान को सदी का सबसे खतरनाक तूफान बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसकी वजह से अबतक 50 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। अमेरिका में पहले भी कई छोटे-बड़े बर्फीले तूफान आते रहे हैं, पर ऐसा तूफान पहले कभी नहीं देखा गया। 1947 में भी अमेरिका में एक बर्फीला तूफान आया था, जिसकी वजह से 12 फीट तक बर्फ जम गई थी, हालांकि इस बार का बर्फीला तूफान इससे कई गुना ज्यादा ताकतवर है।
इस तूफान से अमेरिका का बफेलो शहर सबसे ज्यादा प्रभावित है और पूरी तरह जम सा गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी वजह से लोगों को फ्रॉस्ट बाइट भी हो सकता है, जिससे जान भी जा सकती है।
जीएमए की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस खतरनाक तूफान की वजह से अमेरिका के ज्यादातर शहर अंधेरे में हैं। सबकुछ जमा देने वाली इस ठंड के बीच 10 लाख से ज्यादा लोग अंधेरे में हैं और जैसे-तैसे अपनी जान बचा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये तूफान मानव जीवन से लेकर पेड़-पौधे, जीव जंतुओं सभी के लिए खतरनाक है। अगर ये ज्यादा दिन तक बना रहा तो भयानक तबाही हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने इस बर्फीले तूफान को आर्क्टिक ब्लास्ट नाम दिया है। कई शहरों में तापमान शून्य से 17 डिग्री कम दर्ज किया गया है। इससे मची तबाही देख पूरी दुनिया हैरान है, झीलें, घर, सड़कें, पानी की लाइनें, पेड़-पौधे सबकुछ बर्फ में जम चुका है। (फोटो में : ठंड से जमा नियाग्रा जल प्रपात)
हालांकि, राहत भरी खबर ये है कि पोलर वोर्टेक्स के पूर्व की ओर बढ़ने से आने वाले कुछ दिनों में तापमान की गिरावट थम जाएगी और नए साल की शुरुआत तक ये बर्फीला तूफान शांत हो जाएगा।
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