Travel In Summer : आप भी तलाश कर रहे हैं कूल टूरिस्ट प्लेस, ये सभी भारत में हैं मौजूद
ट्रेंडिंग डेस्क। भारत बहुत विविधताओं वाला देश है, दक्षिण के राज्यों में जहां पारा पचास को छूने के लिए बेकरार हो जाता है तो वहीं देश में ऐसी जगहें भी हैं जहां न्यूनतम पारा -50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। गर्मियां आते ही देश में कूल स्थानों की तरफ पर्यटन बढ़ जाता है, चलिए आज आपको कुछ ऐसी ही सबसे ठंडे स्थानों के बारे में बताते हैं, जहां पहुंचते ही बर्फ ही बर्फ नजर आती है। हालांकि जीवन यहां भी है, तमाम दुश्वारियों के बीच स्थानीय लोग औऱ खासकर सेना के जवान मुस्तैदी से देश की सीमाओं की रक्षा के लिए यहां हाड़ कंपा देने वाली सर्दियों में डटे रहते हैं। देखें देश में मौजूद कूलस्ट प्लेस...

Siachen Glacier (सियाचिन ग्लेशियर)
भारत का सबसे ठंडा स्थान सियाचिन ग्लेशियर है। ये उत्तरी काराकोरम रेंज में स्थित है। सियाचिन पूरे नॉन-पोलर (गैर ध्रुव्रीय) स्थानों में सबसे ठंडा है। यहां जबरदस्त तरीके का स्नोफॉल देखा जाता है। सियाचिन में मिनीमम टेम्परेचर -50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। भारत में जब भीषण गर्मी पड़ती है उस समय सियाचिन में तापमान -10°C होता है। ठंड होया बारिश बारह महीनों यहा सेना के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं।
Sela Pass, Tawang ( सेला पास, तवांग )
चीन से सटती सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में स्थित है तवांग, यहां भारतीय सेना और पीएलआई के बीच अकसर तनातनी देखने को मिल जाती है। यह सेला पास का इलाका बौद्ध शहर तवांग को तेजपुर- गुवाहाटी से मिलाता है। यहां आबादी के लिए सर्दियों का मौसम काटना बड़ा महंगा पड़ता है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है। सेला, टूरिस्ट प्लेस है, यहां अक्टूबर, नवंबर के बाद मार्च, अप्रैल और मई महीनों में धूमने जाया जा सकता है। यहां का तापमान सर्दियों में करीब -15 डिग्री तक पहुंच जाता है।
Leh, Ladakh ( लेह लद्दाख)
लेह भारत का पॉप्युलर टूरिस्ट प्लेस है। गर्मियों में लेह-लद्दाख का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, हालांकि सर्दियों में यहां -12 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान पहुंच जाता है। यहां कई दर्शनीय झीलें हैं, इस इलाके में कई मठ भी स्थित हैं। समुद्र तल से लद्दाख की पहाड़ियां 11,000 फीट की हाइट पर हैं। कश्मीर सहित ये इलाका भी जन्नत कहा जाता है।
Keylong ( कीलॉन्ग)
कीलॉन्ग भी लेह में ही आता है, पर्यटन के लिए यहां जमकर भीड़ जुटती है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3340 मीटर है। ये पूरा इलाका विलो पेड़, सुंदर झरनों, स्नों से लदे पहाड़ों से घिरा हुआहै। यहां का तापमान सर्दियों में -2 डिग्री तक पहुंच जाता है। यहां मनाली, काजा और लेह ( Manali, Kaza and Leh) जैसे कई खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट से कनेक्टिविटी मिल जाती है।
Dras, Kargil ( द्रास, करगिल )
द्रास को "लद्दाख के प्रवेश द्वार" कहा जाता है। ये देश की सबसे कूलस्ट जगहों में शुमार की जाती है। करगिल जिले में स्थिसे ही द्रास अमरनाथ और सियालकोट की यात्रा की जाती है। हर साल यहां हजारों पर्यटक धार्मिक यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 10,761 फीट है।
Lachen and Thangu Valley (लाचेन और थांगु घाटी)
उत्तरी सिक्किम में लाचेन और थांगु घाटी में बर्फ से ढके पहाड़ देखें जा सकते हैं। ये दो अलग-अलग स्थान हैं, लाचेन और थान्गू घाटी। समुद्र तल से इनकी ऊंचाई तकरीबन 2,500 मीटर है, यहां का तापमान शून्य से नीचे तक पहुंच जाता है। यहां सर्दियों में भारी स्नोफॉल होता है, जिसे देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमडती है।
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