Asianet News Hindi

KBC: जानें अब कहां और किस हाल में हैं कौन बनेगा करोड़पति के ये 12 विनर्स

First Published Sep 27, 2020, 1:38 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मुंबई। टीवी के सबसे पॉपुलर गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) का सीजन 12 सोमवार 28 सितंगबर से शुरू हो रहा है। इस शो ने अब तक कई लोगों की किस्मत बदली है। इनमें शो के पहले करोड़पति बने हर्षवर्धन नवाथे से लेकर 11वें सीजन की विनर बिनीता जैन तक कई लोग शामिल हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कौन बनेगा करोड़पति के अब तक के विनर्स के बारे में कि वो अब कहां हैं और क्या काम कर रहे हैं। 

2000 में KBC के फर्स्ट विनर बने हर्षवर्धन नवाथे एक मिडल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं। जब हर्षवर्धन ने इस शो में पार्टिसिपेट किया था, तो उनकी उम्र 27 साल थी और वो सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। KBC विनर बनने के बाद उन्होंने कॉम्पिटीशन की तैयारी छोड़कर UK की यूनिवर्सिटी से MBA किया। अब हर्षवर्धन की शादी हो चुकी है और उनके दो बच्चे हैं। इन दिनों हर्षवर्धन महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी में जॉब कर रहे हैं।

2000 में KBC के फर्स्ट विनर बने हर्षवर्धन नवाथे एक मिडल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं। जब हर्षवर्धन ने इस शो में पार्टिसिपेट किया था, तो उनकी उम्र 27 साल थी और वो सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। KBC विनर बनने के बाद उन्होंने कॉम्पिटीशन की तैयारी छोड़कर UK की यूनिवर्सिटी से MBA किया। अब हर्षवर्धन की शादी हो चुकी है और उनके दो बच्चे हैं। इन दिनों हर्षवर्धन महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी में जॉब कर रहे हैं।

2001 में अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति जूनियर के दौरान रवि ने सभी 15 सवालों के सही सही जवाब देकर 1 करोड़ रुपए जीते थे। उस वक्त महज 14 साल के रवि मोहन सैनी अब आईपीएस ऑफिसर बन चुके हैं और उन्हें गुजरात के पोरबंदर का एसपी बनाया गया है। जब रवि मोहन ने यह केबीसी में इतनी बड़ी रकम जीती थी तो वो 10th क्लास में पढ़ते थे।

2001 में अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति जूनियर के दौरान रवि ने सभी 15 सवालों के सही सही जवाब देकर 1 करोड़ रुपए जीते थे। उस वक्त महज 14 साल के रवि मोहन सैनी अब आईपीएस ऑफिसर बन चुके हैं और उन्हें गुजरात के पोरबंदर का एसपी बनाया गया है। जब रवि मोहन ने यह केबीसी में इतनी बड़ी रकम जीती थी तो वो 10th क्लास में पढ़ते थे।

KBC जूनियर के बाद तीसरा सीजन अमिताभ की बजाय शाहरुख खान ने होस्ट किया था। शो में कोई विनिंग अमाउंट तक नहीं पहुंच सका था। साथ ही गिरती टीआरपी के चलते ये सीजन बंद करना पड़ा। इसके बाद KBC का चौथा सीजन आया था जिसे फिर से अमिताभ ने होस्ट किया। इस सीजन की विनर राहत तस्लीम रहीं। राहत गरीब परिवार से थीं। जब वो अपने मेडिकल इंट्रेंस की तैयारी कर रही थीं तभी उनकी शादी कर दी गई। लेकिन एक दिन उन्हें 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन-4' में आने का मौका मिला और वो इसकी विनर बनीं। राहत झारखंड की रहने वाली हैं वो फिलहाल गार्मेंट का बिजनेस करती हैं।
 

KBC जूनियर के बाद तीसरा सीजन अमिताभ की बजाय शाहरुख खान ने होस्ट किया था। शो में कोई विनिंग अमाउंट तक नहीं पहुंच सका था। साथ ही गिरती टीआरपी के चलते ये सीजन बंद करना पड़ा। इसके बाद KBC का चौथा सीजन आया था जिसे फिर से अमिताभ ने होस्ट किया। इस सीजन की विनर राहत तस्लीम रहीं। राहत गरीब परिवार से थीं। जब वो अपने मेडिकल इंट्रेंस की तैयारी कर रही थीं तभी उनकी शादी कर दी गई। लेकिन एक दिन उन्हें 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन-4' में आने का मौका मिला और वो इसकी विनर बनीं। राहत झारखंड की रहने वाली हैं वो फिलहाल गार्मेंट का बिजनेस करती हैं।
 

बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी के सुशील कुमार ने 2011 में केबीसी के सीजन 5 में पांच करोड़ रुपए जीते थे। 6 हजार महीने की नौकरी करने वाले सुशील कुमार ने ईनाम के पैसे से अपना पुश्तैनी मकान ठीक करा अपने भाइयों को बिजनेस शुरू कराया। केबीसी में जाने से पहले एमए तक की पढ़ाई करने वाले सुशील मनरेगा में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करते थे। हालांकि बीच में सुशील कुमार की आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई थी। सुशील के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली में कुछ दिन टैक्सी चलवाने का काम किया। इसके बाद एक बड़े प्रोडक्शन हाउस में आकर काम करने लगे। वहां पर कहानी, स्क्रीन प्ले, डायलॉग कॉपी, कॉस्टयूम और न जानें क्या करने, देखने, समझने का मौका मिला। हालांकि बाद में सुशील मुंबई छोड़ वापस अपने घर चले गए। 

बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी के सुशील कुमार ने 2011 में केबीसी के सीजन 5 में पांच करोड़ रुपए जीते थे। 6 हजार महीने की नौकरी करने वाले सुशील कुमार ने ईनाम के पैसे से अपना पुश्तैनी मकान ठीक करा अपने भाइयों को बिजनेस शुरू कराया। केबीसी में जाने से पहले एमए तक की पढ़ाई करने वाले सुशील मनरेगा में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करते थे। हालांकि बीच में सुशील कुमार की आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई थी। सुशील के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली में कुछ दिन टैक्सी चलवाने का काम किया। इसके बाद एक बड़े प्रोडक्शन हाउस में आकर काम करने लगे। वहां पर कहानी, स्क्रीन प्ले, डायलॉग कॉपी, कॉस्टयूम और न जानें क्या करने, देखने, समझने का मौका मिला। हालांकि बाद में सुशील मुंबई छोड़ वापस अपने घर चले गए। 

फैशन डिजाइनिंग की डिग्री के बाद भी सुनमीत के ससुराल वाले उन्हें डिजाइनिंग में आगे करियर नहीं बनाने दे रहे थे। लेकिन सुनमीत ने आशा नहीं छोड़ी उन्होंने टिफन सर्विस सेंटर खोला, हालांकि ये बिजनेस फ्लॉप रहा। इसके बाद उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरु किया, जिससे उन्हें नॉलेज मिला और उसी के दम पर KBC सीजन-6 जीता। पंजाब की रहने वाली सुनमीत अब इंडिपेंडेंट हैं और अपना फैशन हाउस चला रही हैं।

फैशन डिजाइनिंग की डिग्री के बाद भी सुनमीत के ससुराल वाले उन्हें डिजाइनिंग में आगे करियर नहीं बनाने दे रहे थे। लेकिन सुनमीत ने आशा नहीं छोड़ी उन्होंने टिफन सर्विस सेंटर खोला, हालांकि ये बिजनेस फ्लॉप रहा। इसके बाद उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरु किया, जिससे उन्हें नॉलेज मिला और उसी के दम पर KBC सीजन-6 जीता। पंजाब की रहने वाली सुनमीत अब इंडिपेंडेंट हैं और अपना फैशन हाउस चला रही हैं।

उदयपुर, राजस्थान के ताज मोहम्मद शो में 5 करोड़ रू. जीत सकते थे लेकिन उन्होंने 1 करोड़ लेकर ही शो क्विट कर दिया था। इन पैसों से उन्होंने अपनी बेटी का इलाज कराया, जो देख नहीं सकती थी। यही नहीं उन्होंने इस विनिंग अमाउंट से गांव की दो अनाथ बच्चियों की शादी भी कराई। बचे पैसों से उन्होंने घर खरीदा और इनवेस्टमेंट्स किए।

उदयपुर, राजस्थान के ताज मोहम्मद शो में 5 करोड़ रू. जीत सकते थे लेकिन उन्होंने 1 करोड़ लेकर ही शो क्विट कर दिया था। इन पैसों से उन्होंने अपनी बेटी का इलाज कराया, जो देख नहीं सकती थी। यही नहीं उन्होंने इस विनिंग अमाउंट से गांव की दो अनाथ बच्चियों की शादी भी कराई। बचे पैसों से उन्होंने घर खरीदा और इनवेस्टमेंट्स किए।

दिल्ली के रहने वाले अचिन और सार्थक रियल भाई हैं जिन्होंने ये सीजन जीता। दोनों काफी समय से 'कौन बनेगा करोड़पति' में आने की कोशिश कर रहे थे और इनका सपना सीजन-8 में पूरा हुआ। शो की विनिंग अमाउंट (7 करोड़ रुपए) से दोनों ब्रदर्स ने अपनी मां के कैंसर का ट्रीटमेंट कराया और अपना बिजनेस खोला। जिसे आज दोनों मिलकर चला रहे हैं।

दिल्ली के रहने वाले अचिन और सार्थक रियल भाई हैं जिन्होंने ये सीजन जीता। दोनों काफी समय से 'कौन बनेगा करोड़पति' में आने की कोशिश कर रहे थे और इनका सपना सीजन-8 में पूरा हुआ। शो की विनिंग अमाउंट (7 करोड़ रुपए) से दोनों ब्रदर्स ने अपनी मां के कैंसर का ट्रीटमेंट कराया और अपना बिजनेस खोला। जिसे आज दोनों मिलकर चला रहे हैं।

जमशेदपुर की रहने वाली अनामिका मजूमदार ने 1 करोड़ रु. जीतने के बाद 7 करोड़ के जैकपॉट सवाल के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था। हालांकि उन्होंने इसका जवाब दिए बिना ही शो से क्विट करना बेहतर समझा था। दो बच्चों की मां अनामिका बतौर सोशल वर्कर काम कर रही हैं और 'फेथ इन इंडिया' नाम से एक एनजीओ चलाती हैं। वैसे सिर्फ अनामिका ही नहीं इस शो ने कई कॉमन मैन्स को विनर बनाकर एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया है और उनकी लाइफ बदल दी।

जमशेदपुर की रहने वाली अनामिका मजूमदार ने 1 करोड़ रु. जीतने के बाद 7 करोड़ के जैकपॉट सवाल के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था। हालांकि उन्होंने इसका जवाब दिए बिना ही शो से क्विट करना बेहतर समझा था। दो बच्चों की मां अनामिका बतौर सोशल वर्कर काम कर रही हैं और 'फेथ इन इंडिया' नाम से एक एनजीओ चलाती हैं। वैसे सिर्फ अनामिका ही नहीं इस शो ने कई कॉमन मैन्स को विनर बनाकर एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया है और उनकी लाइफ बदल दी।

गुवाहाटी की रहने वाली बिनीता के जीजा संजीव सांघी के मुताबिक, बिनीता का परिवार मूलत: सीकर का रहने वाला है, लेकिन कई साल पहले रोजगार के लिए वे असम आ गए थे। फरवरी 2003 में बिनीता के पति बिजनेस ट्रिप पर थे। कई दिनों बाद कोई खोज-खबर नहीं आई। बाद में पता चला कि उनकी किडनैपिंग हुई है। उनके पति आज तक नहीं लौटे हैं।

गुवाहाटी की रहने वाली बिनीता के जीजा संजीव सांघी के मुताबिक, बिनीता का परिवार मूलत: सीकर का रहने वाला है, लेकिन कई साल पहले रोजगार के लिए वे असम आ गए थे। फरवरी 2003 में बिनीता के पति बिजनेस ट्रिप पर थे। कई दिनों बाद कोई खोज-खबर नहीं आई। बाद में पता चला कि उनकी किडनैपिंग हुई है। उनके पति आज तक नहीं लौटे हैं।

'कौन बनेगा करोड़पति' के 11वें सीजन में तीन करोड़पति बने। इसके पहले करोड़पति बने जहानाबाद, बिहार के सनोज राय। सनोज राज के पिता रामजनम शर्मा एक साधारण किसान हैं। सनोज ने जहानाबाद के स्कूल से ही पढ़ाई की है। इसके बाद वहीं के एक कॉलेज से बीटेक किया, फिलहाल वो सहायक कमांडेंट के पद पर नौकरी कर रहे हैं। उनका सपना है कि वो IAS बनें। इसी तरह, महाराष्ट्र के अमरावती जिले के एक गांव से आने वाली बबीता ताड़े दूसरी करोड़पति बनीं। बबीता एक स्कूल में खाना पकाती हैं। वहीं, तीसरे करोड़पति बने मधुबनी, बिहार से आए कंटेस्टेंट गौतम कुमार झा। पेशे से गौतम कुमार झा रेलवे में इंजीनियर हैं। वो भारतीय रेलवे, आद्रा (पश्चिम बंगाल) में सीनियर इंजीनियर के पद पर काम करते हैं।

'कौन बनेगा करोड़पति' के 11वें सीजन में तीन करोड़पति बने। इसके पहले करोड़पति बने जहानाबाद, बिहार के सनोज राय। सनोज राज के पिता रामजनम शर्मा एक साधारण किसान हैं। सनोज ने जहानाबाद के स्कूल से ही पढ़ाई की है। इसके बाद वहीं के एक कॉलेज से बीटेक किया, फिलहाल वो सहायक कमांडेंट के पद पर नौकरी कर रहे हैं। उनका सपना है कि वो IAS बनें। इसी तरह, महाराष्ट्र के अमरावती जिले के एक गांव से आने वाली बबीता ताड़े दूसरी करोड़पति बनीं। बबीता एक स्कूल में खाना पकाती हैं। वहीं, तीसरे करोड़पति बने मधुबनी, बिहार से आए कंटेस्टेंट गौतम कुमार झा। पेशे से गौतम कुमार झा रेलवे में इंजीनियर हैं। वो भारतीय रेलवे, आद्रा (पश्चिम बंगाल) में सीनियर इंजीनियर के पद पर काम करते हैं।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios