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आंख के पास लगा तीर, बहता रहा खून फिर भी शूटिंग करते रहे महाभारत के कर्ण, लगे थे इतनी बार टांके

First Published Jun 4, 2020, 2:15 PM IST
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मुंबई. लॉकडाउन के दौरान जब दूरदर्शन ने रामायण और महाभारत का प्रसारण शुरू किया तो सभी टीवी शोज को छोड़ सभी दर्शकों ने दूरदर्शन का रुख कर लिया है। 90 के दशक के दौरान लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं, लोगों को इसे जीने का मौका मिला। इसके साथ ही इन शोज के कलाकार एक बार फिर से ज्यादा चर्चा में आ गए। महाभारत में कर्ण की भूमिका निभाने वाले पकंज धीर के बेटे निकितिन धीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बात की है। 

निकितिन ने बताया कि बी.आर. चोपड़ा की महाभारत उस वक्त दूरदर्शन के नेशनल चैनल को सबसे ज्यादा टीआरपी देने वाले शोज में से एक था। हालांकि, बाद में कई लोगों ने ये कहा कि तब एक ही चैनल था, इसलिए रामायण और महाभारत जबरदस्त टीआरपी दे गए। लेकिन, जब 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन शोज का रिपीट टेलीकास्ट हुआ तो एक बार फिर से ये साबित हो गया कि ओल्ड इज गोल्ड होता है।

निकितिन ने बताया कि बी.आर. चोपड़ा की महाभारत उस वक्त दूरदर्शन के नेशनल चैनल को सबसे ज्यादा टीआरपी देने वाले शोज में से एक था। हालांकि, बाद में कई लोगों ने ये कहा कि तब एक ही चैनल था, इसलिए रामायण और महाभारत जबरदस्त टीआरपी दे गए। लेकिन, जब 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन शोज का रिपीट टेलीकास्ट हुआ तो एक बार फिर से ये साबित हो गया कि ओल्ड इज गोल्ड होता है।

निकितिन ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्हें उस दौर के ज्यादातर किस्से याद हैं, जो वो शूटिंग के दौरान देखा करते थे। निकितिन ने बताया कि तब उन लोगों के हथियार लोहे के बने होते थे। एक बार जब कर्ण और भीम का युद्ध हो रहा था तो भीम का गदा उनके पापा पकंज धीर के हाथ पर लग गया था और उनके अंगूठे का मांस लटकने लगा था। बैंडेज लगा-लगाकर पूरे दिन शूटिंग की गई थी। 

निकितिन ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्हें उस दौर के ज्यादातर किस्से याद हैं, जो वो शूटिंग के दौरान देखा करते थे। निकितिन ने बताया कि तब उन लोगों के हथियार लोहे के बने होते थे। एक बार जब कर्ण और भीम का युद्ध हो रहा था तो भीम का गदा उनके पापा पकंज धीर के हाथ पर लग गया था और उनके अंगूठे का मांस लटकने लगा था। बैंडेज लगा-लगाकर पूरे दिन शूटिंग की गई थी। 

निकितिन ने आगे बताया कि एक बार शूट के दौरान पंकज धीर की आंख के किनारे तीर भी लग गया था। उन्होंने कहा कि पूरा खून उनकी आंख में भर गया था। सबने कहना शुरू कर दिया कि कर्ण अंधा हो गया। 

निकितिन ने आगे बताया कि एक बार शूट के दौरान पंकज धीर की आंख के किनारे तीर भी लग गया था। उन्होंने कहा कि पूरा खून उनकी आंख में भर गया था। सबने कहना शुरू कर दिया कि कर्ण अंधा हो गया। 

फिल्मसिटी में शूटिंग थी तो वो वहीं से गोरेगांव ईस्ट में एक डॉक्टर के पास गए और उन्होंने आंख की स्टिचिंग (टांके लगाए) की। वो डिस्पेंसरी में आराम कर रहे थे जब उनके पास कॉल आया कि ये सीन हमें खत्म करना है। वरना शो टेलीकास्ट नहीं हो पाएगा।
 

फिल्मसिटी में शूटिंग थी तो वो वहीं से गोरेगांव ईस्ट में एक डॉक्टर के पास गए और उन्होंने आंख की स्टिचिंग (टांके लगाए) की। वो डिस्पेंसरी में आराम कर रहे थे जब उनके पास कॉल आया कि ये सीन हमें खत्म करना है। वरना शो टेलीकास्ट नहीं हो पाएगा।
 

निकितिन ने बताया कि पंकज धीर ने दिन भर शूटिंग की जिसके बाद उनकी आंख का ब्लड प्रेशर बढ़ गया जिसके बाद उन्हें दोबारा डिस्पेंसरी जाकर टांके लगवाने पड़े थे।

निकितिन ने बताया कि पंकज धीर ने दिन भर शूटिंग की जिसके बाद उनकी आंख का ब्लड प्रेशर बढ़ गया जिसके बाद उन्हें दोबारा डिस्पेंसरी जाकर टांके लगवाने पड़े थे।

पकंज धीर।

पकंज धीर।

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