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नक्सली हमला: ड्यूटी पर जाने से पहले पत्नी से कहा था, जल्द घर आऊंगा, घर आने वाला है नन्हा मेहमान
चंदौली/अयोध्या (Uttar Pradesh) । छत्तीसगढ़ स्थित बीजापुर के जंगल में शनिवार को हुए नक्सलियों से मुठभेड़ में 22 जवानों के शहीद होने की खबर है, जिनके शहादत की खबर सुनकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया गया है। शहीद होने वाले जवानों में चंदौली के लाल धर्मदेव कुमार और अयोध्या राम मंदिर से दो किमी दूर स्थित रानोपाली गांव निवासी राज कुमार यादव भी हैं। बता रहे हैं कि धर्मदेव अभी 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे और जाते-जाते प्रेग्नेंट बीवी से जल्द आने का वादा करके गए थे। वहीं, कुछ ऐसी की कहानी राज कुमार यादव के भी घर है। जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

सीएम योगी ने किया ये एलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के दोनों शहीद जवानों के घरवालों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। इसके साथ ही परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और जिलों की एक सड़क का नामकरण शहीद जवान के नाम पर करने की घोषणा की है।
कौन थे शहीद जवान धर्मदेव कुमार
चंदौली का लाल धर्मदेव कुमार शहीद हो गए। रविवार देर शाम धर्मदेव के घरवालों को शहादत की सूचना मिली तो गांव शाहबगंज में मातम छा गया। बता दें कि धर्मदेव सीआरपीएफ के स्पेशल ग्रुप कोबरा बटालियन में कमांडो के पद पर तैनात थे। साल 2013 में सीआरपीएफ में उनका चयन हुआ था।
गर्म में पल रहे मासूम के सिर से छीन गया पिता का साया
शहीद की पत्नी मीना का रो-रो कर बुरा हाल है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले ज्योति और साक्षी के अलावा मीना के गर्भ में पल रहे बच्चे के सिर से पिता का साया भी छीन लिया।
मार्च में छुट्टियों में आए थे घर धर्मदेव
धर्मदेव के पिता रामाश्रय गुप्ता ने बताया कि बचपन से धर्मदेव देश की सेवा के लिए फोर्स में जाने की बात कहते थे। मार्च के महीने में वो छुट्टी लेकर गांव आए थे। होली के 10 दिनों पहले धर्मदेव छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी पर जाते समय उन्होंने जल्द वापस आने का वादा किया था। लेकिन अब उनकी शहादत की खबर आई है।
छोटा भाई भी सीआरपीएफ में है जवान
धर्मदेव के छोटे भाई धनंजय भी सीआरपीएफ के जवान हैं। धर्मदेव के साथ ही उनका भी चयन सीआरपीएफ में हुआ था। वर्तमान में धनजंय भी छतीसगढ़ में तैनात हैं।
(शहीद के घर पहुंजे डीएम)
शहीद पति की फोटो देखकर बेहोश हुई पत्नी
वहीं, शहीद होने वाले जवानों में अयोध्या राम जन्मभूमि से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित रानोपाली गांव के राजकुमार यादव भी हैं। जिनके शहादत की खबर सुनकर उनकी पत्नी बेहोश हो जा रही हैं। शहीद राजकुमार यादव के भाई ने बताया कि जिला अधिकारी ने रात भर डॉक्टर को यहां रहने को कहा था। लेकिन वह आकर 10 मिनट बाद ही यह कहकर चले गए कि कोई दिक्कत होगी तो बुला लीजिएगा।
पहले परिवार को लगा कोरोना से गई जान
शहीद के परिवार वालों से किसी को मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। शहीद के घर के बगल में रहने वाली चाची ने बताया कि उनको लोगों की भीड़ देखकर लगा कि उनकी मौत कारोना की वजह से हुई है।
(शहीद के घर पहुंचे महापौर, डीएम और एसपी)
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