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अस्पताल में भर्ती लड़की ने भाई से कहा-डॉक्टर अच्छे नहीं..मेरे साथ किया गंदा काम, 8 दिन बाद हो गई मौत

First Published Jun 8, 2021, 2:24 PM IST
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प्रयागराज (Uttar Pradesh ) । मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भर्ती मिर्जापुर की एक युवती से गैंगरेप करने का आरोप लगा था। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि नहीं हुई। वहीं, मंगलवार सुबह पीड़िता की मौत हो गई। बता दें कि युवती को यहां 31 मई की रात गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। उसी रात उसकी आंत का ऑपरेशन हुआ था। 2 जून को होश में आने के बाद युवती ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है। युवती ने अपने भाई को लिखकर कहा था, 'डॉक्टर अच्छे नहीं हैं। उन्होंने मेरे साथ गंदा काम किया।'
 

पीड़िता के चचेरे भाई का आरोप था कि आंत में समस्या के चलते उसने अपनी चचेरी बहन को 29 मई को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर उसका ऑपरेशन करने के लिए उसे ओटी में लेकर गए। ऑपरेशन के बाद लौटी युवती अचेत लग रही थी और कुछ कहना भी चाह रही थी।

पीड़िता के चचेरे भाई का आरोप था कि आंत में समस्या के चलते उसने अपनी चचेरी बहन को 29 मई को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर उसका ऑपरेशन करने के लिए उसे ओटी में लेकर गए। ऑपरेशन के बाद लौटी युवती अचेत लग रही थी और कुछ कहना भी चाह रही थी।

पीड़िता के चचेरे भाई का आरोप के मुताबिक उसने युवती को जब पेन और कागज दिया गया तो कंपकंपाते हाथों से लिखकर बताई कि डॉक्टर अच्छी नहीं है, सब मिले हैं, कोई इलाज नहीं किया है और उसके साथ गंदा काम किया है।

पीड़िता के चचेरे भाई का आरोप के मुताबिक उसने युवती को जब पेन और कागज दिया गया तो कंपकंपाते हाथों से लिखकर बताई कि डॉक्टर अच्छी नहीं है, सब मिले हैं, कोई इलाज नहीं किया है और उसके साथ गंदा काम किया है।

दूसरी ओर घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। मीडियाी रिपोर्ट्स के मुताबिक तब पुलिस ने कहा था कि जांच में यह बात सामने आ रही है कि युवती को प्यास लगी थी डॉक्टर ने पानी देने के लिए मना किया था जिससे वह परेशान थी और उसकी हालत गंभीर बनी थी। शायद इसी मानसिक परेशानी की वजह से उसने ऐसा लिखा है। हालांकि अब कोतवाली प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि परिजन जो कहेंगे वही होगा। 

 

दूसरी ओर घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। मीडियाी रिपोर्ट्स के मुताबिक तब पुलिस ने कहा था कि जांच में यह बात सामने आ रही है कि युवती को प्यास लगी थी डॉक्टर ने पानी देने के लिए मना किया था जिससे वह परेशान थी और उसकी हालत गंभीर बनी थी। शायद इसी मानसिक परेशानी की वजह से उसने ऐसा लिखा है। हालांकि अब कोतवाली प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि परिजन जो कहेंगे वही होगा। 

 

मोतीलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि युवती की आंत में इंफेक्शन था। काफी हिस्सा सड़ चुका था। जांच में भी यही पाया गया है कि युवती और उसका भाई गलतफहमी का शिकार हुए हैं। 

मोतीलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि युवती की आंत में इंफेक्शन था। काफी हिस्सा सड़ चुका था। जांच में भी यही पाया गया है कि युवती और उसका भाई गलतफहमी का शिकार हुए हैं। 

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस मामले को लेकर एकजुट हो रहे हैं। इनका आरोप है कि पीड़िता की मौत एक बड़ी साजिश है। पुलिस दोषियों को बचाने में जुटी हुई है। एक हफ्ते बाद भी पुलिस ने इस मामले में FIR नहीं दर्ज की। ये बेटी के साथ अन्याय है।

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस मामले को लेकर एकजुट हो रहे हैं। इनका आरोप है कि पीड़िता की मौत एक बड़ी साजिश है। पुलिस दोषियों को बचाने में जुटी हुई है। एक हफ्ते बाद भी पुलिस ने इस मामले में FIR नहीं दर्ज की। ये बेटी के साथ अन्याय है।

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