Asianet News Hindi

जनता की भलाई के लिए खत्म करो महामारी, कोरोना के खात्मे के लिए लोग भगवान को लिख रहे चिट्ठी

First Published Jun 1, 2020, 2:18 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

वाराणसी(Uttar Pradesh). कहते हैं जब इंसान हर जगह से हार जाता है तब वह भगवान की शरण में जाता है। उसे उम्मीद होती है कि भगवान के ही दरबार से उसे मदद मिल सकेगी। कुछ ऐसा ही नजारा इस समय बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में देखने को मिल रहा है। काशी में इन दिनों काल भैरव के मंदिर में रोजाना सैकड़ों चिट्ठियां मिल रही हैं। काल भैरव के मंदिर के बन्द कपाट पर सैकड़ों अर्जियां हर हर रोज मिल रही हैं। लोगों में आस्था है कि मंदिर के कपाट भले ही बन्द हो लेकिन भक्तों के पीड़ा का पत्र भगवान जरूर पढ़ेंगे।उनके पत्र को पढ़कर भगवान इस कोरोना महामारी को दूर करेंगे।

वाराणसी के मैदागिन इलाके के सकरी गली में स्थित बाबा काल भैरव का मंदिर विश्व विख्यात है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन पिछले दो महीने से इस मंदिर के बाहर ताला लटका हुआ है। वजह है कि लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखने का आदेश हुआ है।

वाराणसी के मैदागिन इलाके के सकरी गली में स्थित बाबा काल भैरव का मंदिर विश्व विख्यात है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन पिछले दो महीने से इस मंदिर के बाहर ताला लटका हुआ है। वजह है कि लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखने का आदेश हुआ है।

मंदिर बंद होने के कारण भक्त मंदिर के बाहर से ही अपनी हाजिरी लगा कर वापस जा रहे हैं। भक्त अपनी समस्याएं लिखकर बाबा भैरव के मंदिर के बंद कपाट के अंदर छोड़ कर लौट रहे हैं। 

मंदिर बंद होने के कारण भक्त मंदिर के बाहर से ही अपनी हाजिरी लगा कर वापस जा रहे हैं। भक्त अपनी समस्याएं लिखकर बाबा भैरव के मंदिर के बंद कपाट के अंदर छोड़ कर लौट रहे हैं। 

मन्दिर के महंत सुमित महाराज का कहना है कि बाबा काल भैरव के मंदिर में अगर अर्जी दी जाए तो काल भैरव उस अर्जी को पढ़ कर पीड़ित भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। लॉकडाउन के कारण मन्दिर भले ही बन्द है लेकिन भक्त हर रोज अपनी अर्जियां लेकर इस बन्द कपाट के द्वार पर ही रख जाते हैं।

मन्दिर के महंत सुमित महाराज का कहना है कि बाबा काल भैरव के मंदिर में अगर अर्जी दी जाए तो काल भैरव उस अर्जी को पढ़ कर पीड़ित भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। लॉकडाउन के कारण मन्दिर भले ही बन्द है लेकिन भक्त हर रोज अपनी अर्जियां लेकर इस बन्द कपाट के द्वार पर ही रख जाते हैं।

जो पत्र काल भैरव के कपाट यानी मंदिर के मुख्य द्वार पर हर रोज मिल रहे हैं उनमें अलग-अलग तरीके की अर्जियां शामिल हैं। किसी ने अपनी शादी का न्योता दिया है तो कोई अपनी पीड़ा लिख के डाला है। लेकिन सबसे ज्यादा पत्र कोविड 19 को खत्म करने के लिए आ रहे हैं। लोग पत्र में लिख रहे हैं कि बाबा इस महामारी को विश्व कल्याण के लिए दूर करो।
 

जो पत्र काल भैरव के कपाट यानी मंदिर के मुख्य द्वार पर हर रोज मिल रहे हैं उनमें अलग-अलग तरीके की अर्जियां शामिल हैं। किसी ने अपनी शादी का न्योता दिया है तो कोई अपनी पीड़ा लिख के डाला है। लेकिन सबसे ज्यादा पत्र कोविड 19 को खत्म करने के लिए आ रहे हैं। लोग पत्र में लिख रहे हैं कि बाबा इस महामारी को विश्व कल्याण के लिए दूर करो।
 

धर्म नगरी में काशी के कोतवाल बाबा काल काल भैरव के प्रति लोगो की ये आस्था इस महामारी में भी कम नहीं हुई और मंदिर बन्द होने के बावजूद बाबा के भक्तों ने अपनी अर्जियां देना चालू रखा है, इस उम्मीद में कि इस महामारी से काशी समेत दुनिया को बाबा जरूर जीत दिलाएंगे।

धर्म नगरी में काशी के कोतवाल बाबा काल काल भैरव के प्रति लोगो की ये आस्था इस महामारी में भी कम नहीं हुई और मंदिर बन्द होने के बावजूद बाबा के भक्तों ने अपनी अर्जियां देना चालू रखा है, इस उम्मीद में कि इस महामारी से काशी समेत दुनिया को बाबा जरूर जीत दिलाएंगे।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios