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पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश अभियान की शुरुआत की, 1 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार

First Published Jun 26, 2020, 10:18 AM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh). देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के सबसे बड़े रोजगार कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से सम्बोधित किया। रोजगार के इस वर्चुअल कार्यक्रम से उत्तर प्रदेश के 1 करोड़ से ज्यादा नौकरी और रोजगार पाने वाले लोग जुड़ेंगे। इसमें 3 प्रकार के रोजगार के कार्यक्रम जुड़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी और रोजगार मिलेगा। इसमें अन्य राज्यों से घर लौटे प्रवासी श्रमिक और कामगार के साथ साथ स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे। कोरोनाकाल में किसी भी प्रदेश द्वारा रोजगार दिए जाने का ये सबसे बड़ा उपलब्धि है। 
 

सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि योगी सरकार अब तक का सबसे बड़ा रोजगार प्रबंधन का काम करने जा रही है, जिसमें कई लोगों को नौकरी की चिट्ठी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देंगे।

सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि योगी सरकार अब तक का सबसे बड़ा रोजगार प्रबंधन का काम करने जा रही है, जिसमें कई लोगों को नौकरी की चिट्ठी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री यूपी के छह जिलों के ग्रामीणों के साथ संवाद भी करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण कोविड-19 के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कॉमन सर्विस सेंटरों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस संवाद में शामिल होंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री यूपी के छह जिलों के ग्रामीणों के साथ संवाद भी करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण कोविड-19 के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कॉमन सर्विस सेंटरों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस संवाद में शामिल होंगे।

इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की योजना की तर्ज पर ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ के रूप में एक अनूठी पहल की, जिसमें राज्य सरकार के साथ ही उद्योग जगत और अन्य संस्थाओं की भी भागीदारी है।
 

इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की योजना की तर्ज पर ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ के रूप में एक अनूठी पहल की, जिसमें राज्य सरकार के साथ ही उद्योग जगत और अन्य संस्थाओं की भी भागीदारी है।
 

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य रोजगार प्रदान करने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को एक साथ जोड़ना है।

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य रोजगार प्रदान करने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को एक साथ जोड़ना है।

कोविड-19 ने सामान्य श्रमिकों खासकर, प्रवासी कामगारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इससे विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार वापस लौटे हैं। इसके चलते सरकार के सामने कोविड-19 से निपटने के साथ ही प्रवासी और ग्रामीण श्रमिकों/कामगारों को मूलभूत आवश्यकता की वस्तुएं और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने की चुनौती आ खड़ी हुई है।

कोविड-19 ने सामान्य श्रमिकों खासकर, प्रवासी कामगारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इससे विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार वापस लौटे हैं। इसके चलते सरकार के सामने कोविड-19 से निपटने के साथ ही प्रवासी और ग्रामीण श्रमिकों/कामगारों को मूलभूत आवश्यकता की वस्तुएं और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने की चुनौती आ खड़ी हुई है।

इसे देखते हुए भारत सरकार ने विभिन्न सेक्टरों को सहारा देने के लिए ‘आत्मनिर्भर  भारत पैकेज’ की घोषणा की है। देश के पिछड़े इलाकों में एक मजबूत आधारभूत ढांचा खड़ा करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करने के मकसद से 20 जून  को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ की शुरुआत की गई।
 

इसे देखते हुए भारत सरकार ने विभिन्न सेक्टरों को सहारा देने के लिए ‘आत्मनिर्भर  भारत पैकेज’ की घोषणा की है। देश के पिछड़े इलाकों में एक मजबूत आधारभूत ढांचा खड़ा करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करने के मकसद से 20 जून  को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ की शुरुआत की गई।
 

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