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कौन है बृजेश सिंह, जिससे खौफ खा रही है मुख्तार अंसारी की पत्नी,पढ़िए दुश्मनी की कहानी

First Published Apr 6, 2021, 2:29 PM IST
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लखनऊ (Uttar Pradesh) । बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब से यूपी लाया जा रहा है। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, मुख्तार अंसारी की पत्नी आफशां अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर अपने पति का हाल विकास दुबे जैसा होने की आशंका जताई है। साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आफशां ने अपनी याचिका में कहा है कि माफिया डॉन बृजेश सिंह बेहद प्रभावशाली है। वह मुख्तार अंसारी को मारने की साजिश रच रहा है। बताते चले कि वहीं, इससे पहले बीते बुधवार को आफशां अंसारी ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पति के लाइफ प्रोटेक्शन की मांग की थी। बता दें कि साल 1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधान सभा के लिए चुने गए। उसके बाद से ही उन्होंने बृजेश सिंह की सत्ता को हिलाना शुरू कर दिया था, जो आज तक चली आ रही है।  ऐसे में हम आपको बृजेश सिंह के बारे में बता रहे हैं।

पहली ही बार में 5 लोगों की किया था हत्या
वाराणसी के धरहरा गांव के रहने वाले बृजेश सिंह का नाम 1984 में पहली बार हत्या से जुड़ा। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसने हथियार उठाया और अपने पिता के कथित हत्यारे को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह फरार हो गया और उनलोगों की तलाश करने लगा जो उसकी पिता की हत्या में शामिल थे। 1986 में बनारस के सिकरौरा गांव में उसने एक साथ पांच लोगों को गोलियों से भून डाला। इसके बाद बृजेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

पहली ही बार में 5 लोगों की किया था हत्या
वाराणसी के धरहरा गांव के रहने वाले बृजेश सिंह का नाम 1984 में पहली बार हत्या से जुड़ा। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसने हथियार उठाया और अपने पिता के कथित हत्यारे को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह फरार हो गया और उनलोगों की तलाश करने लगा जो उसकी पिता की हत्या में शामिल थे। 1986 में बनारस के सिकरौरा गांव में उसने एक साथ पांच लोगों को गोलियों से भून डाला। इसके बाद बृजेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

जेल में रहते बनाई अलग पहचान
जेल में रहने के दौरान बृजेश की पहचान कई अपराधियों से हुई और क्राइम का उसका धंधा फलने- फूलने लगा। 1996 में बृजेश के निशाने पर मुख्तार अंसारी आ गया। दोनों में एक दूसरे को दबाने की जंग छिड़ गई। पूर्वांचल में दोनों के गुटों में कई बार गैंगवार हुआ। जिससे जुड़ी कई घटनाएं भी सामने आई। 
 

जेल में रहते बनाई अलग पहचान
जेल में रहने के दौरान बृजेश की पहचान कई अपराधियों से हुई और क्राइम का उसका धंधा फलने- फूलने लगा। 1996 में बृजेश के निशाने पर मुख्तार अंसारी आ गया। दोनों में एक दूसरे को दबाने की जंग छिड़ गई। पूर्वांचल में दोनों के गुटों में कई बार गैंगवार हुआ। जिससे जुड़ी कई घटनाएं भी सामने आई। 
 

यूपी सरकार ने बृजेश पर घोषित किया था 5 लाख का ईनाम
साल 2000 में कई सालों तक फरार रहे बृजेश पर यूपी पुलिस ने 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 2003 में कोयला माफिया सूर्यदेव सिंह के बेटे राजीव रंजन सिंह के अपहरण और हत्याकांड में मास्टरमाइंड के तौर पर बृजेश का नाम आया। 
 

यूपी सरकार ने बृजेश पर घोषित किया था 5 लाख का ईनाम
साल 2000 में कई सालों तक फरार रहे बृजेश पर यूपी पुलिस ने 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 2003 में कोयला माफिया सूर्यदेव सिंह के बेटे राजीव रंजन सिंह के अपहरण और हत्याकांड में मास्टरमाइंड के तौर पर बृजेश का नाम आया। 
 

इस समय जेल में है बृजेश
बृजेश का नाम गैंगस्टर और डॉन के तौर पर तब स्थापित हुआ जब जेजे अस्पताल शूटआउट में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि सबूतों के अभाव में वह बच निकला।  2008 में बृजेश सिंह को उड़ीसा से गिरफ्तार किया गया था। अब वो जेल में बंद हैं।
 

इस समय जेल में है बृजेश
बृजेश का नाम गैंगस्टर और डॉन के तौर पर तब स्थापित हुआ जब जेजे अस्पताल शूटआउट में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि सबूतों के अभाव में वह बच निकला।  2008 में बृजेश सिंह को उड़ीसा से गिरफ्तार किया गया था। अब वो जेल में बंद हैं।
 

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