46 साल बाद अनूप जलोटा ने ली BA की डिग्री,थर्ड डिवीजन से हुए थे पास, पहली बार खोला राज-कैसे रोक लेते हैं सांस

First Published Nov 25, 2020, 6:19 PM IST

लखनऊ ()Uttar Pradesh । मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा इस समय काफी खुश हैं। उन्होंने 46 साल बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। बता दें कि वह थर्ड डिवीजन से पास हुए थे। उन्होंने कहा कि इस डिग्री को पाने के मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं दूसरी बार पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा हूं।  इस मौके पर उन्होंने कई कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए और छात्रों के सवाल पर पहली बार बताए कि कैसे वह सांस को अधिक समय तक रोक लेते हैं। इसी तरह उन्होंने कई और भी अपने बारे में अनसुनी बातें बताई, जिसे आपको हम बताने जा रहे हैं। 

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भजन गायक अनूप जलोटा ने अपनी प्रस्तुति भी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय में बिताए गए छात्र जीवन को भी याद किए। उन्होंने कहा कि मैं यहां पढ़ता तो था। लेकिन, पढ़ाई में मन नहीं लगता था। इसलिए कैंटीन में बैठकर गाना गाता रहता था।&nbsp;</p>


भजन गायक अनूप जलोटा ने अपनी प्रस्तुति भी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय में बिताए गए छात्र जीवन को भी याद किए। उन्होंने कहा कि मैं यहां पढ़ता तो था। लेकिन, पढ़ाई में मन नहीं लगता था। इसलिए कैंटीन में बैठकर गाना गाता रहता था। 

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अनूप जलोटा ने इसके बाद बताया कि आज तक मैंने यह राज नहीं बताया कि इतनी सांस कैसे रोक लेता हूं। अपने परिसर पहुंचकर यह राज बताता दूं कि यह कमाल बाबा रामदेव से प्राणायाम सीखकर कर पाता हूं।</p>


अनूप जलोटा ने इसके बाद बताया कि आज तक मैंने यह राज नहीं बताया कि इतनी सांस कैसे रोक लेता हूं। अपने परिसर पहुंचकर यह राज बताता दूं कि यह कमाल बाबा रामदेव से प्राणायाम सीखकर कर पाता हूं।

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अंग्रेजी बहुत मुश्किल लगती थी, इसलिए फिल्म बॉबी देखता था कि शायद उसे देखकर अंग्रेजी आ जाए, पर ऐसा हुआ नहीं। युवाओं को अपना मुरीद बनाने के बाद उन्होंने श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम...गाकर समारोह से विदा ली।&nbsp;</p>


अंग्रेजी बहुत मुश्किल लगती थी, इसलिए फिल्म बॉबी देखता था कि शायद उसे देखकर अंग्रेजी आ जाए, पर ऐसा हुआ नहीं। युवाओं को अपना मुरीद बनाने के बाद उन्होंने श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम...गाकर समारोह से विदा ली। 

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बताते चले कि लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय ने अपने कई पूर्वा छात्रों को भी न्यौता दिया था। इनमें अनूप जलोटा भी शामिल थे, जो 1974 में थर्ड डिवीजन से आर्ट साइज से ग्रेजुएट हुए थे। लेकिन, डिग्री नहीं ले पाए थे।&nbsp;<br />
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बताते चले कि लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय ने अपने कई पूर्वा छात्रों को भी न्यौता दिया था। इनमें अनूप जलोटा भी शामिल थे, जो 1974 में थर्ड डिवीजन से आर्ट साइज से ग्रेजुएट हुए थे। लेकिन, डिग्री नहीं ले पाए थे। 
 

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कुलपति प्रोफेसर आलोक राय ने उन्हें डिग्री प्रदान की। इस मौके पर अनूप जलोटा ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय से एक भावनात्मक रिश्ता है। विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में प्रस्तुति देने से जो आनंद प्राप्त हुआ, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता। सुख यहां है वो कहीं और नहीं है।<br />
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कुलपति प्रोफेसर आलोक राय ने उन्हें डिग्री प्रदान की। इस मौके पर अनूप जलोटा ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय से एक भावनात्मक रिश्ता है। विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में प्रस्तुति देने से जो आनंद प्राप्त हुआ, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता। सुख यहां है वो कहीं और नहीं है।
 

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