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जरूरतमंदों के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, इलाज भोजन के साथ सीएम करेंगे पैसों का भी इंतजाम

First Published Jun 1, 2020, 3:44 PM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh). कोरोना वायरस के संक्रमण काल में हुए लॉकडाउन में लोगों का बुरा हाल है। मजदूरों व जरूरतमंद निराश्रितों के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाकर उनकी मदद की है। अब यूपी की योगी सरकार ने निराश्रितों के लिए अपना खजाना फिर से खोल दिया है। सरकार ने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के निराश्रितों की मदद का ऐलान करते हुए उन्हें 1 हजार रूपए देने का आदेश दिया है ।इसके आलावा उन्हें निःशुल्क राशन देने का भी ऐलान किया गया है। संकट की इस घड़ी में निराश्रितों की तरफ मदद का हांथ बढ़ाते हुए सरकार ने अफसरों को कई जरूरी निर्देश दिए हैं।
 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन की मार झेल रहे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निराश्रितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। उन्होंने आदेश दिया है कि बिना राशन कार्ड वाले निराश्रितों को चिह्नित कर उन्हें तत्काल 1000 रुपये और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया जाए। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन की मार झेल रहे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निराश्रितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। उन्होंने आदेश दिया है कि बिना राशन कार्ड वाले निराश्रितों को चिह्नित कर उन्हें तत्काल 1000 रुपये और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया जाए। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक के दौरान युद्धस्तर पर निराश्रितों पर्याप्त राशन देने और तत्काल उनके राशन कार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में ग्राम प्रधान निधि से उन्हें 1000 रुपये भी दिए जाएंगे। छोटी ग्राम पंचायतें जिनकी निधि में पैसे नही होंगे उनके लिए पैसों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सभी जिलों के डीएम को निर्देशित किया गया है। उन्हें बाद में ये पैसा सीएम रिलीफ फंड से वापस किया जाएगा।  
 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक के दौरान युद्धस्तर पर निराश्रितों पर्याप्त राशन देने और तत्काल उनके राशन कार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में ग्राम प्रधान निधि से उन्हें 1000 रुपये भी दिए जाएंगे। छोटी ग्राम पंचायतें जिनकी निधि में पैसे नही होंगे उनके लिए पैसों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सभी जिलों के डीएम को निर्देशित किया गया है। उन्हें बाद में ये पैसा सीएम रिलीफ फंड से वापस किया जाएगा।  
 

शहरों में निराश्रितों के देखभाल के साथ उनकी हर मदद की जिम्मेदारी नगर निकाय की होगी। निराश्रितों को तत्काल राशन और 1000 रुपये की मदद के साथ ही कहीं पर भी निराश्रित की मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए 5000 रुपये की व्यवस्था की गई है।

शहरों में निराश्रितों के देखभाल के साथ उनकी हर मदद की जिम्मेदारी नगर निकाय की होगी। निराश्रितों को तत्काल राशन और 1000 रुपये की मदद के साथ ही कहीं पर भी निराश्रित की मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए 5000 रुपये की व्यवस्था की गई है।

सीएम योगी ने 1 जून से सूबे के 18 करोड़ निराश्रित जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के निर्देश दिए हैं।  प्रदेश में कोई निराश्रित आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में रजिस्टर्ड नहीं है और उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो उसके बीमार पड़ते ही ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि से तत्काल 2000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
 

सीएम योगी ने 1 जून से सूबे के 18 करोड़ निराश्रित जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के निर्देश दिए हैं।  प्रदेश में कोई निराश्रित आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में रजिस्टर्ड नहीं है और उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो उसके बीमार पड़ते ही ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि से तत्काल 2000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
 

कोरोना वायरस के संक्रमण या फिर बीमारी से अगर किसी निराश्रित की अगर मृत्यु हो जाती है तो सरकार ने उसके अंतिम संस्कार के लिए भी व्यवस्था कराई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर निराश्रित की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि तत्काल पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।  

कोरोना वायरस के संक्रमण या फिर बीमारी से अगर किसी निराश्रित की अगर मृत्यु हो जाती है तो सरकार ने उसके अंतिम संस्कार के लिए भी व्यवस्था कराई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर निराश्रित की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि तत्काल पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।  

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