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चीन नहीं, अमेरिका के इस देश ने सबसे पहले लगाया था लॉकडाउन, आज तक नहीं मिला कोरोना का 1 भी मरीज

First Published May 26, 2020, 10:17 AM IST
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हटके डेस्क: दुनिया कोरोना वायरस से त्रस्त है। इस वायरस की वजह से दुनिया ने मौत का वो मंजर देखा, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। चीन के वुहान से निकले इस वायरस ने एक-एक कर दुनिया के हर देश को अपनी चपेट में ले लिया। आज कोरोना के कारण दुनिया में कुल संक्रमितों की संख्या 55 लाख 89 हजार है, जबकि मरने वालों का आंकड़ा 3 लाख 47 हजार पार कर चुका है। चीन ने दुनिया से कोरोना को लेकर कई बातें छिपाई। इस कारण ही ये वायरस इतनी तेजी से फ़ैल गया। लेकिन आज हम आपको उस देश के बारे में बताने  जा रहे हैं, जहां अभी तक कोरोना का 1 भी मामला सामने नहीं आया है। और इसके पीछे वजह  बनी हैं, देश की ब्यूटी क्वीन,  जिसने अपने देश के नागरिकों को इस महामारी से बचा लिया है। देखिये कौन सा है वो देश और कैसे इसने दी कोरोना को मात... 
 

पैसफिक आइलैंड में बसे छोटे से देश समाओ को उन देशों में गिना जाता है, जहां कोरोना का अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। 
 

पैसफिक आइलैंड में बसे छोटे से देश समाओ को उन देशों में गिना जाता है, जहां कोरोना का अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। 
 

इस देश में तब से लॉकडाउन लगा है, जब किसी को कोरोना के बारे में जानकारी नहीं थी। हालांकि, इसकी वजह समाओ में  फैली दूसरी महामारी थी। यहां पिछले साल मीसल्स ने आतंक मचाया और लगभग 83 लोगों की जान ले ली। 

इस देश में तब से लॉकडाउन लगा है, जब किसी को कोरोना के बारे में जानकारी नहीं थी। हालांकि, इसकी वजह समाओ में  फैली दूसरी महामारी थी। यहां पिछले साल मीसल्स ने आतंक मचाया और लगभग 83 लोगों की जान ले ली। 

इसके बाद देश को लॉकडाउन कर दिया गया था। इस महामारी के फैलने से चंद दिनों पहले ही फोनो मैकफर्लांड सुमांऊ ने मिस समाओ ब्यूटी क्वीन का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन जब उन्होंने अपने देश को महामारी से लड़ते देखा, तो उन्होंने लोगों की सेवा करने का फैसला लिया। 

इसके बाद देश को लॉकडाउन कर दिया गया था। इस महामारी के फैलने से चंद दिनों पहले ही फोनो मैकफर्लांड सुमांऊ ने मिस समाओ ब्यूटी क्वीन का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन जब उन्होंने अपने देश को महामारी से लड़ते देखा, तो उन्होंने लोगों की सेवा करने का फैसला लिया। 

2 लाख की आबादी वाले इस देश में मीसल्स ने 6 हजार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था और करीब 83 की मौत हो चुकी थी। चूंकि, फोनो ने नर्स की ट्रेनिंग ली हुई है, इसलिए उन्होंने घर-घर जाकर लोगों की सेवा करनी शुरू कर दी।  

2 लाख की आबादी वाले इस देश में मीसल्स ने 6 हजार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था और करीब 83 की मौत हो चुकी थी। चूंकि, फोनो ने नर्स की ट्रेनिंग ली हुई है, इसलिए उन्होंने घर-घर जाकर लोगों की सेवा करनी शुरू कर दी।  

साथ ही समाओ को इस महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन कर दिया गया। इसके  बाद वहां मीसल्स के टीके लगाए गए। इस वैक्सीनेशन प्रोग्राम में फोनो ने भी सक्रियता से भाग लिया। 

साथ ही समाओ को इस महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन कर दिया गया। इसके  बाद वहां मीसल्स के टीके लगाए गए। इस वैक्सीनेशन प्रोग्राम में फोनो ने भी सक्रियता से भाग लिया। 

इस खूबसूरत क्वीन ने घर-घर जाकर लोगों को टीके लगाए साथ ही सबको अवेयर भी किया। जैसे ही देश ने मीसल्स पर कंट्रोल पाया, दुनिया में  कोरोना का कहर फ़ैल गया। इसके बाद इस ब्यूटी क्वीन ने देश की सरकार से लॉकडाउन जारी रखने की अपील की। 

इस खूबसूरत क्वीन ने घर-घर जाकर लोगों को टीके लगाए साथ ही सबको अवेयर भी किया। जैसे ही देश ने मीसल्स पर कंट्रोल पाया, दुनिया में  कोरोना का कहर फ़ैल गया। इसके बाद इस ब्यूटी क्वीन ने देश की सरकार से लॉकडाउन जारी रखने की अपील की। 

सरकार ने उनकी अपील मानी और इसी का नतीजा है कि 2 लाख की जनसंख्या वाले इस देश में अभी तक कोरोना के एक भी केस सामने नहीं आए हैं। वहीं फोनो का कहना है कि मीसल्स से लड़ते हुए उनकी देश की जनता ने कोरोना को मात दे दी है। 

सरकार ने उनकी अपील मानी और इसी का नतीजा है कि 2 लाख की जनसंख्या वाले इस देश में अभी तक कोरोना के एक भी केस सामने नहीं आए हैं। वहीं फोनो का कहना है कि मीसल्स से लड़ते हुए उनकी देश की जनता ने कोरोना को मात दे दी है। 

फोनो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लोगों से घर के अंदर रहने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की भी अपील करती नजर आई। 

फोनो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लोगों से घर के अंदर रहने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की भी अपील करती नजर आई। 

देश ने भी कोरोना को हलके में नहीं लिया। उसने जनवरी में ही देश के इकलौते इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बगल में एक अस्पताल को क्वारेंटाइन सेंटर बना दिया। जो भी यात्री विदेश से आता, उसे वहां 2 हफ्ते रहना जरुरी था। 
 

देश ने भी कोरोना को हलके में नहीं लिया। उसने जनवरी में ही देश के इकलौते इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बगल में एक अस्पताल को क्वारेंटाइन सेंटर बना दिया। जो भी यात्री विदेश से आता, उसे वहां 2 हफ्ते रहना जरुरी था। 
 

जिस यात्री ने क्वारेंटाइन होने से इंकार किया, उसे वापस भेज दिया गया। मार्च में देश ने कोरोना को लेकर सख्त कदम उठाए और एक भी केस ना होने के बावजूद देश में 5 से अधिक लोगों की गैदरिंग पर रोक लगा दी। 
 

जिस यात्री ने क्वारेंटाइन होने से इंकार किया, उसे वापस भेज दिया गया। मार्च में देश ने कोरोना को लेकर सख्त कदम उठाए और एक भी केस ना होने के बावजूद देश में 5 से अधिक लोगों की गैदरिंग पर रोक लगा दी। 
 

अपने देश को कोरोना से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाली इस ब्यूटी क्वीन की दुनिया में काफी तारीफ हो रही है। साथ ही अगर इस देश की ही तरह बाकी देशों ने भी समय रहते कड़े कदम उठाए होते तो आज कोरोना से स्थिति इतनी खराब नहीं होती।  

अपने देश को कोरोना से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाली इस ब्यूटी क्वीन की दुनिया में काफी तारीफ हो रही है। साथ ही अगर इस देश की ही तरह बाकी देशों ने भी समय रहते कड़े कदम उठाए होते तो आज कोरोना से स्थिति इतनी खराब नहीं होती।  

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