नहीं रहे मशहूर शायर राहत इंदौरी, दिल को छू लेंगी उनकी ये 10 बेहतरीन शायरियां
हटके डेस्क : देश के मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार को हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया। जनाकारी के मुताबित वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे। उन्हेंनें खुद ट्वीट कर कोरोना पॉजिटिव होने की खबर दी थी। वे मंगलवार सुबह अस्पताल में भर्ती हुए थे, शाम को उन्हें अचानक से तीन दिल के दौरे आए। उनके दोनों फेफडों में कोरोना का संक्रमण, किडनी में सूजन और सांस लेने में तकलीफ होने के चलते वे अस्पताल में भर्ती किया गया था। आज हम आपको राहत इंदौरी की लिखी गयी कुछ बेहतरीन शेरो, शायरियां बताते हैं।

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे।
दो गज सही ये मेरी मिलकियत तो है, ऐ मौत तूने मुझे ज़मींदार कर दिया।
शाखों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं है हम, आंधी से कोई कह दे के औकात में रहे।
आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो, जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो।
न हम - सफर न किसी हम - नशीं से निकलेगा, हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा
चरागों का घराना चल रहा है, हवा से दोस्ताना चल रहा है। नए किरदार आते जा रहे है, मगर नाटक पुराना चल रहा है।
कहीं अकेले में मिल कर झिंझोड़ दूँगा उसे, जहाँ - जहाँ से वो टूटा है जोड़ दूँगा उसे
मुझसे पहले वो किसी और की थी, मगर कुछ शायराना चाहिए था। चलो माना ये छोटी बात है, पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था।
सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें, आंधी से कोई कह दे की औकात में र
अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए, कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए
हमारे ख़्वाब तो शहरों की सड़कों पर भटकते थे, तुम्हारी याद थी, जो रात भर बिस्तर पे रखी थी।
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