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जिसने दुनिया में फैलाया कोरोना वायरस, वहां है गंदगी का अंबार, देखकर आ जाएगी उबकाई

First Published Feb 20, 2020, 11:57 AM IST
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चीन: आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस के आतंक से प्रभावित है। इससे दुनिया में अब तक लगभग 76 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा मौतें चीन में ही हुई है। वुहान शहर से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। दुनिया के सामने तो चीन अपनी बड़ी-बड़ी इमारतों और अन्य लेटेस्ट तकनीक के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। लेकिन ये देश असल में गंदगी के ढेर पर बैठा है। इस देश में इतनी गंदगी है कि यहां कोई भी बीमारी आसानी से फैल सकती है।  

इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। जब चीन के वुहान, जहां से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी, में कुछ सालों पहले मरी हुई मछलियां मिली थी। इन मछलियों की मौत पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण हो गई थी।

इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। जब चीन के वुहान, जहां से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी, में कुछ सालों पहले मरी हुई मछलियां मिली थी। इन मछलियों की मौत पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण हो गई थी।

इतनी गंदगी के बीच ही लोग रहने को मजबूर हैं। गंदे पानी के कारण चीन में लोगों के बीच बीमारियां आसानी से फैल जाती है।

इतनी गंदगी के बीच ही लोग रहने को मजबूर हैं। गंदे पानी के कारण चीन में लोगों के बीच बीमारियां आसानी से फैल जाती है।

ऐसा नहीं है कि इन नदियों की सफाई के प्रति सरकार का ध्यान नहीं है। लेकिन कई सालों से इनकी सफाई चलने के बावजूद हालत बदतर ही हैं।

ऐसा नहीं है कि इन नदियों की सफाई के प्रति सरकार का ध्यान नहीं है। लेकिन कई सालों से इनकी सफाई चलने के बावजूद हालत बदतर ही हैं।

चीन की कई ऐसी नदियां हैं, जिसमें गंदगी के कारण काफी ज्यादा काई जमा हो गई है। इनमें घुसकर बच्चे कुछ इस तरह मछली पकड़ते हैं।

चीन की कई ऐसी नदियां हैं, जिसमें गंदगी के कारण काफी ज्यादा काई जमा हो गई है। इनमें घुसकर बच्चे कुछ इस तरह मछली पकड़ते हैं।

इस नदी को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने इसमें लाल रंग मिला दिया है। लेकिन ऐसा नहीं है। हेनान प्रांत में बहने वाली इस नदी का नाम जियान है। इसका ऐसा रंग इसमें मिलने वाले पटाखों के बारूद के कारण हो गया है।

इस नदी को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने इसमें लाल रंग मिला दिया है। लेकिन ऐसा नहीं है। हेनान प्रांत में बहने वाली इस नदी का नाम जियान है। इसका ऐसा रंग इसमें मिलने वाले पटाखों के बारूद के कारण हो गया है।

गंदगी के कारण चीन के अधिकांश जलश्रोत पीने लायक नहीं बचे हैं। यहां पीने के पानी की काफी कमी है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कत होती है।

गंदगी के कारण चीन के अधिकांश जलश्रोत पीने लायक नहीं बचे हैं। यहां पीने के पानी की काफी कमी है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कत होती है।

चीन में बहने वाली इस नदी का रंग गुलाबी हो चुका है। ये तस्वीर चीन के दीवार के पास बहती है। यहां आने वाले टूरिस्ट ही इस जगह पर काफी गंदगी फैला देते हैं।

चीन में बहने वाली इस नदी का रंग गुलाबी हो चुका है। ये तस्वीर चीन के दीवार के पास बहती है। यहां आने वाले टूरिस्ट ही इस जगह पर काफी गंदगी फैला देते हैं।

चीन का कई देशों से रोजगार को लेकर कनेक्शन है। यहां लियाओनिंग प्रांत में बने दालियान बंदरगाह पर हर दिन कई जहाज पहुंचते है। इनसे निकलने वाले तेज भी नदी को काफी गंदा करता है।

चीन का कई देशों से रोजगार को लेकर कनेक्शन है। यहां लियाओनिंग प्रांत में बने दालियान बंदरगाह पर हर दिन कई जहाज पहुंचते है। इनसे निकलने वाले तेज भी नदी को काफी गंदा करता है।

चीन में इंडस्ट्रियल वेस्ट काफी ज्यादा होता है। इसे सीधे नदियों में मिला दिया जाता है। झेजियांग में बहने वाली जियासिंग नदी में मिलने वाली गंदगी के कारण इसका रंग पीला हो गया है। साथ ही इस नदी से काफी बदबू भी आती है।

चीन में इंडस्ट्रियल वेस्ट काफी ज्यादा होता है। इसे सीधे नदियों में मिला दिया जाता है। झेजियांग में बहने वाली जियासिंग नदी में मिलने वाली गंदगी के कारण इसका रंग पीला हो गया है। साथ ही इस नदी से काफी बदबू भी आती है।

इस तस्वीर को देखकर ऐसा लग सकता है कि किसी ने पानी में रंग मिला दिया है। लेकिन आपको बता दें कि ये चीन इ अनहुई प्रांत की तस्वीर है। इसके पानी में इतनी मात्रा में काई जमा हो चुका है कि पानी इस वजह से हरे रंग का नजर आता है।

इस तस्वीर को देखकर ऐसा लग सकता है कि किसी ने पानी में रंग मिला दिया है। लेकिन आपको बता दें कि ये चीन इ अनहुई प्रांत की तस्वीर है। इसके पानी में इतनी मात्रा में काई जमा हो चुका है कि पानी इस वजह से हरे रंग का नजर आता है।

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