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अपार्टमेंट की कार पार्किंग के नीचे 1 हजार साल से छिपा था कब्रिस्तान, खुदाई में मिली हड्डियां तो चीख उठे लोग

First Published May 26, 2020, 3:54 PM IST
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हटके डेस्क: दुनिया में कब क्या हो जाए, कोई नहीं कह सकता। भले ही इंसान दनिया को समझ लेने का दावा करता हो, लेकिन ऐसी कई चीजें हैं, जो आज भी अनसुलझी है और लोगों की नजर से दूर है। इंसानों ने प्राचीन सभ्यताओं की कई जानकारियां हासिल की हैं। ये सारी जानकारी पुरातत्व विभाग द्वारा की जाने वाली खुदाई पर आधारित होती है। कई बार कुछ जानकारियां आकस्मिक ही मिल जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ बर्लिन में। जहां एक शख्स ने छोटे से काम के लिए अपने घर की पार्किंग की खुदाई करवाई। लेकिन उसे क्या पता था कि उसके घर के ठीक आगे 973 साल पुराना एक कब्रिस्तान है, जिसके अंदर एक-दो नहीं, बल्कि पुरे 37 सौ इंसानी हड्डियां छिपी हुई हैं। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। देखिये आज से एक हजार साल पहले ऐसा क्या हुआ कि एक ही जगह पर 37 सौ लोगों की लाश को दफना दिया गया... 

बर्लिन में एक कार पार्किंग की खुदाई के दौरान 973 साल पुराना कब्रिस्तान मिला, जिसके नीचे से 37 सौ इंसानों के कंकाल बरामद किये गए। ये सभी कंकाल अजीबोगरीब हालत में पाए गए। 

बर्लिन में एक कार पार्किंग की खुदाई के दौरान 973 साल पुराना कब्रिस्तान मिला, जिसके नीचे से 37 सौ इंसानों के कंकाल बरामद किये गए। ये सभी कंकाल अजीबोगरीब हालत में पाए गए। 

इन कंकालों में किसी की बॉडी तुड़ी-मुड़ी थी, कई विकलांग थे और कई कुपोषण का शिकार थे। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों की मौत 1047 से लेकर 1299 के बीच हुई थी। 
 

इन कंकालों में किसी की बॉडी तुड़ी-मुड़ी थी, कई विकलांग थे और कई कुपोषण का शिकार थे। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों की मौत 1047 से लेकर 1299 के बीच हुई थी। 
 

इस 37 सौ नर कंकालों में कई पुरुषों की बॉडी पर धारदार हथियार से वार किया गया था। जबकि कई बच्चे बीमारी से ग्रस्त थे। 

इस 37 सौ नर कंकालों में कई पुरुषों की बॉडी पर धारदार हथियार से वार किया गया था। जबकि कई बच्चे बीमारी से ग्रस्त थे। 

इनमें मिले तीन कंकालों के सिर पर हथोड़े से वार किया गया था जबकि कुछ के सिर के आरपार तलवार की गई थी। 

इनमें मिले तीन कंकालों के सिर पर हथोड़े से वार किया गया था जबकि कुछ के सिर के आरपार तलवार की गई थी। 

ये कब्रिस्तान साल 2008 में ही मिला था, लेकिन शोध के बाद अब जाकर इसकी डिटेल्स सामने आई है। 

ये कब्रिस्तान साल 2008 में ही मिला था, लेकिन शोध के बाद अब जाकर इसकी डिटेल्स सामने आई है। 

पुरातत्व विभाग का कहना है कि इन कंकालों को देखकर ऐसा लग रहा है कि उस दौरान कोई महामारी फैली होगी। उसी में मर गए लोगों को दफनाया गया या जो बीमारी का शिकार थे, उन्हें मारकर दफनाया गया होगा। 

पुरातत्व विभाग का कहना है कि इन कंकालों को देखकर ऐसा लग रहा है कि उस दौरान कोई महामारी फैली होगी। उसी में मर गए लोगों को दफनाया गया या जो बीमारी का शिकार थे, उन्हें मारकर दफनाया गया होगा। 

इन कंकालों पर कई तरह के निशान भी पाए गए हैं। कुछ ने मौत के समय अपनी जिंदगी बचाने का काफी प्रयास किया था। उनके हाथों की हड्डियों में  ब्लेड्स के निशान देखने को मिले। 

इन कंकालों पर कई तरह के निशान भी पाए गए हैं। कुछ ने मौत के समय अपनी जिंदगी बचाने का काफी प्रयास किया था। उनके हाथों की हड्डियों में  ब्लेड्स के निशान देखने को मिले। 

वहीं कुछ कंकाल के दाँतों में चांदी के सिक्के मिले। ऐसा माना जा रहा है कि ये अमीर लोग होंगे, जिनकी मौत महामारी के कारण हो गई होगी। 

वहीं कुछ कंकाल के दाँतों में चांदी के सिक्के मिले। ऐसा माना जा रहा है कि ये अमीर लोग होंगे, जिनकी मौत महामारी के कारण हो गई होगी। 

रिसर्चर्स अब इन कंकालों की मौत के कारण तलाश रही है। उन्हें ये पता लगाना है कि ये सभी लोग एक ही बीमारी से मरे हैं या अलग-अलग। 

रिसर्चर्स अब इन कंकालों की मौत के कारण तलाश रही है। उन्हें ये पता लगाना है कि ये सभी लोग एक ही बीमारी से मरे हैं या अलग-अलग। 

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