8 PHOTOS में देखें, अफगानिस्तान में भूकंप के बाद कैसे चारों तरफ फैला तबाही का मंजर
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में मंगलवार देर रात आए भीषण भूकंप के चलते अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 थी। भूकंप के चलते 2 हजार से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र राजधानी काबुल के दक्षिण में स्थित खोस्त में था। कहा जा रहा है कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि पड़ोसी देश पाकिस्तान और भारत में भी इन्हें महसूस किया गया।

सबसे ज्यादा तबाही दक्षिण पूर्वी प्रांत पक्तिका में हुई है। यहां खड़े-खड़े घर खंडहर में तब्दीज हो चुके हैं। चारों तरफ बस तबाही का मंजर नजर आ रहा है।
तालिबान सरकार के अधिकारी मोहम्मद नसीम हक्कानी के मुताबिक खोस्त और नांगरहार प्रांतों में भी कई लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही कई परिवार बेघर हो चुके हैं।
भूकंप की तबाही का आलम ये है कि कई घरों के बच्चे अनाथ हो चुके हैं। पहले से ही युद्ध और आर्थिक तंगी झेल रहे अफगानिस्तान में इस भूकंप के बाद महंगाई और बढ़ सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के खोस्त से 44 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम में जमीन से 50 किलोमीटर नीचे था। कहा जा रहा है कि भूकंप देर रात 2 बजे आया।
यूरोपियन मेडिटरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर के मुताबिक, भूकंप का असर चारों ओर 500 किलोमीटर के एरिया में था। इस वजह से अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान और भारत के कुछ इलाकों में भी भूकंप का झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अफगानिस्तान में आए भूकंप के झटके इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुल्तान और पेशावर में भी महसूस किए गए। पाकिस्तानी में पिछले शुक्रवार को भी भूकंप आया था।
बता दें कि धरती पर हर साल करीब 5 लाख से ज्यादा भूकंप आते हैं। इनमें कुछ लाख ही रिक्टर पैमाने पर दर्ज होते या हमें महसूस होते हैं। साल भर में करीब 100 भूकंप ही ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
रिक्टर स्केल पर तीव्रता के हिसाब से अब तक का सबसे तेज भूकंप 1960 में दक्षिण अमेरिकी देश चिली में आया था। इसकी तीव्रता 9.5 थी। इस भूकंप में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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