- Home
- World News
- कोरोना की 'सुनामी' के बीच चीन ने उठाया ये कदम, पड़ोसी देशों के साथ ही पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा
कोरोना की 'सुनामी' के बीच चीन ने उठाया ये कदम, पड़ोसी देशों के साथ ही पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा
China Covid: चीन में आई कोरोना की सुनामी के बीच ड्रैगन ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे न सिर्फ उसके यहां, बल्कि पूरी दुनिया में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। दरअसल, कुछ दिनों पहले कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए चीन ने अपने बॉर्डर सील करने शुरू किए थे, लेकिन अब वहां की कम्युनिस्ट सरकार ने एक अजीबोगरीब फैसला लेते हुए 8 जनवरी से सभी बॉर्डर खोलने की बात कही है। ऐसे में चीन की पाबंदियां हटते ही पूरी दुनिया के लिए एक बढ़ खतरा पैदा हो सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी अफसरों का कहना है कि 8 जनवरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए क्वारेंटीन रहना अनिवार्य नहीं होगा। मतलब, अब संदिग्ध कोरोना मरीज चीन में जहां-तहां घूम सकेंगे। हालांकि, चीन जाने वाले लोगों को 48 घंटे पहले तक की अपनी RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी।
इतना ही नहीं, चीन ने अब कोरोना को बहुत ज्यादा संक्रामक बीमारी न मानते हुए उसे 'A' कैटेगरी से डाउनग्रेड कर 'B' में डाल दिया है। इससे साफ जाहिर है कि चीन की सरकार कोरोना को अब भी हल्के में ले रही है और उसे एक सामान्य फ्लू मानकर ही चल रही है।
बता दें कि चीन के वुहान शहर में जब दिसंबर, 2019 में कोरोना फैल रहा था, तब भी चीन ने WHO को बताया था कि वुहान में निमोनिया की कोई बीमारी फैल रही है। चीन ने तब भी इसे हल्के में लिया था और किसी तरह का लॉकडाउन नहीं लगाया। बाद में जब हालात बिगड़ने लगे, तब जाकर 23 जनवरी, 2020 को वहां पाबंदियां लगाई गईं।
लेकिन चीन ने लॉकडाउन लगाने में काफी देर कर दी। इसके चलते वुहान शहर से बड़ी संख्या में लोग दुनियाभर के देशों में जा-जाकर कोरोना संक्रमण बांटते रहे। ठीक वैसा ही, चीन इस बार भी कर रहा है। जब उसे पाबंदियां लगानी चाहिए, तब उसने नागरिकों को पूरी छूट दे दी है।
बता दें कि कुछ दिन पहले वॉशिंगटन पोस्ट में छपे एक लेख में इस बात की आशंका जताई गई थी कि चीन पूरी दुनिया के लिए एक नया संकट खड़ा कर सकता है। इसके अलावा कई एक्सपर्ट भी यह बात कह चुके हैं कि चीन में जो कुछ भी हो रहा है, उसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है।
चीन ने शुरू से ही कोविड से जुड़ी जानकारी और आंकड़े पूरी दुनिया से छुपाए। नतीजा ये हुआ कि यह वायरस दुनियाभर में फैल गया। अब इसके अलग-अलग वैरिएंट्स कहर ढा रहे हैं। हालांकि, चीन खुद इससे नहीं बच पा रहा है और इस समय वो बुरी तरह BF7 वैरिएंट की चपेट में आ चुका है।
बता दें कि चीन में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज 1 दिसंबर, 2019 को वुहान शहर में मिला था। कोरोना वायरस की गंभीरता के बारे में सबसे पहले खुलासा चीनी डॉक्टर ली वेनलियांग ने किया था। लेकिन वहां की सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बाद में चीन की लापरवाही के चलते कुछ ही दिनों में ये वायरस दुनियाभर के देशों में फैल गया।
दुनियाभर में अब तक 66 करोड़ 21 लाख 50 हजार 64 मामले सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों में रोजाना बढोतरी हो रही है। 11 जनवरी, 2020 को चीन के वुहान में 61 साल के एक बुजुर्ग की मौत हुई थी। कोरोना वायरस से होने वाली ये पहली मौत थी। उसके बाद से लेकर अब तक मौतों का सिलसिला जारी है। worldometer के मुताबिक, अब तक 66 लाख 87 हजार 211 मौतें हो चुकी हैं।
ये भी देखें :
Good News: जानें कितने रुपए में मिलेगी भारत बायोटेक की नैजल वैक्सीन, कंपनी ने किया कीमतों का खुलासा
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।