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लंबे वक्त से भारत को घेरने की कोशिश में चीन, पाकिस्तान-नेपाल समेत इन 5 देशों को बनाया अपना मोहरा

First Published Jun 18, 2020, 3:37 PM IST
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नई दिल्ली.  15 जून को पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत चीन विवाद चरम पर है। माना जा रहा है कि चीन ने इस पूरी झड़प को पूर्वनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। चीन की यह कूटनीति रही है कि वह लक्ष्य पूरा करने के लिए दशकों से योजना बनाना शुरू कर देता है। चीन भारत के पड़ोसी देशों से संबंध बनाकर उन्हें शह दे रहा है, जिससे भारत को घेरने में सफल हो सके। चीन ने नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, मालदीव और बांग्लादेश को कर्ज देकर कब्जे में ले रखा है, ताकि वह भारत के खिलाफ इन्हें अपना मोहरा बना सके। 

पाकिस्तान: कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए चीन हमेशा दोस्त की भूमिका में रहा है। चीन पाकिस्तान में इकोनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से चीन के झिंजियांग तक समुद्र के रास्ते पहुंचने के प्रयास में है। इस कॉरिडोर के जरिए चीन कच्चा तेल, नेचुरल गैस समेत तमाम चीजों को आसानी से ट्रांसपोर्ट कर सकता है। इस योजना के जरिए चीन पाकिस्तान को 3.45 लाख करोड़ रुपए गे रहा है। ऐसे में पाकिस्तान ने अब चीन की भाषा बोलना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान: कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए चीन हमेशा दोस्त की भूमिका में रहा है। चीन पाकिस्तान में इकोनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से चीन के झिंजियांग तक समुद्र के रास्ते पहुंचने के प्रयास में है। इस कॉरिडोर के जरिए चीन कच्चा तेल, नेचुरल गैस समेत तमाम चीजों को आसानी से ट्रांसपोर्ट कर सकता है। इस योजना के जरिए चीन पाकिस्तान को 3.45 लाख करोड़ रुपए गे रहा है। ऐसे में पाकिस्तान ने अब चीन की भाषा बोलना शुरू कर दिया है।

नेपाल भी भारत को दिखा रहा आंख  
नेपाल को हमेशा भारत का दोस्त माना जाता रहा है। लेकिन चीन की शह पर भारत को आंख दिखा रहा है। इतना ही नहीं नेपाल ने भारतीय हिस्से को अपने नक्शे में दिखाने वाला संसोधन भी पास करा लिया है। नेपाल डेढ़ दशक पहले दुनिया का एकमात्र हिन्दू राष्ट्र बना था। लेकिन इसके बाद से चीन प्रेरित माओवादी ताकते नेपाल में भारत विरोधी रुख बना रही हैं। नेपाल 2017 में चीन के वन रोड-वन बेल्ट प्रोजेक्ट में शामिल हुआ है। इतना ही नहीं चीन ने नेपाल में 18 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। ऐसे में चीन नेपाल में भारत विरोधी भावनाएं भड़काने में कामयाब हुआ है। 

नेपाल भी भारत को दिखा रहा आंख  
नेपाल को हमेशा भारत का दोस्त माना जाता रहा है। लेकिन चीन की शह पर भारत को आंख दिखा रहा है। इतना ही नहीं नेपाल ने भारतीय हिस्से को अपने नक्शे में दिखाने वाला संसोधन भी पास करा लिया है। नेपाल डेढ़ दशक पहले दुनिया का एकमात्र हिन्दू राष्ट्र बना था। लेकिन इसके बाद से चीन प्रेरित माओवादी ताकते नेपाल में भारत विरोधी रुख बना रही हैं। नेपाल 2017 में चीन के वन रोड-वन बेल्ट प्रोजेक्ट में शामिल हुआ है। इतना ही नहीं चीन ने नेपाल में 18 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। ऐसे में चीन नेपाल में भारत विरोधी भावनाएं भड़काने में कामयाब हुआ है। 

बांग्लादेश:  भारत-विरोधी ताकतें मजबूत
यूं तो बांग्लादेश में भारत समर्थक सरकार है। लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश में भारत-विरोधी ताकतें मजबूत हैं। बांग्लादेश पर 33 अरब डॉलर का कर्ज का अनुमान है, ऐसे में वह भी चीन की ओर झुक गया है। बांग्लादेश में चीन बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट में 2 लाख 89 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश के 3 बंदरगाहों का आधुनिकीकरण भी कर रहा है। साथ ही पद्मा नदी पर 6.5 किमी पुल भी बना रहा है।

बांग्लादेश:  भारत-विरोधी ताकतें मजबूत
यूं तो बांग्लादेश में भारत समर्थक सरकार है। लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश में भारत-विरोधी ताकतें मजबूत हैं। बांग्लादेश पर 33 अरब डॉलर का कर्ज का अनुमान है, ऐसे में वह भी चीन की ओर झुक गया है। बांग्लादेश में चीन बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट में 2 लाख 89 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश के 3 बंदरगाहों का आधुनिकीकरण भी कर रहा है। साथ ही पद्मा नदी पर 6.5 किमी पुल भी बना रहा है।

श्रीलंका: सरकार भी चीन के पक्ष में
श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे की सरकार है। इनकी सरकार में श्रीलंका ने बड़ा लोन लेकर हम्बनटोटा पोर्ट को 99 साल की लीज पर दे दिया है। साथ ही चीन श्रीलंका में एयरपोर्ट, डेम में भी करीब 36 हजार 480 करोड़ रुपए निवेश कर रहा है।

श्रीलंका: सरकार भी चीन के पक्ष में
श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे की सरकार है। इनकी सरकार में श्रीलंका ने बड़ा लोन लेकर हम्बनटोटा पोर्ट को 99 साल की लीज पर दे दिया है। साथ ही चीन श्रीलंका में एयरपोर्ट, डेम में भी करीब 36 हजार 480 करोड़ रुपए निवेश कर रहा है।

मालदीव: चीन को लीज पर दिए 16 द्वीप
मालदीव में पैठ बनाकर चीन भारत पर निगरानी करना चाहता है। दरअसल, मालदीव में 38 से ज्यादा ऐसे द्वीप हैं, जो अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में जुड़े हुए हैं। चीन ने इन द्वीपों में से 16 द्वीप को लीज पर ले लिया है। अगर चीन इन द्वीपों पर कब्जा कर लेता है तो भारत जहाजों पर आसानी से नजर रख सकता है। इसके अलावा वह जंग जैसी स्थिति में अपने जहाजों को तैनात कर सकता है। 

मालदीव: चीन को लीज पर दिए 16 द्वीप
मालदीव में पैठ बनाकर चीन भारत पर निगरानी करना चाहता है। दरअसल, मालदीव में 38 से ज्यादा ऐसे द्वीप हैं, जो अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में जुड़े हुए हैं। चीन ने इन द्वीपों में से 16 द्वीप को लीज पर ले लिया है। अगर चीन इन द्वीपों पर कब्जा कर लेता है तो भारत जहाजों पर आसानी से नजर रख सकता है। इसके अलावा वह जंग जैसी स्थिति में अपने जहाजों को तैनात कर सकता है। 

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