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वैक्सीन लगवाने के बाद क्या खा सकते हैं और क्या नहीं...एक क्लिक में जान लें पूरी सावधानी

First Published Jan 16, 2021, 1:35 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में आज से यानी शनिवार 16 जनवरी से कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत हो चुकी है। शुरुआती चरण में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को सीरम इंस्टिट्यूट के कोविशील्ड या भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के के शॉट लगाए जाएंगे। वैक्सीन को लेकर हेल्थकेयर प्रोवाइ़डर्स के लिए सरकार ने जरूरी गाइडलाइन्स भी जारी कर दी है। वैक्सीन लगवाने के बाद नई स्टडी में दावा किया जा रहा है कि वैक्सीनेशन के बाद खाने-पीने की कुछ चीजों से परहेज करने के बारे में बताया है। मोटापा कर सकता है वैक्सीन के प्रभाव को कम...

मीडिया रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट के हवाले से पूछा जा रहा है कि इंसान को मोटापा किसी भी शॉट के प्रभाव को कम कर सकता है, फिर चाहे वो फ्लू, हेपाटाइटिस-बी, रेबीज या किसी अन्य बीमारी का वैक्सीन ही क्यों न ले रहे हों। 'कायजर फाउंडेशन' की रिपोर्ट के हवाले से खबरों में कहा जा रहा है कि 'बॉडी के इम्यून सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की वजह से ऐसा होता है।' 

मीडिया रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट के हवाले से पूछा जा रहा है कि इंसान को मोटापा किसी भी शॉट के प्रभाव को कम कर सकता है, फिर चाहे वो फ्लू, हेपाटाइटिस-बी, रेबीज या किसी अन्य बीमारी का वैक्सीन ही क्यों न ले रहे हों। 'कायजर फाउंडेशन' की रिपोर्ट के हवाले से खबरों में कहा जा रहा है कि 'बॉडी के इम्यून सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की वजह से ऐसा होता है।' 

'एक हेल्दी इम्यून सिस्टम जरूरत पड़ने पर इन्फ्लेमेशन को बंद या चालू करता है। यह व्हाइट ब्लड सेल्स प्रड्यूस करता है और इंफेक्शन से लड़ने के लिए प्रोटीन बनाता है।'

'एक हेल्दी इम्यून सिस्टम जरूरत पड़ने पर इन्फ्लेमेशन को बंद या चालू करता है। यह व्हाइट ब्लड सेल्स प्रड्यूस करता है और इंफेक्शन से लड़ने के लिए प्रोटीन बनाता है।'

रिसर्चर्स के अनुसार कहा जा रहा है कि एक वैक्सीन इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस (जलन) को नियंत्रण में रखती हैं, लेकिन मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर लेवल जैसे मेटाबॉलिक रिस्क फैक्टर वाले लोगों की बल्ड सैंपल रिपोर्ट बताती है कि उन्हें हल्के इन्फ्लेमेशन का अनुभव होता है। 

रिसर्चर्स के अनुसार कहा जा रहा है कि एक वैक्सीन इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस (जलन) को नियंत्रण में रखती हैं, लेकिन मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर लेवल जैसे मेटाबॉलिक रिस्क फैक्टर वाले लोगों की बल्ड सैंपल रिपोर्ट बताती है कि उन्हें हल्के इन्फ्लेमेशन का अनुभव होता है। 

ये इन्फ्लेमेशन काफी समय तक रह सकता है। साधारण शब्दों में इसका मतलब समझाया जाए तो इस कंडीशन में वैक्सीन ठीक तरह से अपना काम नहीं कर पाती है। एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा जा रहा है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड, हाई शुगर और फैट की ज्यादा मात्रा मोटापा बढ़ने के लिए जिम्मेदार होती है।' 

ये इन्फ्लेमेशन काफी समय तक रह सकता है। साधारण शब्दों में इसका मतलब समझाया जाए तो इस कंडीशन में वैक्सीन ठीक तरह से अपना काम नहीं कर पाती है। एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा जा रहा है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड, हाई शुगर और फैट की ज्यादा मात्रा मोटापा बढ़ने के लिए जिम्मेदार होती है।' 

ये कोविड19 की वैक्सीन प्रति उनके इम्यून को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, वो वैक्सीन लगने पर खाने की कुछ चीजों का परहेज करने की सलाह देते हैं। 

ये कोविड19 की वैक्सीन प्रति उनके इम्यून को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, वो वैक्सीन लगने पर खाने की कुछ चीजों का परहेज करने की सलाह देते हैं। 

एक्सपर्ट्स के वाले बताया जा रहा है कि जो लोग कोरोना की वैक्सीन ले रहे हैं, उन्हें खाने-पीने में कुछ चीजों का ख्याल रखना जरूरी है। इसमें शुगर ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड, एनर्जी ड्रिंक्स, फास्ट फूड या एल्कोहॉलिक पदार्थों का सेवन बिल्कुन नहीं करना है। 

एक्सपर्ट्स के वाले बताया जा रहा है कि जो लोग कोरोना की वैक्सीन ले रहे हैं, उन्हें खाने-पीने में कुछ चीजों का ख्याल रखना जरूरी है। इसमें शुगर ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड, एनर्जी ड्रिंक्स, फास्ट फूड या एल्कोहॉलिक पदार्थों का सेवन बिल्कुन नहीं करना है। 

इनमें फैट, सोडियम, शुगर की अत्यधिक मात्रा वजन बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, जोड़ों में दर्द, किडनी की समस्या, हार्ट डिसीज, हाई कॉलेस्ट्रॉल और हार्मोनल समस्या के लिए भी जिम्मेदार होते हैं। 

इनमें फैट, सोडियम, शुगर की अत्यधिक मात्रा वजन बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, जोड़ों में दर्द, किडनी की समस्या, हार्ट डिसीज, हाई कॉलेस्ट्रॉल और हार्मोनल समस्या के लिए भी जिम्मेदार होते हैं। 

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