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कोरोना वायरस; जापान को उतारनी पड़ी सेना, 138 भारतीयों संग बीच समुद्र में फंसे हैं हजारों लोग

First Published Feb 9, 2020, 12:06 PM IST
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बीजिंग. चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देख जापान ने इससे बचाव के लिए अपनी सेना उतार दी है। दरअसल जापान के योकोहामा में एक क्रूज शिप खड़ा है जिसमें कोरोना से पीड़ित मरीज भरे हुए हैं। इस जहाज को जापान सरकार ने वहीं रोक दिया है। डायमंड प्रिंसेज नाम के इस शिप पर अब जापान सेना भेजने की तैयारी में है। 

योकोहामा पोर्ट के पास यह जहाज पिछले कई दिनों से खड़ा है और कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा संक्रमित रोगी अब इस जहाज पर हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस जहाज पर कुल 3,700 यात्री सवार हैं जिनमें से 138 भारतीय हैं। इनमें 6 यात्री और 132 स्टाफ भारतीय नागरिक हैं। हॉन्ग कॉन्ग में इस जहाज पर मौजूद एक व्यक्ति में कोरोना वायरस के संक्रमण का पता चला था। जिसके बाद इस जहाज को जापान में रोक दिया गया था।

योकोहामा पोर्ट के पास यह जहाज पिछले कई दिनों से खड़ा है और कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा संक्रमित रोगी अब इस जहाज पर हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस जहाज पर कुल 3,700 यात्री सवार हैं जिनमें से 138 भारतीय हैं। इनमें 6 यात्री और 132 स्टाफ भारतीय नागरिक हैं। हॉन्ग कॉन्ग में इस जहाज पर मौजूद एक व्यक्ति में कोरोना वायरस के संक्रमण का पता चला था। जिसके बाद इस जहाज को जापान में रोक दिया गया था।

2 नए संक्रमित मामलों की पुष्टि होने के बाद अब जहाज पर कोरोना के रोगियों का आंकड़ा 63 पहुंच गया है लेकिन इनमें कोई भी भारतीय नहीं है। स्टाफ के एक सदस्य ने बातचीत में बताया कि डायमंड प्रिंसेज पर लोगों को निकालने के लिए या फिर चीजों को मैनेज करने के लिए सेना को बुलाया गया है।

2 नए संक्रमित मामलों की पुष्टि होने के बाद अब जहाज पर कोरोना के रोगियों का आंकड़ा 63 पहुंच गया है लेकिन इनमें कोई भी भारतीय नहीं है। स्टाफ के एक सदस्य ने बातचीत में बताया कि डायमंड प्रिंसेज पर लोगों को निकालने के लिए या फिर चीजों को मैनेज करने के लिए सेना को बुलाया गया है।

जहाज के क्रू स्टाफ ने बताया, 'सेना को जहाज पर चीजें मैनेज करने और सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो कराने के लिए बुलाया गया है।' बता दें कि शनिवार को जहाज पर सवाल एक और भारतीय ने उन्हें वहां से निकाले जाने की अपील की थी। जहाज पर स्टीवर्ड के तौर पर तैनात एक 26 वर्षीय कर्मचारी ने कर्नाटक में अपने परिवार को फोन कर उनसे सरकार की मदद लेने को कहा था।

जहाज के क्रू स्टाफ ने बताया, 'सेना को जहाज पर चीजें मैनेज करने और सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो कराने के लिए बुलाया गया है।' बता दें कि शनिवार को जहाज पर सवाल एक और भारतीय ने उन्हें वहां से निकाले जाने की अपील की थी। जहाज पर स्टीवर्ड के तौर पर तैनात एक 26 वर्षीय कर्मचारी ने कर्नाटक में अपने परिवार को फोन कर उनसे सरकार की मदद लेने को कहा था।

गुरुवार को एक और क्रू सदस्य ने फेसबुक पर मदद की गुहार लगाई थी। बिनय कुमार 'सरकार' की एक पोस्ट वायरल हो गई। उन्होंने मीडिया को बताया कि डेक पर अब सभी काम करने पड़ रहे हैं। हम सभी अब यहां मर-मरकर जी रहे हैं। किचन में, सप्लाई और क्लीनिंग जैसे सब काम करने पड़ रहे हैं। कोलकाता में उनके घर में इस अपील के बाद डर का माहौल पैदा हो गया। इस जहाज को अलग रखा गया है और यह समय 19 फरवरी तक पूरा होगा।

गुरुवार को एक और क्रू सदस्य ने फेसबुक पर मदद की गुहार लगाई थी। बिनय कुमार 'सरकार' की एक पोस्ट वायरल हो गई। उन्होंने मीडिया को बताया कि डेक पर अब सभी काम करने पड़ रहे हैं। हम सभी अब यहां मर-मरकर जी रहे हैं। किचन में, सप्लाई और क्लीनिंग जैसे सब काम करने पड़ रहे हैं। कोलकाता में उनके घर में इस अपील के बाद डर का माहौल पैदा हो गया। इस जहाज को अलग रखा गया है और यह समय 19 फरवरी तक पूरा होगा।

वहीं भारत ने भी कोरोना वायरस को लेकर सरकार कड़े कदम उठा रही है। भारत में, चीन में 15 जनवरी या इसके बाद रह चुके चीनी और विदेशी नागरिकों की एंट्री बैन कर दी गई है। भारत सरकार चीनी नागरिकों को कोरोना से संक्रमित होने के शक के आधार पर ही अस्पताल में भर्ती करवा दे रही हैं। भारत में भी कोरोना के एक दो केस सामने आ चुके हैं।

वहीं भारत ने भी कोरोना वायरस को लेकर सरकार कड़े कदम उठा रही है। भारत में, चीन में 15 जनवरी या इसके बाद रह चुके चीनी और विदेशी नागरिकों की एंट्री बैन कर दी गई है। भारत सरकार चीनी नागरिकों को कोरोना से संक्रमित होने के शक के आधार पर ही अस्पताल में भर्ती करवा दे रही हैं। भारत में भी कोरोना के एक दो केस सामने आ चुके हैं।

भारतीयों को करॉना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने चीन से आने वाले यात्रियों के भारत आने पर रोक लगा दी। 15 जनवरी, 2020 या इसके बाद जो भी विदेशी चीन जा चुके हैं, उन्हें भारत में एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे यात्रियों को हवाई, सड़क या समुद्री रास्ते के जरिए भारत आने की अनुमति नहीं है। इसमें नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार की जमीनी बॉर्डर भी शामिल हैं।

भारतीयों को करॉना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने चीन से आने वाले यात्रियों के भारत आने पर रोक लगा दी। 15 जनवरी, 2020 या इसके बाद जो भी विदेशी चीन जा चुके हैं, उन्हें भारत में एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे यात्रियों को हवाई, सड़क या समुद्री रास्ते के जरिए भारत आने की अनुमति नहीं है। इसमें नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार की जमीनी बॉर्डर भी शामिल हैं।

चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 811 हो गई है और इसके संक्रमण के 37,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवाचीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 811 हो गई है और इसके संक्रमण के 37,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवार को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए। र को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए।

चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 811 हो गई है और इसके संक्रमण के 37,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवाचीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 811 हो गई है और इसके संक्रमण के 37,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवार को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए। र को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए।

आयोग के अनुसार 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में इससे अब तक कुल 811 लोगों की जान जा चुकी है और 37,198 मामलों की पुष्टि हुई है। (सभी तस्वीरें डेली मेल से)

आयोग के अनुसार 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में इससे अब तक कुल 811 लोगों की जान जा चुकी है और 37,198 मामलों की पुष्टि हुई है। (सभी तस्वीरें डेली मेल से)

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